Opinion : मोदी सरकार की हाफ सेंचुरी पूरी, सरकार के कई फैसलों से जगाई नई उम्मीदें

बात सिर्फ 50 दिन की नहीं है और न ही 2024 के चुनावों की, पीएम मोदी ने एक ऐसी लकीर खींच दी है जिसके आस पास पहुंचना भी फिलहाल किसी के भी बूते के बाहर की बात नजर आ रही है. इसका फायदा कतार में खड़े आखिरी व्यक्ति का हो रहा है और देश तेजी से और मजबूत होता जा रहा है.

अमिताभ सिन्हा | News18Hindi
Updated: August 8, 2019, 4:15 PM IST
Opinion : मोदी सरकार की हाफ सेंचुरी पूरी, सरकार के कई फैसलों से जगाई नई उम्मीदें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
अमिताभ सिन्हा
अमिताभ सिन्हा | News18Hindi
Updated: August 8, 2019, 4:15 PM IST
30 मई को मोदी 2.0 सरकार ने शपथ ली. न जीत का जश्न मना और न ही थका देने वाले चुनाव प्रचार के बाद किसी को आराम मिला. प्रधानमंत्री मोदी ने एक ही संदेश दिया कि जनता ने भरोसा जताया है, तो उस पर खरा उतरने के लिए पूरी ताकत लगानी है. अब 50 दिन पूरे हो चुके तो ये साफ नजर आने लगा है कि सरकार मतलब सिर्फ काम है और सरकारी योजनाओं का लाभ इन तक पहुंचाना है, जो विकास की राह में पीछे छूट गए थे.

31 मई को केंद्रीय मंत्रिमंडल की पहली बैठक भी हुई. बैठक से ठीक पहले प्रधानमंत्री मोदी ने अपने इस कार्यकाल के पहले फैसले पर दस्तखत किए. ये फैसला भी जुड़ा था आतंकी और नक्सल हमले में शहीद राज्य के पुलिस अधिकारियों के बच्चों की छात्रवृत्ति से. पीएम स्कालरशिप योजना में बड़ा बदलाव करते हुए शहीद अधिकारियों के बच्चों को 2000 से बढ़ाकर 2500 कर दी गई. लड़कियों के लिये 2250 से 3000 रुपये प्रति महीने कर दी गई.

मोदी सरकार ने 50 दिन में ही साफ दिखा दिए इरादे, किए ये अहम काम

इस कार्यक्रम को हरी झंडी दिखाने कब बाद 31 मई को ही पीएम मोदी कैबिनेट की बैठक में पहुंचे, तो एजेंडा देख कर सबको समझ में आ गया कि अब पूरा का पूरा फोकस रहेगा गांव, गरीब और किसान पर है. एजेंडा पर सबसे ऊपर था छोटे और मार्जिनल किसानों के लिए पेंशन योजना. आने वाले तीन वर्षों में 5 करोड़ किसानों को सोशल सिक्योरिटी स्कीम के तहत लाने की ये महत्वाकांक्षी योजना वाक़ई एक क्रांतिकारी कदम था. किसानों के खाते में 2000 रुपये डालने की योजना के. विस्तार का भी फैसला लिया गया. अब लक्ष्य है 14.5 करोड़ गरीब किसानों को मदद पहुंचना.

पीएम मोदी और अमित शाह


व्यापारियों के लिए पेंशन योजना को मंजूरी
इसी पहली कैबिनेट में व्यापारियों के लिए पेंशन योजना को मंजूरी दी गई और साथ ही नई राष्टीय शिक्षा नीति के ड्राफ्ट को भी अडॉप्ट कर लिया गया. जून महीने में तो कैबिनेट में एक से एक फैसले हुए. अनुसूचित जाति और जनजाति के लड़कों को कौशल विकास के लिए जन शिक्षण संस्थान में ट्रेनिंग के लिए फीस माफ कर दी गई. पौधा लगाने के लिए जनांदोलन शुरू किया गया. सेल्फी विथ सैपलिंग के नाम से अभियान शुरू हुआ, जिसमें स्कूली बच्चों को जोड़ने का भी कार्यक्रम शामिल था.
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बजट 2019 में भी 50 खरब अमरीकी डॉलर की अर्थव्यवस्था की बुनियाद रखी गई. यानी इन 50 दिनों में कुल मिलाकर सरकार का जोर जिन बातों पर रह है उन्हें इन पैमानों में बांटा जा सकता है.

* सभी का सशक्तीकरण

*व्यापार को बढ़ावा

*किसानों की आय दोगुनी करना

*बुनियादी ढांचे और निवेश पर ध्यान केन्द्रित करना

*बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र को बढ़ावा

*एनआरआई जो भारतीय पासपोर्ट रखते हैं उन्हें भारत पहुंचते ही आधार कार्ड देना

*तीन तलाक़ के खिलाफ मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों को मजबूत करना

* जनता का पैसे का दुरुपयोग करने की कुप्रवृत्ति पर अंकुश लगाया गया है. एजेंडा है गरीबों को भ्रष्टाचारियों से बचना. भ्रष्ट अधिकारियों को निकाल गया, बेईमान द्योपतियों को खदेड़ा गया, भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनायी गई.

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* 58 अनुपयोगी कानूनों को समाप्त किया गया है. 2014 से अब तक 1000 से ज्यादा ऐसे कानून निरस्त.

कश्मीर को दी प्राथमिकता
पहले 50 दिनों में कश्मीर को भी ख़ूब प्राथमिकता दी गई है. यहां अंतरराष्ट्रीय सीमा पर रह रहे नागरिकों को आरक्षण का लाभ देने की लिये कैबिनेट ने प्रस्ताव पारित किया. फिर राज्य में राष्ट्रपति शासन बढ़ाया गया. खुद अमित शाह राज्य का दौरा कर के लौटे जहां न कोई बन्द की कॉल आयी और न ही कोई बवाल मचा. अलगाववादियों और भ्रष्टाचारियों पर चोट की गई है. यानी शांति की प्रक्रिया आगे बढ़ने में एक सोची समझी रणनीति के तहत मोदी सरकार कश्मीर की नीति पर आगे बढ़ रही है.

स्पेस में नई छलांग
सोमवार को चंद्रयान-2 के लॉन्च की तैयारी पूरी हो चुकी हैं. 13 जून को ही इसरो के चेयरमैन ने गंगायान, देश की पहली मानव की स्पेस फ्लाइट जो 2022 में उड़ेगी, चंद्रयान-2, आर्य और वीनस के लिए मिशन का ऐलान कर मोदी सरकार का विज्ञान-तकनीकी की दिशा में विश्वगुरु बनाने का एजेंडा भी साफ हो गया.

मोदी सरकार की विदेश नीति
विदेश नीति में भी पीएम मोदी का पूरा जोर रहा है. पीएम पाकिस्तान को अलग थलग करने और श्रीलंका जैसे पड़ोसी देशों को घावों पर मलहम लगाने में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आतंकवाद और उन्हें पनाह देने वालों के खिलाफ हर फोरम पर आवाज उठाते रहे हैं. आपदा प्रबंधन के लिए पूरी दुनिया को एकजुट होने का संदेश भी पीएम मोदी ने ही दिया जिसे काफी सराहा भी गया था.

चुनाव नतीजे से पहले ही बना लिया था एजेंडा
100 दिनों के काम काज की रूप रेखा तो मोदी ने चुनावी नतीजे आने से पहले ही बना ली थी. सभी फोकस सेक्टर के सचिवों ने शपथ ग्रहण के पहले तक ही अपना होम वर्क तैयार कर लिया था. अब 50 दिन के बाद चल रहा है तमाम काम काज का रिव्यु. मंत्रियों और सचिवों के लिए राहत की कोई बात बची ही नहीं. न कोई हॉलीडे और न ही कोई वीकली ऑफ. अब समझ में आ गया है कि समाज सेवा में आये हैं, तो अपना 100 फीसदी देना ही पड़ेगा. 2022 ने नई इंडिया के मिशन को पूरा करने में सब लग गए हैं.

चुनाव के दौरान पीएम मोदी


इन दिनों पीएम मोदी की सार्वजनिक कार्यक्रमों में भी कम से कम नज़र आए है. संसद का सत्र चल रहा है लिहाजा ज्यादा समय वे संसद भवन में नजर आते हैं. पीएम मोदी और अमित शाह का ही प्रताप है कि सांसद तो सांसद केंद्र सरकार के मन्त्रियों भी अब सुबह से शाम संसद में ही दिख रहे है. सदन में बैठने के और काम काज के नए रिकॉर्ड बन रहे हैं. यहां तक कि कैबिनेट की बैठकें भी संसद भवन परिसर में ही हो रही है.

अगर बात बीजेपी सरकार की हो रही हो तो संगठन भी अछूता कैसे रह सकता है. पीएम ने हर शक्ति केंद्र यानी मतदान केंद्रों पर 5 पौधे लगाने का जो लक्ष्य तय किया है उससे पूरा करने में मंत्री से लेकर कार्यकर्ता भी लग गए हैं. सदस्यता अभियान के बहाने देश के कोने कोने में पार्टी पहुंच रही है. ऐसे में जब कांग्रेस से लेकर तमाम विपक्षी दल अपने बिखरे तिनके भी नही जोड़ पा रहे, बीजेपी अगली लड़ाई की तैयारी में लग गयी है.


बात सिर्फ 50 दिन की नहीं है और न ही 2024 के चुनावों की, पीएम मोदी ने एक ऐसी लकीर खींच दी है जिसके आस पास पहुंचना भी फिलहाल किसी के भी बूते के बाहर की बात नजर आ रही है. इसका फायदा कतार में खड़े आखिरी व्यक्ति का हो रहा है और देश तेजी से और मजबूत होता जा रहा है.
First published: July 22, 2019, 9:58 AM IST
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