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मिजोरम के सीएम ने पीएम मोदी को लिखा पत्र, मुख्य चुनाव अधिकारी को हटाने की मांग की

फाइल फोटो

फाइल फोटो

मिजोरम के मुख्यमंत्री ललथनहवला ने पत्र में लिखा है कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) एस बी शशांक के प्रति राज्य के लोगों का भरोसा खत्म हो चुका है.

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    मिजोरम के मुख्यमंत्री ललथनहवला ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) एस बी शशांक को तुरंत पद से हटाने की मांग की. उन्होंने कहा कि लोगों का उनके प्रति भरोसा खत्म हो चुका है. मुख्यमंत्री ने पत्र में कहा है कि 28 नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनाव को सुचारू रूप से कराने के लिए शशांक को हटाना ही एकमात्र विकल्प है.

    मुख्यमंत्री ने पत्र में लिखा है कि मिजोरम के लोगों का शशांक के प्रति भरोसा खत्म हो चुका है. उन्होंने चुनाव आयोग से यह भी शिकायत की है कि प्रधान सचिव (गृह) ललनुनमाविया चुआउंगो चुनावी प्रक्रिया में दखल दे रहे हैं.

    चुआउंगो 1987 बैच के गुजरात कैडर के आईएएस अधिकारी हैं. उन्हें राज्य में उनकी जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया गया है. चुनाव आयोग ने उन्हें दिल्ली में गृह मंत्रालय के समक्ष रिपोर्ट करने को कहा है .

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    प्रधानमंत्री को अपने पत्र में मुख्यमंत्री ने लिखा है, ‘लोगों का उनके प्रति भरोसा खत्म हो चुका है, इसलिए 2018 का विधानसभा चुनाव अब सुचारू रूप से करवाने के लिए सीईओ एस बी शशांक को उनके पद से हटाया जाए.’

    उन्होंने सुझाव दिया है कि शशांक की जगह अतिरिक्त मुख्य चुनाव अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी जाए. मुख्यमंत्री ने कहा है, ‘अगर इस समय इंतजाम में मुश्किल हो तो अतिरिक्त सीईओ को शशांक की जिम्मेदारी दी जा सकती है.’

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    इससे पहले दिन में, शशांक ने संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि वह केवल चुनाव आयोग द्वारा दिए गए निर्देशों के तहत अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे थे. नागरिक संगठनों ने उन्हें हटाने की मांग की थी.

    चुआउंगो के साथ अपनी तकरार के बारे में सीईओ ने कहा कि उन्होंने 11 सितंबर को जिला निर्वाचन अधिकारियों (डीईओ) और मतदाता पंजीकरण अधिकारियों (ईआरओ) को अधिसूचित करने के लिए एक बयान जारी किया था कि त्रिपुरा में योग्य ब्रू प्रवासियों द्वारा वैध दस्तावेज के तौर पर पहचान स्लिप का इस्तेमाल किया जा सकता है.

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    उन्होंने कहा, हालांकि चुआउंगो ने 13 सितंबर को एक अन्य आदेश जारी कर कहा कि ब्रू शरणार्थियों को वापसी उद्देश्यों के अलावा पहचान स्लिप के इस्तेमाल से परहेज करना चाहिए. शशांक ने आरोप लगाया कि प्रधान सचिव और मिजोरम के मुख्य सचिव अरविंद रे ने चुनाव आयोग के निर्देश के बावजूद 13 सितंबर के आदेश पर कोई स्पष्टीकरण जारी नहीं किया.

    उन्होंने कहा, ‘ राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के रूप में यह मेरी जिम्मेदारी है कि मैं चुनाव आयोग के आदेशों का पालन करूं. मैं सिर्फ आशा कर सकता हूं कि सिविल सोसाइटी के लोग मेरी जिम्मेदारी को समझेंगे. अगर मैंने किसी की भावना को आहत किया हो तो उसके लिए खेद है.'

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    चुआउंगो के पद से हटाए जाने के तुरंत बाद ही राज्य की सिविल सोसाइटी की सबसे प्रमुख इकाई कॉर्डिनेशन कमेटी और छात्र संगठनों ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी शशांक को राज्य से बाहर भेजने की मांग की थी.

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