Mission Paani: पानी बचाना सिर्फ सरकार का काम नहीं है- अमिताभ बच्चन

Mission Paani: पानी बचाना सिर्फ सरकार का काम नहीं है- अमिताभ बच्चन
'मिशन पानी' के कैंपेन में गडकरी

मिशन पानी (Mission Paani) को लॉन्च करते हुए अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) ने कहा, 'जल है तो कल है. सोचिए कल अगर पानी खत्म हो गया, तो क्या होगा? ये सोचकर ही हम डर जाते हैं. पानी बचाना (Water Conservation) किसी सरकार या संगठन की नहीं, बल्कि हर इंसान की जिम्मेदारी है. एक-एक इंसान को इम मुहिम में योगदान देना होगा.'

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 27, 2019, 4:42 PM IST
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जल संकट से लोगों को जागरूक करने और उन्हें पानी बचाने के लिए प्रेरित करने के लिए News18 की मुहीम मिशन पानी (#Missionpaani) लॉन्च हो गई है. 'मिशन पानी' के कैंपेन एंबेसडर अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) ने लॉन्च किया. उन्होंने News18 के इस मुहिम को ऐतिहासिक बताया और लोगों से पानी बचाने की अपील की.

सदी के महानायक अमिताभ बच्चन ने कहा, 'जल है तो कल है. सोचिए कल अगर पानी खत्म हो गया, तो क्या होगा? ये सोचकर ही हम डर जाते हैं. पानी बचाना किसी सरकार या संगठन की नहीं, बल्कि हर इंसान की जिम्मेदारी है. एक-एक इंसान को इम मुहिम में योगदान देना होगा.'

जितना दिख रहा उससे भयानक है देश में जलसंकट, कैसे निपटा जाए?



बच्चन ने कहा कि इस तरह के बड़े कैंपेन से देश भर में अच्छा संदेश जाता है. उन्होंने ये भी कहा कि देश से पोलियो खत्म करने के लिए 8 साल लगे. ये आसान काम नहीं था. अब हमलोग पानी बचाने की मुहिम से जुड़े हैं. इसमें भी कामयाब रहेंगे.



बिग बी ने पानी बचाने के कुछ तरीके भी बताए. उन्होंने गुजारिश की है कि हमें जहां तक हो सके बाथरूम में पानी का कम से कम इस्तेमाल करना चाहिए. शावर के बजाय बाल्टी से पानी लेकर नहाने से हम काफी पानी बर्बाद होने से बचा सकते हैं.

'मिशन पानी' के एंबेसडर अमिताभ बच्चन ने लोगों से पानी के इस्तेमाल को कम करने की अपील की. उन्होंने कहा, 'तकरीबन प्रत्येक इंसान हर साल 140 बाल्टी पानी खर्च करता है. हमें इसे कम करने की जरूरत है. क्योंकि जल है तो कल है.'


अब तक के सबसे गंभीर जल संकट का सामना कर रहा है भारत
बता दें कि भारत अब तक के सबसे गंभीर जल संकट का सामना कर रहा है. देश में करीब 60 करोड़ लोग पीने के पानी की समस्या से जूझ रहे हैं. निति आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 2 लाख लोग स्वच्छ पानी न मिलने के चलते हर साल जान गंवा देते हैं.

नीति आयोग की रिपोर्ट में कहा गया है, ‘2030 तक देश में पानी की मांग उपलब्ध जल वितरण की दोगुनी हो जाएगी. जिसका मतलब है कि करोड़ों लोगों के लिए पानी का गंभीर संकट पैदा हो जाएगा और देश की जीडीपी में 6 प्रतिशत की कमी देखी जाएगी.’


रिपोर्ट में ये भी बताया गया कि करीब 70 प्रतिशत प्रदूषित पानी के साथ भारत जल गुणवत्ता सूचकांक में 122 देशों में 120वें पायदान पर है.
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