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    गिलगिट-बाल्टिस्तान में पाकिस्तान कराएगा इलेक्शन, भारत ने कहा- वो हमारा अभिन्न हिस्सा है

    पाकिस्तान अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रहा.
    पाकिस्तान अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रहा.

    पाकिस्तान (Pakistan) ने अगले महीने 15 नवंबर को गिलगिट-बाल्टिस्तान (Gilgit-Baltistan) में विधानसभा चुनाव कराने की घोषणा की है. जिस पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है.

    • News18Hindi
    • Last Updated: September 29, 2020, 2:03 PM IST
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    नई दिल्ली. पाकिस्तान (Pakistan) ने गिलगिट-बाल्टिस्तान (Gilgit-Baltistan) में 15 नवंबर को विधानसभा चुनाव कराने की घोषणा की है. पाक के इस निर्णय पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने एक बार फिर आपत्ति जाहिर की है. मंगलवार को एक बयान जारी कर मंत्रालय ने कहा कि  तथाकथित गिलगित और बाल्टिस्तान सहित जम्मू-कश्मीर और लद्दाख  भारत का अभिन्न अंग है.

    मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा, 'हमने 15 नवंबर, 2020 को होने वाले तथाकथित 'गिलगित-बाल्टिस्तान' विधानसभा के चुनावों के बारे में रिपोर्ट देखी है. भारत सरकार ने पाकिस्तान सरकार के समक्ष कड़ा विरोध व्यक्त किया और दोहराया है कि तथाकथित गिलगित और बाल्टिस्तान सहित जम्मू-कश्मीर और लद्दाख  भारत का अभिन्न अंग है.'

    जबरन कब्जे वाले क्षेत्र में परिवर्तन का हम कर रहे विरोध- भारत
    मंत्रालय ने कहा, 'भारत सरकार ने हाल ही में तथाकथित 'गिलगित-बाल्टिस्तान (चुनाव और कार्यवाहक सरकार) संशोधन आदेश 2020' जैसे एक्शन को पूरी तरह से खारिज कर दिया है. पाकिस्तान द्वारा अवैध और जबरन कब्जे के तहत क्षेत्रों में परिवर्तन लाने की कोशिश का हम विरोध करते हैं.'
    इससे पहले गुरुवार को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने डिजिटल प्रेस वार्ता में गिलगिट-बाल्टिस्तान में चुनाव कराने की घोषणा करने पर पाकिस्तान पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि 'सैन्य माध्यम से कब्जा किये गए क्षेत्र की स्थिति में बदलाव करने के किसी कदम का कोई वैध आधार नहीं है. सैन्य माध्यम से कब्जा किये गए क्षेत्र गिलगिट-बाल्टिस्तान की स्थिति में बदलाव करने के किसी कदम का कोई वैध आधार नहीं है और यह आरंभ से ही अवैध है.'





    इस मुद्दे पर पाकिस्तानी नेतृत्व के बयानों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान का भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने का कोई अधिकार नहीं है . हमारा रुख स्पष्ट और सतत है. संपूर्ण जम्मू- कश्मीर और लद्दाख, भारत का अभिन्न हिस्सा है और हमेशा रहेगा.
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