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पाकिस्‍तान-चीन सीमा पर घुसपैठ रोकने के लिए आकाश मिसाइल तैनात करेगी भारतीय सेना

News18Hindi
Updated: October 21, 2019, 7:22 PM IST
पाकिस्‍तान-चीन सीमा पर घुसपैठ रोकने के लिए आकाश मिसाइल तैनात करेगी भारतीय सेना
रक्षा मंत्रालय सेना के 10,000 करोड़ रुपये के प्रस्ताव पर चर्चा को तैयार हो गया है. प्रस्‍ताव के तहत आकाश प्राइम या बेहतर प्रदर्शन वाली आकाश मिसाइल की दो रेजीमेंट का अधिग्रहण किया जाएगा.

रक्षा मंत्रालय (Ministry of Defence) सेना के 10,000 करोड़ रुपये के प्रस्ताव पर चर्चा को तैयार हो गया है. प्रस्‍ताव के तहत आकाश प्राइम या बेहतर प्रदर्शन वाली आकाश मिसाइल की दो रेजीमेंट का गठन (Procurement) किया जाएगा. आकाश प्राइम मिसाइल सेना के पास मौजूद मिसाइल सिस्टम का अपग्रेडेड वर्जन (Upgraded Virsion) होगी. आकाश मिसाइल का निर्माण भारत में रक्षा अनुसंधान व विकास परिषद (DRDO) ने किया था. आकाश मिसाइल मध्यम रेंज की जमीन से हवा में मार करने वाली मिसाइल (Surface to Air Missile) है.

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  • Last Updated: October 21, 2019, 7:22 PM IST
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नई दिल्‍ली. चीन (China) और पाकिस्तान (Pakistan) से लगती सीमाओं (Borders) के पहाड़ी रास्‍तों से होने वाली किसी भी घुसपैठ (Infiltration) को रोकने के लिए भारतीय सेना (Indian Army) आकाश मिसाइलें (Akash Missiles) तैनात करेगी. रक्षा मंत्रालय सेना को इसकी मंजूरी देने पर विचार कर रहा है. केंद्र सरकार इससे जुड़े 10,000 करोड़ रुपये के सेना के प्रस्‍ताव पर चर्चा के लिए तैयार हो गई है. सेना इस रकम से आकाश मिसाइलों की दो रेजीमेंट्स का गठन कर 15,000 फीट की ऊंचाई पर तैनात करेगी. नई आकाश मिसाइलों का प्रदर्शन पिछली मिसाइलों के मुकाबले बेहतर होगा. इन्हें लद्दाख (Ladakh) जैसे ऊंची जगहों पर तैनात किया जाएगा ताकि पाकिस्तान और चीन से लगती सीमाओं की सुरक्षा की जा सके.

डीएसी की बैठक में सेना के 10 हजार करोड़ के प्रस्‍ताव पर की जाएगी चर्चा
सूत्रों के मुताबिक, रक्षा मंत्रालय (Ministry of Defence) सेना के 10,000 करोड़ रुपये के प्रस्ताव पर चर्चा को तैयार हो गया है. प्रस्‍ताव के तहत आकाश प्राइम या बेहतर प्रदर्शन वाली आकाश मिसाइल की दो रेजीमेंट का गठन (Procurement) किया जाएगा. आकाश प्राइम मिसाइल सेना के पास मौजूद मिसाइल सिस्टम का अपग्रेडेड वर्जन (Upgraded Virsion) होगी. सेनाध्यक्ष (Army Chief) जनरल बिपिन रावत (General Bipin Rawat) और रक्षा मंत्री (Defence Minister) राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) के लद्दाख से वापस आने पर सोमवार को रक्षा अधिग्रहण परिषद (Defence Acquisition Council) की बैठक में इस पर चर्चा होगी.

सेना के पास पहले से हैं दो रेजीमेंट, दो और का करना चाहती है गठन

आकाश मिसाइल का निर्माण भारत में रक्षा अनुसंधान व विकास परिषद (DRDO) ने किया था. सुरक्षा बलों ने आकाश मिसाइल को सफल माना है. सेना के पास पहले से ही आकाश मिसाइल की दो रेजीमेंट हैं. वह दो नई रेजीमेंट का गठन करना चाहती है. दोनों नई रेजीमेंट को पाकिस्तान और चीन की सीमा पर तैनात किया जाएगा. सेना को मिसाइल सिस्टम को लेकर कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. इसका उत्पादन भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) और भारत डायनामिक्स लिमिटेड (BDL) करती हैं. पहले आकाश मिसाइल की दो रेजीमेंट के ऑर्डर को विदेशी कंपनियों को दिया जाना था, लेकिन केंद्र सरकार ने 'मेक इन इंडिया' के पक्ष में फैसला किया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की अध्यक्षता वाली केंद्रीय मंत्रिमंडल की सुरक्षा संबंधी समिति (CCS) ने हाल में वायुसेना (Air Force) के लिए सतह से हवा में मिसाइल के सात स्क्वाड्रन खरीदने को मंजूरी दी.

ध्‍वनि की गति से साढ़े तीन गुना तेजी से लक्ष्‍य तबाह कर सकती है ये मिसाइल
आकाश मिसाइल सिस्टम हर स्थिति में कारगर साबित होनी वाली मध्यम रेंज की जमीन से हवा में मार करने वाली मिसाइल ( Surface to Air Missile) है. यह मिसाइल लड़ाकू विमान (Fighter Planes), क्रूज मिसाइल (Cruise Missile), हवा से जमीन में मार करने वाली मिसाइल और बैलास्टिक मिसाइलों (Ballistic Missile) को निशाना बना सकती है. आकाश मिसाइलें ध्वनि की गति से साढ़े तीन गुना तेजी के साथ लक्ष्‍य तबाह कर सकती हैं. विशेष रडार सिस्टम से लैस ये मिसाइलें एक साथ दुश्मनों के 40 लक्ष्‍यों को ट्रैक कर सकती हैं और सतह से हवा में 30 किमी दूरी पर दुश्‍मन के ठिकानों को नेस्‍तनाबूद कर सकती हैं.
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First published: October 21, 2019, 6:17 PM IST
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