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बेरोजगारों का सहारा बनी मनरेगा, 1 साल में रिकॉर्ड 11 करोड़ मजदूरों को मिला फायदा

कोविड-19 महामारी के मद्देनजर आर्थिक पैकेज में सरकार की तरफ से MGNREGS के लिए अतिरिक्त 40 हजार करोड़ के फंड का ऐलान किया गया है. (सांकेतिक तस्वीर)

कोविड-19 महामारी के मद्देनजर आर्थिक पैकेज में सरकार की तरफ से MGNREGS के लिए अतिरिक्त 40 हजार करोड़ के फंड का ऐलान किया गया है. (सांकेतिक तस्वीर)

Lockdown Effect: डेटा के अनुसार 2020-21 में रिकॉर्ड 7.54 ग्रामीण परिवारों ने MGNREGS के तहत काम किया. यह आंकड़ा 2019-21 के 5.48 करोड़ के आंकड़े से 37.59 फीसदी ज्यादा है. इससे पहले रिकॉर्ड आंकड़ा 2010-11 में 5.5 करोड़ के साथ दर्ज किया गया था.

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नई दिल्ली. साल 2020 में कोरोना वायरस महामारी (Coronavirus Pandemic) की वजह से लगे लॉकडाउन (Lockdown) के बाद बड़ी संख्या में मजदूर सड़कों पर आ गए थे. लेकिन बुरे दौर में महात्मा गांधी नेशनल रूरल एम्पलॉयमेंट गारंटी स्कीम (MGNREGS) काफी मददगार साबित हुई है. हाल ही में आई एक रिपोर्ट से पता चला है कि वित्तीय वर्ष 2020-21 में इस योजना के अंतर्गत 11 करोड़ से ज्यादा लोगों ने काम किया है . खास बात है कि 2006-07 में शुरुआत के बाद पहली बार एक साल में यह आंकड़ा पार किया है.

द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, 1 अप्रैल का डेटा बताता है कि 11.17 करोड़ लोगों ने 2020-21 में इस योजना का फायदा उठाया. तुलना के लिए मौजूद डेटा के मुताबिक, 2013-14 और 2019-20 के बीच योजना का फायदा उठाने वाले लोगों की संख्या 6.21 से लेकर 7.88 करोड़ लोगों तक रही है. लेकिन महामारी के कारण बढ़ी बेरोजगारी के चलते 3 करोड़ अतिरिक्त लोग इस ग्रामीण योजना का हिस्सा बने.

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डेटा के अनुसार 2020-21 में रिकॉर्ड 7.54 ग्रामीण परिवारों ने MGNREGS के तहत काम किया. यह आंकड़ा 2019-21 के 5.48 करोड़ के आंकड़े से 37.59 फीसदी ज्यादा है. इससे पहले रिकॉर्ड आंकड़ा 2010-11 में 5.5 करोड़ के साथ दर्ज किया गया था. अनुमान लगाया जा रहा है कि मार्च के अंतिम सप्ताह का मस्टर रोल अपडेट होने के बाद लोगों और परिवारों की संख्या में इजाफा हो सकता है.
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इस योजना के तहत अनस्किल्ड काम करने वाले ग्रामीण परिवार वित्तीय वर्ष में कम से कम 100 दिनों का वेतन पाने के हकदार हैं. 2006-07 में देश के अति पिछड़े 200 ग्रामीण इलाकों में शुरू हुई इस योजना को 2007-08 में 130 जिलों तक बढ़ा दिया गया था. बाद में 2008-09 के बाद इसे पूरे देश के लिए शुरू किया गया था. 2020-21 में 100 दिनों का काम पूरा करने वाले परिवारों का आंकड़ा भी रिकॉर्ड 68.58 लाख पर पहुंच गया. यह आंकड़ा 2019-20 के 40.60 लाख परिवारों से 68.91 प्रतिशत ज्यादा है.

कोविड-19 महामारी के मद्देनजर आर्थिक पैकेज में सरकार की तरफ से MGNREGS के लिए अतिरिक्त 40 हजार करोड़ के फंड का ऐलान किया गया है. साथ ही केंद्रीय बजट 2020-21 में 61 हजार 500 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं.
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