मोदी कैबिनेट: राहुल को धूल चटाने वाली स्मृति ईरानी को मिला महिला विकास और टेक्सटाइल मंत्रालय

कांग्रेस के गढ़ अमेठी में अध्यक्ष राहुल गांधी को धूल चटाने वाली स्मृति ने कैबिनेट में बरकरार रखा अपना मंत्रालय, पिछली बार की तरह महिला एवं बाल विकास और टेक्सटाइल मंत्री बनीं.

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कांग्रेस के गढ़ अमेठी में अध्यक्ष राहुल गांधी को धूल चटाने वाली स्मृति को मोदी कैबिनेट 2.0 में अहम पोर्टफोलियो दिया गया है. उन्हें महिला एवं बाल विकास और टेक्सटाइल मंत्री बनाया गया है. पिछले मंत्रालय में कई अहम पद संभालने वाली स्मृति ईरानी को 2014 के आखिर में यही दो मंत्रालय दिए गए थे.  स्मृति ने राहुल को 55, 120 वोटों से करारी शिकस्त दी है. स्मृति को अमेठी में 468514 वोट मिले जो कि कुल वोटों का 49.71% है. उधर राहुल को 413394 वोट मिले थे.

नवंबर 2014 में स्मृति ईरानी मोदी सरकार में मानव संसाधन विकास मंत्री के पद पर थीं. उस वक्त के एक वाकये ने विवाद खड़ा कर दिया था. स्मृति ईरानी शिक्षा मंत्री रहते हुए राजस्थान के एक मशहूर ज्योतिष के पास अपना भविष्य जानने गई थीं. ज्योतिष नाथूलाल व्यास ने भविष्यवाणी की थी कि आने वाले वक्त में वो आसानी से राष्ट्रपति जैसे सर्वोच्च पद पर होंगी.

पंडित की सुनती तो कुछ और ही होता...
2014 के चुनाव से पहले इसी ज्योतिषी ने स्मृति ईरानी को लेकर भविष्यवाणी की थी कि वो राजनीति में सफल होंगी और कोई महत्वपूर्ण पद संभालेंगी. ज्योतिष की भविष्यवाणी सही साबित हुई और स्मृति ईरानी 2014 के चुनाव में अमेठी से हारने के बाद भी मोदी सरकार में मानव संसाधन विकास मंत्री बनीं. स्मृति ईरानी के ज्योतिष के पास जाने और उनके राष्ट्रपति बनने की भविष्यवाणी मीडिया में खूब उछली. विपक्ष ने उनकी आलोचना की. शिक्षा मंत्री रहते हुए उनके इस कदम को अंधविश्वास को बढ़ावा देने वाला बताया गया. हालांकि उन्होंने आलोचनाओं की परवाह नहीं की.
भविष्यवाणी को झुठला कर कामयाबी पाई


इसे स्मृति ईरानी की कमजोरी कहें या खासियत, लेकिन ये सच है कि वो परवाह नहीं करतीं. 2014 में ज्योतिषी की शरण में जाने वाली स्मृति ईरानी की जिंदगी में एक वक्त ऐसा भी आया था, जब उन्होंने एक ज्योतिषी की भविष्यवाणी की परवाह नहीं की. अगर वो उस भविष्यवाणी के भरोसे बैठ जातीं तो आज इस मुकाम पर नहीं होतीं. टेलीविजन में करियर शुरू करने के दरम्यान उनके माता-पिता ने एक बार एक ज्योतिष को घर पर बुलाया. ज्योतिष ने स्मृति ईरानी की कुंडली देखकर कहा कि ये लड़की अपनी जिंदगी में कुछ नहीं कर पाएगी. उस वक्त स्मृति ईरानी ज्योतिषी को चुनौती देते हुए बोलीं कि आज से ठीक 10 साल बाद आप मुझसे मिलना. ज्योतिषी की भविष्यवाणी को झुठलाते हुए स्मृति ईरानी टेलीविजन सीरियल की इतनी पॉपुलर किरदार बनीं कि उन्हें घर-घर में पहचाना जाने लगा.

फाइल फोटो
महिला एवं बाल विकास और टेक्सटाइल मंत्री स्मृति ईरानी (फाइल फोटो)


सामाजिक रूढ़ियों से संघर्ष कर सफलता हासिल की
स्मृति ईरानी से जुड़े छोटे-मोटे विवादों को दूर रख दिया जाए तो उनकी जिंदगी सामाजिक बंधन और रूढ़ियों से संघर्ष करके कामयाबी पाने की बेमिसाल कहानी है. स्मृति ईरानी का जन्म दिल्ली के एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ था. इंडिया टुडे से बात करते हुए एक बार उन्होंने बताया था कि बेटी होने की वजह से उनकी मां को ताने दिए जाते थे. बचपन में एक बार वो किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित थीं. बीमारी की हालत में ही परिवार की एक बुजुर्ग महिला ने उन्हें बिना कपड़ों के जमीन पर छोड़ दिया था, ताकि वो मर जाएं. स्मृति ईरानी ने बताया था कि उनकी मां ने इसका विरोध किया तो उन्हें कहा गया कि बेटी है मर जाएगी तो तुम्हारी ही जिंदगी आसान होगी. अपने मां-बाप के प्रगतिशील होने की वजह से ही वो जिंदगी में आगे बढ़ पाईं.

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मैकडॉनल्ड में वेट्रेस का काम भी किया
दिल्ली से शुरुआती पढ़ाई करने के बाद कुछ हासिल करने की तमन्ना लेकर वो मुंबई पहुंच गईं. मुंबई में संघर्ष के दिनों में उन्होंने मैकडॉनल्ड में वेट्रेस का काम भी किया. धीरे-धीरे उन्हें ऐड फिल्मों में काम मिलने लगा. इसी दौरान 1998 में वो मिस इंडिया के फाइनल तक पहुंचीं. टीवी सीरियल ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ में तुलसी के किरदार ने उन्हें हर घर में पहुंचा दिया. वो टीवी की सबसे पॉपुलर एक्ट्रेस बन गईं.

फाइल फोटो
2003 में बीजेपी में शामिल हुई थीं स्मृति ईरानी (फाइल फोटो)


स्मृति ईरानी का राजनीतिक सफर
स्मृति ईरानी 2003 में बीजेपी में शामिल हुईं. 2004 में बीजेपी ने उन्हें महाराष्ट्र के युवा विंग का उपाध्यक्ष बनाया. 2004 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने उन्हें दिल्ली की चांदनी चौक सीट से उम्मीदवार बनाया, लेकिन कांग्रेस उम्मीदवार कपिल सिब्बल से हार का सामना करना पड़ा. 2010 में उन्हें बीजेपी का राष्ट्रीय सचिव नियुक्त किया गया. इसके बाद बीजेपी ने उन्हें महिला मोर्चा का अध्यक्ष बनाया. 2011 में बीजेपी ने उन्हें गुजरात से राज्यसभा भेजा. 2014 का चुनाव स्मृति ईरानी ने अमेठी से राहुल गांधी के खिलाफ लड़ा, लेकिन हार गईं. हालांकि मोदी सरकार में उन्हें मानव संसाधन विकास मंत्री का पद मिला. जुलाई 2016 में स्मृति ईरानी के मंत्रालय में फेरबदल हुआ और उन्हें कपड़ा मंत्रालय का प्रभार मिला. 2019 का लोकसभा चुनाव स्मृति ईरानी अमेठी से लड़ीं और राहुल गांधी को 55,120 वोटों से शिकस्त देकर इतिहास रच दिया.

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