जिन्होंने हमें वोट दिया वे भी हमारे, जिन्होंने विरोध किया वे भी हमारेः मोदी

एनडीए ने सर्वसम्मति से नरेंद्र मोदी को चुना नेता, सेंट्रल हॉल मोदी-मोदी के नारों से गूंजा

News18Hindi
Updated: May 25, 2019, 10:43 PM IST
जिन्होंने हमें वोट दिया वे भी हमारे, जिन्होंने विरोध किया वे भी हमारेः मोदी
अपने पीएम कार्यकाल की दूसरी पारी शुरू करने जा रहे मोदी ने सेंट्रल हॉल से अपने संबोधन में सांसदों को कुछ सलाह दी तो जनादेश के लिए देश की जनता का आभार भी जताया.
News18Hindi
Updated: May 25, 2019, 10:43 PM IST
बीजेपी और सहयोगी दलों के सांसदों ने शनिवार को नरेंद्र मोदी को अपने नेता के तौर पर सर्वसम्मति से चुन लिया. अपने पीएम कार्यकाल की दूसरी पारी शुरू करने जा रहे मोदी ने सेंट्रल हॉल से अपने संबोधन में सांसदों को कुछ सलाह दी तो जनादेश के लिए देश की जनता का आभार भी जताया. उन्होंने कहा कि जनता ने हमें चुना है और जिन्होंने हमें वोट दिया है वह भी हमारे हैं, जिन्होंने हमारा विरोध किया है वह भी हमारे हैं, हमें सभी को साथ लेकर चलना है. इस दौरान मोदी ने अल्पसंख्यकों का भी जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें वोट बैंक समझा गया, उनके साथ हमेशा छलावा हुआ. गरीबों को हमेशा राजनीतिक चर्चा का विषय बनाया गया, उनके साथ भी धोखा किया गया लेकिन हमने वह खत्म किया और उन तक पहुंच बनाई. ऐसा ही कुछ अल्पसंख्यक वर्ग के साथ भी हुआ, उन्हें भी छला गया, डरा कर रखा गया लेकिन अब हमें वह खत्म करना है. हमें उनका विश्वास जीतना है.

जनता ने हमें सेवाभाव के कारण स्वीकारा


मोदी ने कहा कि देश की जनता सत्ताभाव को न स्‍वीकार करती है और न ही पचाती है. हम चाहे बीजेपी के प्रतिनिधि हों या एनडीए के जनता ने हमें सिर्फ सेवाभाव के कारण ही स्वीकार किया है. मोदी ने कहा कि हमारे साथ ही देश के उज्जवल भविष्य का एक ही मूल मंत्र है सेवा भाव, इससे बड़ा और कोई मार्ग नहीं हो सकता. उन्होंने कहा कि हमें संविधान को साक्षी मान यह प्रण लेना चाहिए कि सभी वर्गों को नई ऊंचाई पर ले जाना है. जाति या किसी भी अन्य मुद्दे पर भेदभाव नहीं होना चाहिए. हमारा मंत्र अभी भी वही है, सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास.

एनर्जी और सिनर्जी एनडीए की मजबूती

इस दौरान पीएम ने कहा कि गठबंधन की राजनीति को हमें आदर्शों का हिस्सा बनाना पड़ेगा. इस दौरान पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटलबिहारी वाजपेयी को याद करते हुए उन्होंने कहा कि वाजपेयीजी की देश को यह सबसे बड़ी देन रही है. मोदी ने कहा कि एनडीए की दो मजबूती हैं एक एनर्जी और दूसरी सिनर्जी, भारत के लोकतंत्र के लिए सभी पार्टियों को जोड़कर चलना समय की मांग है. ऐसे में एनडीए ही एक ऐसा गठबंधन है जो सफलतापूर्वक चला है. उन्होंने कहा सरकार की सरकार को दलितों, गरीबों, पीड़ितों, वंचितों और आदिवासियों के प्रति समर्पित होना चाहिए. पांच साल हमने गरीबों के लिए सरकार चलाई और मैं संतोष के साथ कह सकता हूं कि यह सरकार देश के गरीबों ने ही खड़ी की है.

परमहंस से लेकर लोहिया तक सभी को किया याद
मोदी ने अपने संबोधन में रामकृष्ण परमहंस, महात्मा गांधी, पंडित जवाहरलाल नेहरू, अंबेडकर, दीनदायाल उपाध्याय से लेकर राममनोहर लोहिया तक सभी को याद किया. उन्होंने कहा कि आजादी की लड़ाई में सभी कौम, जाति, पंथ को भूल कंधे से कंधा मिलाकर काम किया. देश के लिए अब हमारा दायित्व है कि उस भावना को जिंदा रखा जाए.
Loading...

सभी ने दिया समर्थन
मोदी के भाषण से पहले अकाली दल के नेता प्रकाश सिंह बादल ने मोदी को एनडीए का नेता बनाने का प्रस्ताव किया और जेडीयू प्रमुख नीतीश कुमार, लोजपा नेता रामविलास पासवान, शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे, अन्नाद्रमुक से पलन्नीसामी सहित अन्य नेताओं ने इसका अनुमोदन किया. इस दौरान सेंट्रल हॉल मोदी-मोदी के नारों से गूंज उठा.

Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...