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Assam-Mizaoram Border Rift: रेल-रोड 'नाकेबंदी' से परेशान मिजोरम, केंद्र से की तुरंत एक्शन की अपील

सीमा से लगभग 5 किमी दूर, स्थानीय निवासियों का एक समूह सड़क पर विरोध कर रहा है, जिससे लोगों को यहां गुजरने से रोका जा सके.

सीमा से लगभग 5 किमी दूर, स्थानीय निवासियों का एक समूह सड़क पर विरोध कर रहा है, जिससे लोगों को यहां गुजरने से रोका जा सके.

Mizoram Assam Border Clash: मिजोरम के गृह सचिव ने केंद्रीय गृह सचिव अजय कुमार भल्ला को लिखी चिट्ठी में कहा कि इस अवरोध से मिजोरम के लोगों की आजीविका पर असर पड़ रहा है. राज्य में आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई नहीं हो पा रही है. इसलिए केंद्र सरकार असम को अवरोध हटवाने का निर्देश दे.

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    नई दिल्ली. असम (Assam) और मिजोरम (Mizoram) के बीच सीमा विवाद (Border Dispute) को लेकर तनाव लगातार बरकार है. खूनी झड़प (Mizoram Assam Border Clash) के बाद अब भी हालात सामान्‍य नहीं हुए हैं. सीमा पर रोड और रेल सेवा बंद है. लिहाजा मिज़ोरम के गृह सचिव लालबियाकसांगी ने गृह मंत्रालय को एक चिट्ठी लिखी है, जिसमें उन्होंने केंद्र से हस्तक्षेप करने और नाकेबंदी खत्म करने की अपील की है. बता दें कि सोमवार को सीमा विवाद के चलते नेशनल हाईवे 306 पर खूनी झड़प में असम पुलिस के छह कर्मियों समेत सात लोग मारे गए थे. साथ ही एक पुलिस अधीक्षक सहित 50 से ज्यादा घायल हो गए थे.

    केंद्रीय गृह सचिव अजय कुमार भल्ला को लिखी चिट्ठी में मिजोरम के गृह सचिव लालबियाकसांगी ने कहा कि राज्य को देश के बाकी हिस्से से जोड़ने वाले नेशनल हाईवे 306 को 26 जुलाई से ब्लॉक किया गया है. इसमें लिखा है, ‘इस अवरोध से मिजोरम के लोगों की आजीविका पर असर पड़ रहा है. राज्य में आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई नहीं हो पा रही है. इस संबंध में भारत सरकार से अनुरोध किया जाता है कि वो हस्तक्षेप करे और असम सरकार को आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया जाए ताकि अवरोध को तत्काल हटाया जा सके और राष्ट्रीय राजमार्ग तथा रेलवे लाइन पर यात्रियों और सामान की आवाजाही बहाल हो सके.’

    ट्रकों की लंबी लाइन
    इस बीच लैलापुर सीमा पर ट्रकों का जाम लग गया है. सोमवार को हिंसा के बाद कई ट्रक ड्राइवर यहां फंस गए हैं. अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत करते हुए एक ड्राइवर ने कहा, ‘ये हमारी बेवकूफी थी कि हम इस रास्ते में फंस् गए. मुझे एक दिन में 8,000 रुपये का नुकसान हो रहा है. सोमवार की रात, जब हम रात 11 बजे लैलापुर पहुंचे, तो हमें शाम पहले हिंसा के बारे में पता चला. अब तीन दिन हो गए हैं और हम यहां से कब निकलेंगे इसके बारे में कोई संकेत नहीं मिल रहे हैं.’

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    क्या कह रहे हैं स्थानीय लोग
    सीमा से लगभग 5 किमी दूर, स्थानीय निवासियों का एक समूह सड़क पर विरोध कर रहा है, जिससे लोगों को यहां गुजरने से रोका जा सके. एक ट्रक चालक मोनुरुद्दीन बरभुइया ने कहा, ‘मिजोरम के साथ हमारा हमेशा से सीमा संबंधी मुद्दा रहा है, लेकिन ये पिछले दो वर्षों में और भी खराब हो गया है. मैं अब वहां नहीं जा रहा हूं. अगर मुझे दूसरा काम तलाशना होगा तो तलाश लूंगा, लेकिन मैं वहां मरना नहीं चाहता.’ गुवाहाटी का एक ट्रक-चालक जयंत ने बताया कि पिछले अक्टूबर में, जब उसी क्षेत्र में झड़पें हुईं और एक नागरिक की मौत हो गई, तो ट्रक 10 दिनों तक नहीं चल सके. उन्होंने कहा, ‘हम तब फंस गए थे, अब हम फंस गए हैं.’

    हालात सामान्य करने को लेकर बैठक
    इस बीच केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा दिल्ली में बुलाई गई बैठक में असम और मिजोरम के मुख्य सचिवों और पुलिस प्रमुखों ने सीमा पर शांति बनाए रखने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग 306 के पास तटस्थ केंद्रीय बलों की तैनाती पर सहमति व्यक्त की. सीमा पर संघर्ष में पांच पुलिस कर्मियों और एक नागरिक की मौत के बाद दोनों राज्यों में ये सहमति बनी है. गृह सचिव अजय भल्ला की अध्यक्षता में दो घंटे तक चली बैठक में ये निर्णय लिया गया है.

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