सवाल का जवाब सुनने के लिए ओवैसी सदन में नहीं थे मौजूद, स्पीकर बिरला ने कहा- जो सदस्य अबसेंट हो, उसके जवाब न दें

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि यह उनकी राय नहीं है बल्कि यह 'निर्देश' है.

News18Hindi
Updated: July 23, 2019, 7:08 AM IST
सवाल का जवाब सुनने के लिए ओवैसी सदन में नहीं थे मौजूद, स्पीकर बिरला ने कहा- जो सदस्य अबसेंट हो, उसके जवाब न दें
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि यह उनकी राय नहीं है बल्कि यह निर्देश है.
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Updated: July 23, 2019, 7:08 AM IST
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सोमवार को मंत्रियों को निर्देश दिया कि अगर संसद सदस्य सदन में जवाब के दौरान उपस्थित नहीं होते हैं तो सदस्यों द्वारा उठाए गए सवालों और आपत्तियों का जवाब नहीं देंगे.

कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने सूचना के अधिकार (संशोधन) विधेयक, 2019 पर बहस का जवाब देते हुए, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के सदस्य असदुद्दीन ओवैसी द्वारा सदन में मौजूद न होने वाली टिप्पणियों का उल्लेख किया.

उनकी अनुपस्थिति को ध्यान में रखते हुए, अध्यक्ष ने एक फैसला सुनाया कि मंत्री सदस्य द्वारा उठाए गए किसी भी प्रश्न या आपत्ति का जवाब नहीं देंगे, अगर वह जवाब सुनने के लिए सदन में मौजूद नहीं है.

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बिरला ने कहा- 

बिरला ने कहा, 'सदन में (सदस्य) बोल कर चले जते हैं उनका जावब भी क्यों करते हैं ... गलत तो नहीं है.'

लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि यह उनकी राय नहीं  है बल्कि यह 'निर्देश' है.
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इस पर मंत्री ने कहा, 'यह सभी आपत्तियों के जवाब देने के हमारे बोझ को कम करेगा". निर्देश पारित होने के कुछ मिनट बाद, ओवैसी को सदन में आते हुए देखा गया.'

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पहले भी बिरला देते रहे हैं सलाह

बता दें स्पीकर ओम बिरला अक्सर मंत्रियों और चुन कर आए नए सांसदों को सलाह देते रहे हैं. बीते दिनों  स्पीकर ने केंद्रीय मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक को नसीहत देते हुए उन्हें अपने अधिकार से परिचय कराया था.इतना ही नहीं स्पीकर पोखरियाल पर थोड़ा नाराज भी दिखे और उन्हें आसन के अधिकार भी याद दिलाए.

सदन में केंद्रीय शैक्षणिक संस्था (शिक्षकों के काडर में आरक्षण) विधेयक 2019 पर चर्चा हो रही थी और इस बिल को लोकसभा में पारित कर दिया गया. बताया गया कि जब मंत्री रमेश पोखरियाल चर्चा का जवाब दे रहे थे तभी एनसीपी सांसद सुप्रिया सुले ने बिल से जुड़े किसी बिंदु को सदन में उठाने की इच्छा जाहिर की.

सुप्रिया सुले ने इसके लिए सदन में हाथ उठाया और अपनी आपत्ति दर्ज कराई. इस पर मंत्री रमेश पोखरियाल ने अपना भाषण वहीं रोक दिया और उन्हें बोलने की इजाजत देते हुए कहा कि आप कुछ कह रही थीं. सदन में मंत्री के इस व्यवहार पर स्पीकर ने नाराजगी जताते हुए मंत्री को सदन के नियमों से की जानकारी दी.

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First published: July 23, 2019, 6:55 AM IST
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