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स्वास्थ्य मंत्रालय ने रेलवे में बनाए गए कोविड केयर कोचों के लिए जारी की SOP

कोविड कोच को लेकर स्वास्थ्य मंत्रालय ने एसओपी जारी की है

कोविड कोच को लेकर स्वास्थ्य मंत्रालय ने एसओपी जारी की है

एसओपी (SOP) के मुताबिक राज्य सरकारों को हर ट्रेन के लिए कम से कम एक कोविड स्पेशल हॉस्पिटल (Covid Special Hospital) बनाना होगा जिससे कि आपातकालीन स्थिति में मरीज को वहां शिफ्ट किया जा सके.

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    नई दिल्ली. स्वास्थ्य मंत्रालय (Health Ministry) ने रेलवे (Railway) द्वारा ट्रेनों में बनाए गए कोविड केयर कोचों (Covid Care Coach) के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (Standard Operating Procedure) जारी की है. मानक संचालन प्रक्रिया के मुताबिक ट्रेनों में कोविड केयर कोच बनाने का मकसद लक्षणों वाले संक्रमित और पहले से बीमार मरीजों को इलाज मुहैया कराना है. लक्षणों के बदलने या फिर स्वास्थ्य संबंधी कारणों के चलते मरीज को नजदीकी अस्पताल में शिफ्ट किया जा सकता है.

    एसओपी में निर्देश दिए गए हैं कि जरूरत पड़ने पर कोविड-19 के मरीजों को रेलवे द्वारा तैयार किए गए बेड दिए जाएंगे. सभी स्पेशल ट्रेन के कोचों को स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रोटोकॉल के हिसाब से साफ और विसंक्रमित किया जाएगा. सूची में दिए गए सभी 215 स्टेशनों पर ये कोच तैनात किये जा सकते हैं.

    नोडल अधिकारियों की होगी तैनाती
    रेलवे इसके लिए राज्य के आधार पर नोडल अधिकारियों की तैनाती करेगा जिससे कि वह राज्य और केंद्रशासित प्रदेश की सरकारों को साथ समन्वय स्थापित कर सकें.

    मानक संचालन प्रक्रिया के मुताबिक राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को अपनी मांगें अपने नोडल ऑफिसर को बतानी होंगी ये अधिकारी रेलवे के नोडल अधिकारियों को अपनी मांग बताएंगे जिसके बाद कोच राज्य और केंद्रशासित प्रदेशों को ये कोच दिए जाएंगे.

    रेलवे द्वारा कोच दिए जाने के बाद ट्रेन तमाम बुनियादी जरूरतों के साथ संबंधित स्टेशन पर खड़ी की जाएगी और जिला कलेक्टर और जिला मजिस्ट्रेट को सौंप दी जाएगी.

    हर ट्रेन के लिए बनाया जाएगा एक कोविड स्पेशल अस्पताल
    एसओपी के मुताबिक राज्य सरकारों को हर ट्रेन के लिए कम से कम एक कोविड स्पेशल हॉस्पिटल बनाना होगा जिससे कि आपातकालीन स्थिति में मरीज को वहां शिफ्ट किया जा सके. केंद्र और राज्य सरकारों को इनके लिए उपयुक्त एंबुलेंस की व्यवस्था करनी होगी जिससे मरीज को शिफ्ट किया जा सके. विशेष रूप से एक बेसिक लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस जिसमें कि ऑक्सीजन और एंबुबैग की व्यवस्था हो, वह जिस रेलवे स्टेशन पर ट्रेन खड़ी है वहां तैनात की जाएगी.

    सरकार द्वारा साझा की गई सूची में 85 स्टेशनों पर रेलवे जरूरी हेल्थकेयर स्टाफ मुहैया कराएगा.  संबंधित राज्य/केंद्रशासित प्रदेश अन्य 130 स्टेशनों पर कोच को तैनात करने संबंधी अनुरोध तभी करेंगी जब वह वहां पर स्वाथ्यकर्मी और जरूरी दवाएं उपलब्ध कराने की हालत में होंगी. वह सभी सामान जो कि स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा कोविड केयर सेंटर्स के लिए सुझाया गया है उन सभी के लिए रेलवे जिम्मेदार होगा. इसमें हर कोच के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर और अन्य सामान जैसे लिनेन भी शामिल हैं.

    आरपीएफ करेगी सुरक्षा
    एसओपी में कहा गया है कि ट्रेन में नियुक्त किए गए स्टाफ संबंधित जिले के चीफ मेडिकल एंड हेल्थ ऑफिसर को या फिर मजिस्ट्रेट या कलेक्टर द्वारा तय नोडल अधिकारी को रिपोर्ट करेंगे.

    बिजली विभाग सभी जगहों पर बिजली की निर्बाधित आपूर्ति सुनिश्चित करेगा. एसओपी के मुताबिक जहां भी जरूरत होगी कैटरिंग की व्यवस्था आईआरसीटीसी/कमर्शियल विभाग द्वारा की जाएगी.

    रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स सभी कोच, मरीज और स्टाफ की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी.

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