केंद्र सरकार की गुगली से 'बोल्‍ड' हुआ विपक्ष, लोकसभा में कांग्रेस-SP के बदले सुर

लोकसभा (Loksabha) में कांग्रेस के नेता अनुच्‍छेद 370 (Article 370) को लेकर सरकार पर आरोप तो लगाते हुए दिखे, लेकिन, खुलकर ये नहीं बोल पाए कि वो इस मसले पर सरकार का विरोध करते हैं.

विक्रांत यादव | News18Hindi
Updated: August 6, 2019, 6:21 PM IST
केंद्र सरकार की गुगली से 'बोल्‍ड' हुआ विपक्ष, लोकसभा में कांग्रेस-SP के बदले सुर
इस फैसले के बाद देश का राजनीतिक माहौल भी नए सिरे से बनने और बिगड़ने लगे हैं.. (फोटो-पीटीआई)
विक्रांत यादव
विक्रांत यादव | News18Hindi
Updated: August 6, 2019, 6:21 PM IST
मोदी सरकार ने जम्मू कश्मीर (Jammu Kashmir) पर ऐतिहासिक कदम उठाकर अपने राजनीतिक विरोधियों को सकते में डाल दिया है. कल जब गृहमंत्री अमित शाह ने राज्यसभा (Rajyasabha) में घोषणा की तो कांग्रेस की ओर से वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आज़ाद ने कमान संभाली. उन्होंने खुलकर अनुच्‍छेद 370 (Article 370) और जम्मू कश्मीर पुनर्गठन विधेयक का विरोध किया, लेकिन आज लोकसभा में कांग्रेस के नेताओं के सुर बदले हुए नज़र आए. कांग्रेस के नेता सरकार पर आरोप तो लगाते हुए दिखे, लेकिन, खुलकर ये नहीं बोल पाए कि वो इस मसले पर सरकार का विरोध करते हैं.

मनीष तिवारी ने सरकार पर लगाए ये आरोप
कांग्रेस की ओर से सांसद मनीष तिवारी ने सरकार पर कई आरोप लगाए. उन्होंने जम्मू कश्मीर के इतिहास का हवाला देते हुए बताया कि आखिर क्यों राज्य को विशेष अधिकार दिए गए थे. साथ ही ये भी कहा कि किसी भी राज्य के पुनर्गठन से पहले राज्य विधानसभा की मंजूरी लेनी जरूरी होती है. जब उनका भाषण खत्म हुआ, तो गृह मंत्री अमित ने चुटकी लेते हुए कहा कि आपने इतना लंबा भाषण दिया है, ये तो बता दीजिए कि बिल के विरोध में है या पक्ष में.

इसके जवाब में भी मनीष तिवारी ने साफ नहीं बताया कि वो इस बिल का विरोध करते हैं, बल्कि उन्होंने बोला कि आपने विधानसभा (constituent assembly) की राय नहीं ली है. जब किसी राज्य को बांटा जाता है तो विधानसभा की राय ली जाती है. उम्मीद करता हूं कि आपको मेरा जवाब मिल गया होगा.

अखिलेश यादव ने उठाया ये कदम
यही नहीं, समाजवादी पार्टी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष और यूपी के पूर्व मुख्‍यमंत्री अखिलेश यादव ने भी खुलकर विरोध में होने का ऐलान नहीं किया. उनके बाद पीडीपी के सांसद ने खुलकर अपनी बात कही. उन्होंने सरकार पर असंवैधानिक तरीके से मनमाना फैसला लेने का आरोप लगाया. इस बीच उनके और सत्ता पक्ष के बीच काफी शोर शराबा भी हुआ.

स्पीकर ओम बिरला ने कही ये बात
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उसी दौरान स्पीकर ओम बिरला ने टिप्पणी करते हुए जो बात कही, उससे विपक्ष की स्थिति का अंदाजा लग सकता है. ओम बिरला ने सत्ता पक्ष के सदस्यों को शांत करवाते हुए कहा कि इन्हें बोलने दीजिए. आज यहां जितने वक्ता है वो ये नहीं बता रहे कि वो बिल के पक्ष मे है या विरोध में. ये कम से कम खुलकर बता तो रहे हैं कि बिल के विरोध में हैं.

केंद्र सरकार की गुगली से बोल्‍ड हुआ विपक्ष
लोकसभा में विपक्ष के रुख से लगता है कि धारा 370 पर केंद्र सरकार की गुगली ने उन्हें बोल्ड कर दिया है. सोमवार को जब गृह मंत्री ने राज्यसभा में इसकी घोषणा की थी, तो राजनीतिक दल साफ तौर पर पक्ष और विरोध में खड़े नजर आए. लेकिन आज लोकसभा में विरोध करने वाले ज्यादातर दलों के सुर नरम पड़ गए.

विपक्षी राजनीतिक दलों के सामने एक तरफ कुआं और दूसरी तरफ खाई जैसी स्थिति हो गई है. सरकार के साथ खड़े हो नहीं सकते और खुलकर विरोध करने पर जनता के गुस्से का बड़ा खतरा है. शायद यही कारण है कि राजनीतिक विचारधारा पर सदन में वोटों का नुकसान विपक्ष को दिखाई दे रहा है. इसी कारण आज सदन में लगा कि बदले बदले से हुज़ूर नज़र आते हैं.

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First published: August 6, 2019, 5:14 PM IST
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