Mission Paani : सिर्फ 8% बारिश के पानी का संरक्षण कर पाते हैं हम

जल शक्ति मंत्रालय ने जानकारी दी थी कि- 'हमारे देश में सिंचाई के लिए लगभग 89% पानी का उपयोग किया जा रहा है.'

News18Hindi
Updated: July 15, 2019, 4:04 PM IST
Mission Paani : सिर्फ 8% बारिश के पानी का संरक्षण कर पाते हैं हम
जल शक्ति मंत्रालय ने जानकारी दी थी कि- हमारे देश में सिंचाई के लिए लगभग 89% पानी का उपयोग किया जा रहा है.
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Updated: July 15, 2019, 4:04 PM IST
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीती मन की बात कार्यक्रम में जल संरक्षण पर जोर दिया था. इसके बाद केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने 1 जुलाई को जल शक्ति अभियान की घोषणा की. यह अभियान जल संरक्षण जल सुरक्षा के लिए चलाया जा रह है. सरकार ने 256 जिलों में भूजल की सबसे कम उपलब्धता के साथ देशव्यापी जल संरक्षण योजना शुरू की.

वहीं पीएम मोदी ने 30 जून को अपने “मन की बात” में नागरिकों का आह्वान करते हुए कहा था कि जल बचाने तथा भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिये वे स्वच्छ भारत अभियान के अनुसार जल संरक्षण को भी एक जन आंदोलन बनाने में अपनी भागीदारी करें. प्रधानमंत्री ने आम नागरिकों, चर्चित व्यक्तियों और गैर सरकारी संगठनों से जल संरक्षण पर आधारित विचारों, पारम्परिक ज्ञान, पहलों, सफलता की गाथाओं और फिल्मों को आमंत्रित किया था.

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मौजूदा हालात में भारत की प्रति व्यक्ति पानी की उपलब्धता साल 2001 में 1,816 क्यूबिक मीटर से घटकर साल 2011 में 1,545 क्यूबिक मीटर हो गई है. अगर ऐसे ही हालात बने रहे तो साल 2025 तक  प्रति व्यक्ति पानी की उपलब्धता 1,345 क्यूबिक मीटर प्रति वर्ष घटने का अनुमान है.

256 जिलों और 1,592 ब्लॉकों  में शुरू की गई योजना

जल शक्ति मंत्रालय की शुरू की गई योजना 256 जिलों और 1,592 ब्लॉकों  में शुरू की गई है, जहां भूजल का अत्यधिक दोहन होता है. इन जिलों में सबसे अधिक संख्या वाले राज्य राजस्थान (29), तमिलनाडु (27) और तेलंगाना (24) हैं.

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जल शक्ति मंत्रालय ने जानकारी दी थी कि- 'हमारे देश में सिंचाई के लिए लगभग 89% पानी का उपयोग किया जा रहा है, जो कि चीन जैसे देशों की तुलना में 3-5 गुना अधिक है. हरियाणा का हवाला देते हुए कहा कि कम पानी वाली फसलों को स्थानांतरित करने और हमारे एक्वीफर्स को रिचार्ज करने की आवश्यकता है, जहां किसानों को धान से मक्का की खेती में स्थानांतरित करने के लिए वित्तीय प्रोत्साहन दिया जाता है.'

सिर्फ 8 फीसदी का होता है संरक्षण

इसी दौरान शेखावत ने यह भी जानकारी दी थी कि 'भारत का आधा हिस्सा पानी के संकट से जूझ रहा है. जरूरत इस बात की है कि हम  जन आंदोलन  शुरू करें ताकि हम आने वाली पीढ़ियों के लिए पानी का संरक्षण कर सकें. फिलहाल, हम केवल 8% वर्षा जल को बचाने में सक्षम हैं. इस प्रतिशत को बढ़ाने की जरूरत है.'

भारत के 75% से अधिक वार्षिक वर्षा प्रदान करने वाले दक्षिण-पश्चिम मानसून की देरी और आगे की कमजोर प्रगति से स्थिति और खराब हो गई है. इस महीने की शुरुआत में तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड में 20% से अधिक की कमी के साथ देश को लगभग 33% की कमी का सामना करना पड़ा है. जलाशयों में जल स्तर कम हुआ है. केंद्रीय जल आयोग द्वारा बनाए गए 91 प्रमुख जलाशयों में उपलब्ध कुल   'लाइव स्टोरेज ’की क्षमता 17% से घटकर 16% हो गई है (161.9 बीसीएम), जो पिछले वर्ष की इसी अवधि के दौरान उपलब्ध से कम है.

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First published: July 15, 2019, 4:04 PM IST
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