Assembly Banner 2021

मिजोरम : पंखे से लटकता पाया गया मेडिकल छात्र का शव

मिजोरम की राजधानी आइजोल के जोराम मेडिकल कॉलेज में मेडिकल छात्र के शव के मिलने से सनसनी फैल गई.

मिजोरम की राजधानी आइजोल के जोराम मेडिकल कॉलेज में मेडिकल छात्र के शव के मिलने से सनसनी फैल गई.

मिजोरम की राजधानी आइजोल के जोराम मेडिकल कॉलेज में मेडिकल छात्र के शव के मिलने से सनसनी फैल गई. यह शव छात्रावास के कमरे में पंखे से लटकता हुआ पाया गया था. पुलिस इसे आत्‍महत्‍या का मामला मान रही है, हालांकि कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है. बताया जा रहा है कि प्रथम वर्ष का यह छात्र, परीक्षा में फेल होने के कारण डिप्रेशन में था.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 24, 2021, 10:00 PM IST
  • Share this:
आइजोल. मिजोरम (Mizoram) में बुधवार को जोराम मेडिकल कॉलेज के छात्रावास के कमरे में 21 वर्षीय मेडिकल छात्र का शव पंखे से लटकता पाया गया. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने यह जानकारी दी. मृतक छात्र की पहचान नजर चकमा के रूप में हुई जो दक्षिणी मिजोरम के लौंगतलाई जिले का रहने वाला था. इस छात्रावास में वह एक अन्‍य छात्र के साथ रह रहा था.

मिजोरम पुलिस उपमहानिरीक्षक (उत्तरी रेंज) लालबिक्थांगा ख्यांगते ने कहा कि चकमा ने कमरा अंदर से बंद कर रखा था जबकि उसके मित्र बेडमिंटन खेल रहे थे. उन्होंने बताया कि चकमा के साथ रहने वाला छात्र और चौकीदार ने दरवाजा तोड़ा और उसे अस्पताल ले गए, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया. चकमा एमबीबीएस की प्रथम वर्ष का छात्र था और हाल ही में हुई परीक्षा में फेल होने के चलते अवसाद में था.

ये भी पढ़ें  बड़ी खबर: मेडिकल छात्रों के लिये खुशखबरी, यहां शुरू हुए 9 नये मेडिकल कॉलेज



चकमा के साथ कमरे में रहने वाले छात्र के हवाले से पुलिस अधिकारी ने बताया कि छात्र मंगलवार से ही अवासद में था और वह खाना भी नहीं खा रहा था. डीआईजी ने कहा कि यह साफ तौर पर आत्महत्या का मामला जान पड़ता है. हालांकि, कमरे से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है.
ये भी पढ़े मेडिकल छात्रा पूजा भारती मर्डर मामले में रामगढ़ पुलिस का बड़ा खुलासा- कहीं और हत्या कर शव को पतरातु डैम में फेंका गया

रे में रहने वाले छात्र के हवाले से पुलिस अधिकारी ने बताया कि छात्र मंगलवार से ही अवासद में था और वह खाना भी नहीं खा रहा था. डीआईजी ने कहा कि यह साफ तौर पर आत्महत्या का मामला जान पड़ता है. हालांकि, कमरे से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है.


भारत में आत्‍महत्‍या करने वालों में से आधे लगाते हैं फांसी
केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों के अनुसार 2019 में शहरों में आत्महत्या की दर (13.9 प्रतिशत) पूरे भारत में आत्महत्या की दर (10.4 प्रतिशत) से अधिक थी. आंकड़ों के अनुसार 2019 में आत्महत्या के मामलों में 53.6 प्रतिशत लोगों ने फांसी लगाकर जान दी, वहीं जहर खाकर 25.8 प्रतिशत लोगों ने अपना जीवन समाप्त किया. 5.2 प्रतिशत लोगों ने पानी में डूबकर आत्महत्या की तो 3.8 प्रतिशत लोगों ने आत्मदाह किया.
एनसीआरबी के अनुसार आत्महत्या के 32.4 प्रतिशत मामलों में लोगों ने पारिवारिक समस्याओं के चलते अपनी जिंदगी खत्म की तो 5.5 प्रतिशत लोगों ने वैवाहिक समस्याओं के चलते ऐसा कदम उठाया. वहीं, 17.1 लोगों ने बीमारी के चलते आत्मघाती कदम उठाया. आंकड़ों के अनुसार आत्महत्या के प्रत्येक 100 मामलों में से 29.8 प्रतिशत महिलाएं और 70.2 प्रतिशत पुरुष अपना जीवन समाप्त करने वालों में शामिल रहे. इनमें से लगभग 68.4 प्रतिशत पुरुष विवाहित थे और विवाहित महिलाओं का अनुपात 62.5 प्रतिशत था.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज