पोस्‍टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा, टूटी थी रकबर के हाथ-पैर की हड्डी, 12 जगह चोट के निशान

रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि रकबर को अंदरूनी चोटें आईं थी, जिसके बाद शरीर के अंदर ही खून फैल गया था.

News18Hindi
Updated: July 24, 2018, 12:00 PM IST
पोस्‍टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा, टूटी थी रकबर के हाथ-पैर की हड्डी, 12 जगह चोट के निशान
सांकेतिक तस्वीर
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Updated: July 24, 2018, 12:00 PM IST
राजस्थान के अलवर में कथित तौर पर गौ-तस्करी के शक में भीड़ द्वारा पीट-पीटकर मारे गए अकबर उर्फ रकबर खान की पोस्‍टमार्टम रिपोर्ट आ गई है. रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि रकबर के हाथ और एक पैर की हड्डी टूट गई थी. उसके शरीर पर 12 जगह चोट के निशान भी मिले हैं. इस मामले में अब तक 4 पुलिसवालों के खिलाफ कार्रवाई हुई है, जबकि 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है.

इसी बीच रकबर खान की एक फोटो भी सामने आई है. इसमें रकबर पुलिस की वैन में बैठा है और जिंदा है. उसकी आंखें बंद हैं. चेहरे पर बाएं तरफ कुछ चोट के निशान भी देखे जा सकते हैं. हालांकि पोस्‍टमार्टम रिपोर्ट इससे बिल्‍कुल अलग है.

पोस्‍टमार्टम करने वाली टीम के डॉक्‍टर राजीव कुमार गुप्‍ता, डॉक्‍टर अमित मित्‍तल और डॉक्‍टर संजय गुप्‍ता ने जो रिपोर्ट जारी की है, उसके हिसाब से रकबर के हाथ और पैर की हड्डी टूटी हुई है और उसके शरीर पर 12 जगह चोट के निशान हैं. रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि रकबर को अंदरूनी चोटें आईं थी, जिसके बाद शरीर के अंदर ही खून फैल गया था.

इससे पहले अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में रहने वाले बीजेपी विधायक ज्ञानदेव आहूजा ने अलवर मॉब लिंचिग को लेकर बयान दिया था. उनका कहना है कि गौ-तस्करी के शक में अकबर खान उर्फ रकबर की मौत भीड़ की पिटाई से नहीं, बल्कि पुलिस की मार से हुई.

मॉब लिंचिंग की घटनाओं के लिए भाजपा जिम्मेदार : ममता
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने देश में मॉब लिंचिंग की बढ़ती घटनाओं के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने कहा कि केवल निंदा करने के बजाय भाजपा को अपने नेताओं को नियंत्रित करना चाहिए.

उन्होंने राज्य सचिवालय में पत्रकारों से कहा, "राजनाथ जी ने संसद में घटना की निंदा की. लेकिन निंदा करने के बजाय वे ऊपर से लेकर नीचे तक अपने नेताओं को नियंत्रित क्यों नहीं कर रहे हैं."

उन्होंने कहा, "यह केवल उनके नफरत भरे अभियान के कारण हुआ है कि इतने सारे लोग मारे (पीट-पीट कर हत्या की घटनाओं में) गए हैं. इसकी शुरूआत घर से होनी चाहिए."

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