Chandrayaan-2: फिर खड़ा होगा विक्रम, ISRO ने कहा- चांद पर सलामत है लैंडर- Video

News18Hindi
Updated: September 9, 2019, 6:24 PM IST
Chandrayaan-2: फिर खड़ा होगा विक्रम, ISRO ने कहा- चांद पर सलामत है लैंडर- Video
इसरो ने रविवार को जानकारी दी कि 'विक्रम' की लोकेशन पता चल गई है.

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने रविवार को जानकारी दी कि चंद्रयान-2 (Chandrayaan-2) के लैंडर विक्रम की लोकेशन पता चल गई है. चांद से टकराने के बावजूद ये सही-सलामत है. इसरो विक्रम से संपर्क साधने में जुटा है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 9, 2019, 6:24 PM IST
  • Share this:
बेंगलुरु. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के 978 करोड़ रुपये लागत वाले चंद्रयान-2 मिशन (Chandrayaan-2 Mission) में अभी बहुत कुछ बाकी है. सोमवार को इसरो ने बड़ी खुशखबरी दी. इसरो ने बताया कि चांद की सतह पर हार्ड लैंडिंग के बाद चंद्रयान-2 (Chandrayaan-2) के लैंडर 'विक्रम' (Vikram) को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है. इसमें कोई भी टूट-फूट नहीं हुई है. इसरो लैंडर के साथ फिर से संपर्क स्थापित करने की हर संभव कोशिश कर रहा है. उम्मीद है कि इसरो जल्द ही विक्रम से संपर्क स्थापित करने में कामयाब होगा.

इसरो ने रविवार को जानकारी दी कि 'विक्रम' की लोकेशन पता चल गई है. इसके साथ ही इसरो का काउंटडाउन शुरू हो गया. वैज्ञानिकों ने आशंका जताई थी कि चांद से टकराने के बाद विक्रम को नुकसान पहुंचा है. लेकिन, सोमवार को इसरो को कुछ राहत मिली. अब इसरो के पास लैंडर विक्रम से संपर्क साधने के लिए 12 दिन बचे हैं, वरना 'मिशन चंद्र' पूरा होने की उम्मीदें खत्म हो सकती हैं.

दरअसल, चांद पर अभी लूनर डे चल रहा है. एक लूनर डे धरती के 14 दिनों का होता है. इसमें से 2 दिन चले गए हैं. मतलब यह है कि आने वाले 12 दिन चांद पर दिन रहेगा. उसके बाद चांद पर रात हो जाएगी. रात में विक्रम से संपर्क साधने में परेशानी होगी और इसरो का इंतजार लंबा हो जाएगा.

chandrayaan-2
चंद्रयान -2 को 22 जुलाई को लॉन्च किया गया था.


इसरो के एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि लैंडर के फिर सक्रिय होने की संभावनाओं से इनकार नहीं किया जा सकता. उन्होंने कहा, ‘लेकिन कुछ सीमाएं हैं. हमें भूस्थिर कक्षा में अंतरिक्ष यान (जिनका संपर्क टूट गया) की बहाली का अनुभव है, लेकिन यहां (विक्रम के मामले में) बहुत अधिक गुंजाइश नहीं है. वह पहले ही चंद्रमा की सतह पर पड़ा है और हम उसे फिर से ठीक नहीं कर सकते.’

चांद से 2.1 किलोमीटर दूरी पर खो गया था विक्रम
इसके पहले इसरो के चेयरमैन के. सिवान ने बताया था कि शुक्रवार देर रात चांद से महज 2 किलोमीटर की दूरी पर आकर लैंडर विक्रम खो गया था. चांद की सतह की ओर बढ़ा लैंडर विक्रम का चांद की सतह से 2.1 किलोमीटर पहले संपर्क टूट गया था. इससे ठीक पहले सब कुछ ठीकठाक चल रहा था, लेकिन इस अनहोनी से इसरो के कंट्रोल रूम में अचानक सन्नाटा पसर गया.
Loading...

लैंडर के अंदर ही है रोवर 'प्रज्ञान'
साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि रोवर प्रज्ञान अभी भी लैंडर के अंदर है. यह बात चंद्रयान-2 के ऑनबोर्ड कैमरे के जरिए खींची गई लैंडर की तस्वीर को देखकर पता चलती है. साथ ही इसरो ने यह भी बताया कि चंद्रयान 2 का ऑर्बिटर जो कि पूरी तरह से सुरक्षित है और सही तरह से काम कर रहा है. वह लगातार चंद्रमा के चक्कर लगा रहा है.

बता दें कि इसरो ने 22 जुलाई को चंद्रयान-2 की सफलतापूर्वक लॉन्चिंग की थी. चंद्रयान-2 के तीन हिस्से हैं. ऑर्बिटर, लैंडर विक्रम और रोवर प्रज्ञान. ऑर्बिटर फिलहाल अपना काम कर रहा है. ये एक साल तक चांद की तस्वीरें भेजता रहेगा. (PTI इनपुट के साथ)

वीडियो देखें


ये भी पढ़ें:- 

ISRO चीफ सिवन का दावा- असफल नहीं हुआ चंद्रयान-2, अगले 14 दिनों तक कोशिश जारी
चंद्रयान-2: चांद पर लैंडर विक्रम का पता चला, जानें अब आगे क्या करेगा इसरो
मिशन मून: बड़े काम का है चंद्रयान-2 का ऑर्बिटर, 7 साल तक देता रहेगा डेटा

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: September 9, 2019, 1:59 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...