मोदी सरकार ने संसद में माना- हाईकोर्ट्स में है जजों की भारी कमी, 1098 की जगह सिर्फ 645 जज कर रहे काम

राज्यसभा में कानून मंत्री ने बयान दिया (सांकेतिक तस्वीर)

कानून मंत्रालय (Law Ministry) ने संसद में दिए लिखित जवाब में माना है कि हाईकोर्ट में जजों की भारी कमी है. सरकार की तरफ से गुरुवार को कानून मंत्री ने हाईकोर्ट में जजों की नियुक्ति को लेकर राज्यसभा में आंकड़े दिए.

  • Share this:
नई दिल्ली. कानून मंत्रालय (Law Ministry) ने संसद में दिए लिखित जवाब में माना है कि हाईकोर्ट में जजों की भारी कमी है. पिछले एक साल में 80 जजों की नियुक्ति की सिफारिश की गई लेकिन सिर्फ 45 नियुक्ति हो पाए. कई हाईकोर्ट में जजों के 50 फीसदी पद खाली हैं. केंद्र सरकार की तरफ से गुरुवार को कानून मंत्री ने हाईकोर्ट में जजों की नियुक्ति को लेकर राज्यसभा में आंकड़े दिए. सरकार ने बताया कि पिछले एक साल में सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने हाईकोर्ट में 80 जजों की नियुक्ति की सिफारिश की. लेकिन अभी तक उनमें से 45 जजों की नियुक्ति हुई है. बाकी सिफारिशों पर अभी केंद्र सरकार विचार कर रही है.

सरकार का कहना है कि जजों की नियुक्ति एक जटिल प्रक्रिया है और उसमें केंद्र और राज्य सरकार के बीच कई तरह की चर्चा होती है. इसलिए ये कहना मुश्किल है कि कब तक नियुक्ति पूरी हो पाएगी. केंद्र सरकार ने जो आंकड़े पेश किया है उससे पता चलता है की हाईकोर्ट में जजों की भारी कमी है. कुछ हाईकोर्ट में जजों की 50 फीसदी तक कमी है.



जैसे इलाहाबाद हाईकोर्ट में 160 जजों की नियुक्ति की इजाजत है पर वहां इस वक्त सिर्फ 94 जज हैं. इसी तरह दिल्ली हाईकोर्ट में 60 जजों की नियुक्ति होनी चाहिए जबकि वहां अभी सिर्फ 30 जज हैं. पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में 85 जज होने चाहिए जबकि वहां अभी 46 जज हैं. पूरे देश में 1098 हाईकोर्ट जज की जरूरत है जबकि फिलहाल 645 जज काम कर रहे हैं.

पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.