होम /न्यूज /राष्ट्र /#MeToo: मानहानि मामले में सुनवाई के दौरान एम जे अकबर ने दर्ज कराया बयान

#MeToo: मानहानि मामले में सुनवाई के दौरान एम जे अकबर ने दर्ज कराया बयान

एम जे अकबर (फाइल फोटो)

एम जे अकबर (फाइल फोटो)

अकबर पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाने वाली महिलाओं में पत्रकार प्रिया रमानी के अलावा गजाला वहाब, शुमा राहा, अंजू भारती तथा ...अधिक पढ़ें

    पूर्व केंद्रीय मंत्री एम जे अकबर पत्रकार प्रिया रमानी के खिलाफ दायर आपराधिक मानहानि मामले में अपना बयान दर्ज करवाने के लिए बुधवार को दिल्ली की एक अदालत में पेश हुए. रमानी ने आरोप लगाया था कि करीब 20 वर्ष पहले अकबर ने उनके साथ यौन दुर्व्यवहार किया था.

    अकबर अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपोलिटन मेजिस्ट्रेट समर विशाल के समक्ष पेश हुए और उनका बयान दर्ज करने की प्रक्रिया अभी जारी है. भारत में 'मी टू' अभियान के तेज होने के साथ अकबर का नाम सोशल मीडिया में तब उछला था जब वह नाइजीरिया में थे.

    कई महिलाओं ने आरोप लगाया था कि पत्रकार रहते हुए अकबर ने उनका कथित तौर पर यौन उत्पीड़न किया था. अकबर 14 अक्टूबर को देश लौटे थे. लौटने के कुछ ही घंटों के बाद उन्होंने उक्त आरोपों को 'झूठा, मनगढ़ंत और बेहद क्षुब्ध कर देने वाला' बताया था. उन्होंने कहा था कि वह आरोप लगाने वालों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई करेंगे.

    यह भी पढ़ें: #MeToo पर बोले रविशंकर प्रसाद- एमजे अकबर को पहले ही इस्तीफा दे देना चाहिए था

    अकबर पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाने वाली महिलाओं में गजाला वहाब, शुमा राहा, अंजू भारती तथा सुतापा पॉल शामिल हैं. बता दें एडिशनल चीफ मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट समर विशाल के समक्ष हाजिर होने से पहले अकबर ने कहा था कि वह 'निजी हैसियत में न्याय' के लिए अपने पद से इस्तीफा दे रहे हैं.

    उन्होंने कहा, 'ऐसे माहौल में, एक पदाधिकारी के रूप में नहीं बल्कि निजी तौर पर मैं चाहता हूं कि मेरे साथ न्याय किया जाए. इसीलिए मैंने भारत सरकार में राज्यमंत्री के तौर पर इस्तीफा दिया. आम जनता और मेरे करीबी तथा मेरे नजदीकी लोगों की नजरों में मेरी छवि खराब हुई है.'

    यह भी पढ़ें:  OPINION: कोर्ट जाने पर नहीं करनी चाहिए एमजे अकबर की निंदा

    अकबर ने अपने बयान में कहा, 'मिथ्या प्रकृति के इन मनगढ़ंत आरोपों की वजह से निश्चित ही तत्काल नुकसान पहुंचा है. कथित मनगढ़ंत घटनाएं, जो कभी हुई ही नहीं, जिनके बारे में कहा जा रहा है कि ये कथित तौर पर दो दशक पहले हुई, उन्हें लेकर मुझ पर निजी तौर पर हमला किया गया.'

    उन्होंने कि उन ट्वीट्स को कई ऑनलाइन मीडिया पब्लिकेशन्स और सोशल मीडिया पर उसका उपयोग किया गया.  रमानी के आरोपों का जिक्र करते हुए अकबर ने अपने बयान में कहा कि उनके ट्वीट के शुरुआती बयान 'अवैध' थे.

    (एजेंसी इनपुट के साथ)

    यह भी पढ़ें: दादा थे हिन्दू, बेटे का नाम प्रयाग- ऐसी है #MeToo में घिरे एमजे अकबर की कहानी

    Tags: Court, Me Too, MJ Akbar, Sexual Abuse

    टॉप स्टोरीज
    अधिक पढ़ें