सभी बाल विवाह होंगे अमान्य, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय कैबिनेट को भेजेगा प्रस्ताव

मंत्रालय बाल विवाह पर रोक अधिनियम की धारा तीन में बदलाव करना चाहता है


Updated: July 18, 2018, 5:15 PM IST
सभी बाल विवाह होंगे अमान्य, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय कैबिनेट को भेजेगा प्रस्ताव
Image for representative purposes only

Updated: July 18, 2018, 5:15 PM IST
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय बाल विवाह के खिलाफ मंत्रिमंडल का रूख करने वाला है.सभी बाल विवाहों को अमान्य करने के लिए मंत्रालय कैबिनेट को प्रस्ताव भेजेगा. मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने  बताया कि यदि इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाती है तो इससे उस कानून में संशोधन हो जाएगा, जो बाल विवाहों को जारी रखने की इजाजत देता है.

हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने अक्तूबर 2017 में अपने आदेश में कहा था कि नाबालिग पत्नी के साथ यौन संबंध रेप माना जाएगा, क्योंकि किसी भी परिस्थिति में 18 साल से कम उम्र की लड़की यौन संबंधों की सहमति या इच्छा नहीं जाहिर कर सकती है.

वर्तमान में, भारत में बाल-विवाह वैध है. लेकिन वयस्क होने के दो साल के अंदर दोनों पक्षों में कोई एक, या उनके नाबालिग रहने की स्थिति में एक अभिभावक जिला अदालत में मामला दर्ज कराते हैं, तो इसे रद्द किया जा सकता है.

मंत्रालय बाल विवाह पर रोक अधिनियम की धारा तीन में बदलाव करना चाहता है.

अधिकारी ने बताया कि एक मसौदा कैबिनेट नोट वितरित किया गया है, जो बाल विवाहों को शुरू से ही अमान्य करने का प्रस्ताव है.

गौरतलब है कि भारत में लड़की की शादी की कानूनी उम्र 18 साल जबकि लड़के लिए 21 साल है.

साल 2011 के जनगणना पर आधारित एक अध्ययन के मुताबिक देश में 2. 3 करोड़ बालिका वधु हैं.
Loading...
 
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर