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Mission Paani: देश की 130 करोड़ आबादी में से केवल 4% के पास ही स्‍वच्‍छ पानी की पहुंच

Mission Paani: देश की 130 करोड़ आबादी में से केवल 4% के पास ही स्‍वच्‍छ पानी की पहुंच

छह राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने 100 प्रतिशत ग्रामीण इलाकों में नल के पानी के कनेक्शन पहुंचा दिया है.

छह राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने 100 प्रतिशत ग्रामीण इलाकों में नल के पानी के कनेक्शन पहुंचा दिया है.

पिछले कुछ सालों में भारत ने ग्रामीण (Rural) और शहरी (Urban) आबादी तक सुरक्षित पेयजल पहुंचाने में बड़ी छलांग लगाई है. सरकार के प्रमुख जल जीवन मिशन (Jal Jeevan Mission) के तहत 4 नवंबर, 2021 तक कुल 19.22 करोड़ ग्रामीण परिवारों में से 8.45 करोड़ यानि कि 44% से अधिक आबादी को पाइप से पानी का कनेक्शन दिया जा चुका हैं. यही नहीं छह राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने 100 प्रतिशत ग्रामीण इलाकों में नल के पानी का कनेक्शन पहुंचा दिया है. ये राज्य और केंद्र शासित प्रदेश गोवा, तेलंगाना, हरियाणा, दादरा और नगर हवेली, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और पुडुचेरी हैं.

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    Mission Paani: पीने का साफ पानी ग्रामीण (Rural) और शहरी (Urban) दोनों क्षेत्रों के लिए एक गंभीर चुनौती रही है. साफ पानी की कमी देश की अर्थव्‍यवस्‍था (Economy) और सार्वजनिक स्‍वास्‍थ्‍य सेवाओं (Health Services) पर भारी बोझ बनती जा रही है. भारत के पास दुनिया के मीठे पानी के संसाधनों का केवल 4% है जबकि भारत की आबाद 130 करोड़ से अधिक है. इसके बावजूद देश का एक बड़ा हिस्‍सा अभी भी पाइप से पानी की आपूर्ति और पीने लायक पानी की कमी से जूझ रहा है.

    हालांकि, पिछले कुछ सालों में भारत ने शहरी और ग्रामीण आबादी तक सुरक्षित पेयजल पहुंचाने में बड़ी छलांग लगाई है. सरकार के प्रमुख जल जीवन मिशन के तहत 4 नवंबर, 2021 तक कुल 19.22 करोड़ ग्रामीण परिवारों में से 8.45 करोड़ यानि कि 44% से अधिक आबादी को पाइप से पानी का कनेक्शन दिया जा चुका हैं. यही नहीं छह राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने 100 प्रतिशत ग्रामीण इलाकों में नल के पानी के कनेक्शन पहुंचा दिये हैं. ये राज्य और केंद्र शासित प्रदेश गोवा, तेलंगाना, हरियाणा, दादरा और नगर हवेली, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और पुडुचेरी हैं.

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    हाल ही में जारी एनएफएचएस-5 (2019-2020) के आंकड़ों से यह भी पता चलता है कि पिछले दौर के एनएफएचएस-4 (2015-16) की तुलना में 22 राज्यों में बेहतर स्रोतों से पीने के पानी की पहुंच बढ़ी है. भारत भले ही ग्रामीण इलाकों तक स्‍वच्‍छ पेयजल पहुंचाने की कोशिश में लगा हुआ है, लेकिन चुनौतियां कम नहीं हैं. भारत भूजल का तीसरा सबसे बड़ा उपयोगकर्ता है. जब भारत में सुरक्षित पेयजल की पहुंच की बात आती है, तो भूजल में कमी, संसाधनों का दूषित होना और आपूर्ति के बुनियादी ढांचे की स्थिति और खराब हो जाती है. भारत में पानी के प्रमुख स्रोतों में से एक नदियां भी तेजी से बढ़ती जनसंख्या, कारखानों और प्रदूषण के कारण तेजी से सिकुड़ रही हैं या दूषित हो रही हैं.

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    जल जीवन मिशन के तहत इस ओर तेजी से प्रगति हुई है. सरकार की कोशिश है कि 2024 तक सभी ग्रामीण परिवारों को नल का पानी कनेक्शन प्रदान किया जाए, लेकिन कुछ राज्यों में योजना की धीमी गति एक प्रमुख चिंता का विषय है. सबसे बड़े राज्य, उत्तर प्रदेश अपनी कुल ग्रामीण जनसंख्या का केवल 12.4 प्रतिशत ही अभी कवर कर सका है. राजस्थान, जो पानी की कमी का सामना करने के लिए जाना जाता है ने कुल ग्रामीण परिवारों का केवल 20.91% कवर किया है. इसी तरह, असम (22%), लद्दाख (16.62%), झारखंड (15.16%), पश्चिम बंगाल (13.48%) और छत्तीसगढ़ 13.23%) सहित राज्यों में जल जीवन योजना के तहत कम कवरेज है.

    Tags: Clean water, Jal Jeevan Mission, Mission Paani, National Jal Jeevan Mission, News18 Mission Paani, Water, Water Crisis

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