जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में शुरू होगा 'मिशन विकास'

Shailendra Wangu | News18Hindi
Updated: August 22, 2019, 6:21 PM IST
जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में शुरू होगा 'मिशन विकास'
मोदी सरकार जल्द ही जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के विकास के लिए ब्लू-प्रिंट तैयार करेगी. (सांकेतिक तस्वीर)

जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) और लद्दाख (Ladakha) के विकास के लिए केंद्र ने तैयारी शुरू कर दी है. इस सिलसिले में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मंगलवार को उच्च-स्तरीय बैठक बुलाई है.

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अनुच्छेद 370 (Article 370) हटाए जाने के बाद पीएम मोदी ने अपने पहले संबोधन में कहा था कि यह एक ऐसी व्यवस्था थी जिसमें जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) और लद्दाख (Ladakh) के लोग अनेक अधिकारों से वंचित थे. पीएम मोदी (PM Modi) ने कहा था कि अब सरकार दोनों केंद्र शासित प्रदेशों के विकास के लिए काम करेगी. अपने वादे पर आगे बढ़ते हुए मोदी सरकार जल्द ही जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के विकास के लिए ब्लू-प्रिंट तैयार करेगी.

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के विकास के लिए केंद्र ने तैयारी शुरू कर दी है. इस सिलसिले में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मंगलवार को उच्च-स्तरीय बैठक बुलाई है. धारा 370 हटाए जाने के बाद विकास को लेकर यह पहली बड़ी बैठक होगी, जिसकी अध्यक्षता गृह सचिव राजीव गाबा करेंगे.

इस बैठक में केंद्रीय मंत्रालयों के सचिव स्तर के अधिकारी शामिल होंगे और दोनों केंद्र शासित प्रदेशों के विकास की रूपरेखा तैयार होगी. बिजली, पानी, सड़क और मूलभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए इस बैठक में चर्चा हो सकती है. विभिन्न विभागों को शामिल कर इस बैठक के जरिए आने वाले दिनों में दोनों केंद्र शासित प्रदेशों की तस्वीर बदलने की शुरुआत जा रही है.

इस बैठक में MHA के कश्मीर विभाग के अधिकारी भी शामिल होंगे और जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन एक्ट पर भी चर्चा होगी.

घर-घर जाकर फैसले के फायदों के बारे में बताएंगे अधिकारी
सूत्रों के मुताबिक आने वाले दिनों में जम्मू-कश्मीर के IAS और कश्मीर एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विसेज (KAS) के अधिकारी, अनुच्छेद 370 (Article 370) हटाने से होने वाले फायदे की जानकारी कम से कम 20-20 स्थानीय परिवारों तक पहुंचाएंगे. इसके अलावा अनुच्छेद 370 के हटने से स्थितियों में क्या-क्या सुधार आएगा इसका भी लेखा-जोखा अधिकारी परिवारों को देंगे. इन फायदों के बारे में बताने के लिए सरकार अखबार, टीवी, रेडियो और दूसरे प्रचार माध्यमों का सहारा भी लेगी.

राजनीतिक नेताओं की रिहाई पर स्तिथि स्पष्ट नहीं
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जानकार सूत्रों ने न्यूज18 से कहा जिन कश्मीरी नेताओं को नजरबंद किया गया था, उनकी रिहाई को लेकर अभी स्तिथि स्पष्ट नहीं. पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला (Omar Abdullah) और महबूबा मुफ्ती (Mehbooba Mufti) समेत अन्य कश्मीरी नेता फिलहाल नजरबंद हैं. सूत्रों ने बताया कि इन नेताओं को कश्मीर के हालात देखते हुए एहतियातन नजरबंद किया गया और उनकी रिहाई पर फैसला स्थानीय प्रशासन को लेना है.

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First published: August 22, 2019, 6:19 PM IST
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