बालाकोट एयरस्ट्राइक: स्क्वॉड्रन लीडर मिंटी अग्रवाल ने बताया पाकिस्तान के पायलट्स को कैसे खदेड़ा

भारतीय वायुसेना को कुल 13 पुरस्कार मिले हैं, जिनमें पांच युद्ध सेवा पदक और सात वायु सेना पदक शामिल हैं. मिंटी अग्रवाल के अलावा युद्ध सेवा पदक के विजेता एयर कमांडर सुनील काशीनाथ विधाते, ग्रुप कैप्टन यशपाल सिंह नेगी, ग्रुप कैप्टन हेमंत कुमार, ग्रुप कैप्टन हैंसेल जोसेफ सेकीरा हैं.

News18Hindi
Updated: August 15, 2019, 3:52 PM IST
बालाकोट एयरस्ट्राइक: स्क्वॉड्रन लीडर मिंटी अग्रवाल ने बताया पाकिस्तान के पायलट्स को कैसे खदेड़ा
मिंटी अग्रवाल
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Updated: August 15, 2019, 3:52 PM IST
पाकिस्तान के बालाकोट में हुई एयरस्ट्राइक में अहम भूमिका निभाने वाली महिला IAF अधिकारी मिंटी अग्रवाल को युद्ध सेवा पदक से सम्मानित किया जा रहा है. स्क्वॉड्रन लीडर मिंटी अग्रवाल ने इस मौके पर बालाकोट एयरस्ट्राइक की बातें साझा कीं. उन्होंने बताया कि 26 फरवरी को भारतीय वायुसेना ने बालाकोट में कैसे पाकिस्तानी पायलट्स के छक्के छुड़ाए थे.

ड्रन लीडर मिंटी अग्रवाल ने बताया, 'मेरे पास उस दिन के अनुभव को बताने के लिए शब्द नहीं हैं. कंट्रोल रूम में जब पाकिस्तान एयरफोर्स की तरफ से रेड शुरू हुई, तो अचानक ही मेरी पूरी स्क्रीन पर लाइट्स नज़र आने लगीं. स्क्रीन पर काफी सारे रेड लाइट्स थे, जिसका मतलब दुश्मन के एयरक्राफ्ट से था.'

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उन्होंने बताया, 'फाइट कंट्रोलर के तौर पर ये मेरी ड्यूटी थी कि मैं अपने एयरक्राफ्ट को गाइड करूं. इसके साथ ही मुझे पायलट्स को ये सूचना भी देनी थी कि वो किन हथियारों का प्रयोग कर सकते हैं. उन्हें कब और कहां से मिसाइल लॉन्च करना चाहिए. ठीक उसी समय मेरा पूरा ध्यान इस पर था कि भारतीय एयरक्राफ्ट पूरी तरह से सुरक्षित रहने चाहिए.'


मिंटी आगे बताती हैं, 'मैं विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान को भी निर्देश दे रही थी. मैंने उन्हें हवा में क्या स्थिति है ये पूरी तरह से समझाया. इसी दौरान पाकिस्तानी एयरक्राफ्ट की स्थिति के बारे में उन्हें बताया और उन्होंने अपने टार्गेट पर अचूक निशाना साधा. मैंने अपनी आंखों के सामने ही स्क्रीन पर F-16 को हवा में गिरते हुए देखा था.'


उन्होंने बताया, 'मुझसे पूछा गया कि क्या स्क्रीन पर से रेड लाइट गायब हो गया और मैंने कहा, हां! लेकिन हमारे पास सेलिब्रेशन का कोई मौका नहीं था. इस ऑपरेशन में भारतीय सेना का कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ. जब हमें पता चला कि विंग कमांडर अभिनंदन सुरक्षित हैं और उनकी वतन वापसी हो रही है, तो मेरी खुशी का ठिकाना नहीं था. यह सिर्फ मेरे लिए राहत और खुशी का मौका नहीं था, बल्कि पूरे देश के लिए बहुत खुशी का मौका था.'
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अधिकारियों ने कहा कि भारतीय वायु सेना के विमानों के एक बड़े पैकेज को जम्मू-कश्मीर के नौशेरा सेक्टर की ओर ले जाने के एक दिन बाद 27 फरवरी को स्क्वॉड्रन लीडर मिंटी अग्रवाल ने भारतीय वायुसेना की टीमों को सतर्क किया. उन्होंने कहा कि उनकी कार्रवाई से भारतीय वायुसेना को पाकिस्तानी आक्रामकता का जवाब देने में मदद मिली. इसी भिड़ंत में विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान ने पाक F-16 को मार गिराया था. मिंटी इस समया 31 वर्ष की हैं. इससे पहले भी उन्हें कई पदक मिल चुके हैं.

कैप्टन अभिनंदन


बता दें कि भारतीय वायुसेना को कुल 13 पुरस्कार मिले हैं, जिनमें पांच युद्ध सेवा पदक और सात वायु सेना पदक शामिल हैं. मिंटी अग्रवाल के अलावा युद्ध सेवा पदक के विजेता एयर कमांडर सुनील काशीनाथ विधाते, ग्रुप कैप्टन यशपाल सिंह नेगी, ग्रुप कैप्टन हेमंत कुमार, ग्रुप कैप्टन हैंसेल जोसेफ सेकीरा हैं.

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First published: August 15, 2019, 3:52 PM IST
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