मिजोरम आंशिक तौर पर असम की सीमा से सुरक्षा बल हटाएगा, BSF की होगी तैनाती

मिजोरम के मुख्य सचिव लालनुनमाविया चुआउंगो ने बताया कि सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि विवादित क्षेत्र से मिजोरम अपने सुरक्षाबलों को हटा लेगा. (सांकेतिक चित्र)
मिजोरम के मुख्य सचिव लालनुनमाविया चुआउंगो ने बताया कि सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि विवादित क्षेत्र से मिजोरम अपने सुरक्षाबलों को हटा लेगा. (सांकेतिक चित्र)

Assam border: असम के कछार जिले के लैलापुर गांव और आसपास के क्षेत्रों के लोग 28 अक्टूबर से वहां आर्थिक नाकेबंदी किए हुए हैं और वे मिजोरम के बल को हटाने की मांग कर रहे हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 8, 2020, 10:19 PM IST
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आइजोल. मिजोरम (Mizoram) पड़ोसी असम (Assam) से लगती सीमा से अपने बलों का एक हिस्सा वापस बुलाएगा और उनकी जगह बीएसएफ (BSF) की तैनाती होगी. केंद्रीय गृह सचिव अजय कुमार भल्ला की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया. इस बैठक में असम और मिजोरम दोनों राज्यों के मुख्य सचिव मौजूद थे.

बैठक के बाद संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए मिजोरम के मुख्य सचिव लालनुनमाविया चुआउंगो ने बताया कि सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि विवादित क्षेत्र से मिजोरम अपने सुरक्षाबलों को हटा लेगा और असम में राष्ट्रीय राजमार्ग-306 से नाकेबंदी को हटाया जाएगा.

असम से यातायात बहाल होने की संभावना
उन्होंने बताया कि रविवार शाम से असम से यातायात बहाल होने की संभावना है. अधिकारियों ने बताया कि असम के कछार जिले के लैलापुर गांव और आसपास के क्षेत्रों के लोग 28 अक्टूबर से वहां आर्थिक नाकेबंदी किए हुए हैं और वे मिजोरम के बल को हटाने की मांग कर रहे हैं. ग्रामीणों का दावा है कि वे असम के क्षेत्र में तैनात हैं. हालांकि मिजोरम का दावा है कि बल की तैनाती उसके अपने क्षेत्र में ही है.
चुआउंगो ने बताया कि मुख्य सचिव स्तर की बैठक का मुख्य एजेंडा अल्पकालीन समाधान खोजना - बलों की वापसी और अवरोधकों को हटाना था. मिजोरम और असम के बीच सीमा विवाद नौ अक्टूबर को और तेज हो गया था जब असम के करीमगंज जिले के अधिकारियों ने कथित तौर पर मिजोरम के मामित जिले के थिंगहलुम के निकट झोपड़ियां और खेतों को नुकसान पहुंचाया. बाद में यह तनाव और बढ़ गया था.
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