यूपी में 'मॉक ड्रिल' से गई 22 की जान? प्रियंका, राहुल ने सरकार को घेरा, कहा- ऑक्सीजन और इंसानियत दोनों की कमी है

आरोप लगाए जा रहे हैं कि अस्पताल ने मॉक ड्रिल के नाम पर अप्रैल में पांच मिनट के लिए ऑक्सीजन सप्लाई बंद कर दी थी. (पीटीआई फाइल फोटो)

आरोप लगाए जा रहे हैं कि अस्पताल ने मॉक ड्रिल के नाम पर अप्रैल में पांच मिनट के लिए ऑक्सीजन सप्लाई बंद कर दी थी. (पीटीआई फाइल फोटो)

Agra 'Oxygen Mock Drill': मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर आरसी पांडेय ने भी कहा है कि उस दौरान अस्पताल में केवल सात मरीजों की मौत हुई थी और स्वास्थ्य विभाग ने इस मुद्दे पर जांच शुरू कर दी है.

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नई दिल्ली. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के आगरा में सामने आए कथित 'ऑक्सीजन मॉक ड्रिल' मामले पर कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा (Priyanka Gandhi Vadra) और राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने सरकार पर निशाना साधा है. प्रियंका ने मामले का एक वीडियो भी शेयर किया है. कहा जा रहा है कि इस वीडियो में सुनाई दे रही आवाज अस्पताल के मालिक डॉक्टर अरिंजय जैन की है. आरोप लगाए जा रहे हैं कि अस्पताल ने मॉक ड्रिल के नाम पर अप्रैल में पांच मिनट के लिए ऑक्सीजन सप्लाई बंद कर दी थी और इसमें 22 मरीजों की मौत हो गई थी. हालांकि, अधिकारियों ने इस बात से इनकार किया है.

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने लिखा, 'बीजेपी शासन में इंसानियत और ऑक्सीजन दोनों की गंभीर कमी है. इस खतरनाक अपराध के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए.' उन्होंने लिखा, 'इस दुख की घड़ी में मृतकों के परिवार के साथ मेरी सांत्वनाएं हैं.' राहुल लंबे समय से सरकार पर ऑक्सीजन, वैक्सीन की कमी और बेरोजगारी दर पर हमला बोल रहे हैं.

प्रियंका गांधी ने लिखा, 'PM: 'मैंने ऑक्सीजन की कमी नहीं होने दी', CM: 'ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं. कमी की अफवाह फैलाने वालों की संपत्ति जब्त होगी.', मंत्री: 'मरीजों को जरूरत भर ऑक्सीजन दें. ज्यादा ऑक्सीजन न दें.', आगरा अस्पताल: 'ऑक्सीजन खत्म थी. 22 मरीजों की ऑक्सीजन बंद करके मॉकड्रिल की.' ज़िम्मेदार कौन?'

यहां देखें प्रियंका गांधी की तरफ से शेयर किया गया वीडियो


उन्होंने एक वीडियो भी शेयर किया है. इस वीडियो में कथित रूप से डॉक्टर जैन बात कर रहे हैं. हालांकि, वो इस वीडियो में कहीं नजर नहीं आ रहे हैं. वीडियो में यह कहते हुए सुना जा सकता है कि मुख्यमंत्री भी ऑक्सीजन की मुहैया नहीं करा सकते हैं. ऐसे में मरीजों को डिस्चार्ज करना शुरू करना चाहिए.

वीडियो में बात कर रहा शख्स यह कह रहा है कि हमने एक मॉक ड्रिल पर विचार किया. कहा जा रहा है कि इससे पहले उन मरीजों की पहचान करने के लिए बोला गया, जिनकी ऑक्सीजन सप्लाई काटी जा सकती है. मामले पर आगरा के अधिकारियों का कहना है कि वीडियो सामने आने के बाद उन्होंने जांच के आदेश दिए हैं. जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह ने उस दिन 22 मरीजों की मौत की बात से इनकार किया है.




समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में उन्होंने कहा, '26 और 27 अप्रैल को ऑक्सीजन की कथित कमी के चलते कोविड संक्रमित समेत सात मरीजों की मौत हुई थी. अस्पताल में 22 गंभीर मरीज भर्ती थे, लेकिन उनकी मौत की जानकारी नहीं है. उनकी मौत को लेकर चल रहे वीडियो की हम जांच कर रहे हैं.' मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर आरसी पांडेय ने भी कहा है कि उस दौरान अस्पताल में केवल सात मरीजों की मौत हुई थी और स्वास्थ्य विभाग ने इस मुद्दे पर जांच शुरू कर दी है.

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