MNC ने कश्मीरियों को नौकरी से निकाला, मदद के लिए आगे आई मोदी सरकार

जम्मू कश्मीर (Jammu Kashmir) की एक मल्टीनेशनल कंपनी (Multinational Company) ने अपने श्रीनगर (Srinagar) BPO को शुक्रवार को बंद कर दिया और यहां काम करने वाले 70 कर्मचारियों को बिजनेस में नुकसान का हवाला देते हुए नौकरी से निकाले जाने का नोटिस थमा दिया था.

News18Hindi
Updated: August 19, 2019, 6:37 PM IST
MNC ने कश्मीरियों को नौकरी से निकाला, मदद के लिए आगे आई मोदी सरकार
राज्यपाल सत्यपाल मलिक के नेतृत्व वाली सरकार ने सभी 70 कर्मचारियों को कम से कम 3 महीने का वेतन देने की बात कही है (फाइल फोटो)
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Updated: August 19, 2019, 6:37 PM IST
जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) में एक ऐसा मामला सामने आया है जहां सरकार (Modi Government) ने करीब 70 कश्मीरियों की मदद के लिए दिन-रात एक कर दिए. कश्मीरी प्रशासन ने शुक्रवार को 70 कर्मचारियों की नौकरियां जाने के बाद न केवल उनके रहन-सहन का इंतजाम किया बल्कि भविष्य के लिए उनकी नौकरियां सुरक्षित करने का वादा भी किया. ये सभी कर्मचारी एक मल्टीनेशनल कंपनी (Multinational Company) में काम करते हैं. इन सभी कर्मचारियों को कश्मीर में कर्फ्यू के चलते बिजनेस में होने वाले भारी नुकसान के चलते नौकरी से निकाल दिया गया है.

AEGIS नाम की एक ग्लोबल बिजनेस सर्विस प्रोवाइडर कंपनी है जो अपने उपभोक्ताओं को कस्टमर एक्सपीरियंस मैनेजमेंट सेवाएं देती है. इसका श्रीनगर BPO शुक्रवार को बंद कर दिया गया था और यहां काम करने वाले 70 कर्मचारियों को बिजनेस में नुकसान का हवाला देते हुए नौकरी से निकाले जाने का नोटिस थमा दिया गया था. मल्टीनेशनल कंपनी के इस  BPO में 240 सीटें हैं और इसकी कर्मचारी क्षमता 700 की है. इसके अलावा इसमें 6 ट्रेनिंग रूम हैं, जिनमें 150 लोगों को एक साथ ट्रेनिंग दी जा सकती है.

5 अगस्त को राज्य के बंटवारे के बाद से ही राज्य में ठप है कारोबार
दरअसल घाटी में 5 अगस्त से लगे कर्फ्यू के चलते सारे बिजनेस बंद हैं, जबसे जम्मू-कश्मीर राज्य को दो केंद्रशासित प्रदेशों में बांट दिया गया है. पाकिस्तान की शह पर राज्य में होने वाले संभावित आतंकी हमलों को रोकने के लिए सरकार ने ऐसा किया है. इसके बाद से सरकार ने लोगों के कहीं आने-जाने पर पाबंदियों के साथ ही, साधारण फोन, मोबाइल फोन और इंटरनेट सेवाएं भी बंद कर दी हैं. इसके परिणाम के तौर पर AEGIS के कुल क्लाइंट इस इलाके में रोजाना 1 लाख से कम होकर 10 हजार हो गए थे.

डिप्टी कमिश्नर खुद गए ऑफिस और कर्मचारियों को दिया आश्वासन
इन हालातों में शुक्रवार को AEGIS के 70 कर्मचारियों को नौकरी से निकाले जाने का नोटिस दे दिया गया. जब यह ख़बर श्रीनगर के डिप्टी कमिशनर डॉ. शाहिद इकबाल चौधरी तक पहुंची तो उन्होंने इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप किया. शनिवार को वह AEGIS के ऑफिस पहुंचे और उन्होंने कर्मचारियों को तीन महीने का बेलआउट देने की बात कही और इसके लिए सरकार से गुजारिश की.

70 के बजाए अगले 18 महीने में सरकार 2000 युवाओं को देगी BPO सेक्टर में रोजगार
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उनके कहने पर गर्वनर सत्यपाल मलिक के नेतृत्व वाली सरकार ने सभी कर्मचारियों को कम से कम तीन महीने की तनख्वाह देने की बात कही. डिप्टी कमिश्नर चौधरी ने इसके बाद अख़बार टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए कहा कि मैंने उन्हें सरकारी कामकाज के बारे में बताया, इसके अलावा बाहर से आने वाले उपभोक्ताओं के बिजनेस के बारे में बताया और आखिरी में यह प्लान तय किया गया कि अभी भले ही इन 70 लोगों को  अपनी नौकरियों से हाथ धोना पड़े, अगले 18 महीने के अंदर 2000 स्थानीय युवाओं को BPO सेक्टर में ही नौकरियां दी जाएंगी.

बांदीपोरा का DC रहते हुए भी चौधरी ने दिया था IT सेक्टर को बढ़ावा
रोचक बात यह है कि कश्मीर में आईटी सेक्टर को बढ़ावा देने के मामले में चौधरी का नाम नया नहीं है. इससे पहले उन्होंने बांदीपोरा का डिप्टी कमिश्नर रहते हुए भी राज्य का पहला आधिकारिक BPO खुलवाया था. जिसका उद्घाटन इसी साल की शुरुआत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था. बांदीपोरा मॉडल से प्रभावित होकर प्रधानमंत्री ने ऐसे ही BPO की दूसरे 21 जिलों में स्थापना करने की घोषणा भी की थी. बाद में राज्य सरकार ने इन सारे ही जिलों में ऐसे BPO की स्थापना के लिए फंड भी दिया था.

आगे चलकर IT सेक्टर बन सकता है कश्मीरी अर्थव्यवस्था की रीढ़
कश्मीर में रहने वाले बिजनेस एक्सपर्ट्स का मानना है कि घाटी में अंग्रेजी बोलने वाले पढ़े-लिखे लोगों की अच्छी खासी संख्या है. ऐसे में IT सेक्टर के विकास के लिए वहां पर माकूल माहौल है. श्रीनगर में पहली इनवेस्टर समिट इसी साल अक्टूबर में होनी है. ऐसे में सरकार यहां पर BPO सेक्टर में इनवेस्ट करने वाले बिजनेस को बुलाने का मन बना रही है.

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First published: August 19, 2019, 5:09 PM IST
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