अमेरिकी तकनीक से बढ़ेगी गायों की संख्या, देशभर में खोले जाएंगे 13 सेंटर

Chandan Kumar | News18Hindi
Updated: September 3, 2019, 6:09 PM IST
अमेरिकी तकनीक से बढ़ेगी गायों की संख्या, देशभर में खोले जाएंगे 13 सेंटर
गिर गाय भारत में प्रमुख तौर पर पाई जाने वाली जेबू गाय में से एक है.

राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत पशुपालन और मत्स्य मंत्रालय (Ministry of Fisheries) मंत्रालय देशभर में इसके लिए 13 आधुनिक लैब बना रहा है. इनमें सालाना करीब 40 लाख सीमेन पैदा किए जाएंगे.

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देशभर के पशुधन में दुधारू गायों (Dairy cattle) की संख्या बढ़ाने के लिए पशुपालन और मत्स्य मंत्रालय (Ministry of Fisheries) अमेरिकी तकनीक अपनाने जा रहा है. इस तकनीक से बछड़ों की बढ़ती संख्या को भी नियंत्रित की जाएगी. इस अमेरिकी तकनीक (American technology) को सेक्स सॉर्टेड सीमेन कहा जाता है. राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत मंत्रालय देशभर में इसके लिए 13 आधुनिक लैब बना रहा है. इनमें सालाना करीब 40 लाख सीमेन पैदा किए जाएंगे.

सेक्स सॉर्टेड सीमेन (Sex sorted semen) तकनीक में एक्स और वाई क्रोमोसोम का अनुपात संतुलित कर नर और मादा की जन्म दर को नियंत्रित किया जाता है. आमतौर पर सीमेन में एक्स और वाई दोनों ही तरह से क्रोमोसोम होते हैं. इसमें बिना सॉर्टेड कर के सीमेन ट्रांसप्लांट करने के हालत में बछड़ों के जन्म दर को नियंत्रित नहीं किया जा सकता था. लेकिन अमेरिका, कनाडा जैसे विकसित देशों में ईजाद की गई इस नई तकनीकि से दोनों एक्स-वाई क्रोमोसोम को अलग कर दिया जाता है. गर्भाधान करने के लिए लैब में विकसित विशेष सीमेन एक्स-एक्स कोमोसोम के साथ गर्भाधान कराया जाता है. इससे बछड़ा पैदा होने की संभावना खत्म हो जाती है.

इन नस्ल की गायों को बढ़ाने में मिलेगी मदद
उत्तराखंड के ऋषिकेश और पुणें में शुरु की गई इस विशेष लैब में उत्तरी अमेरिका के देशों में पाई जाने वाली होल्सटीन फ्रिसियन और जर्सी नस्ल की गायों की संख्या बढ़ाने के लिए सीमेन डेवलप किया जा रहा है. अब इसका इस्तेमाल साहिवाल, हरियाणा, रेड सिंधी, राठी और गिर जैसी देसी नस्ल की गायों की संख्या बढ़ाने में होगा.

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देशभर में अन्य 13 सेंटर खोलने का कार्य जारी
मौजूदा समय में देश का पहला सेक्स सॉर्टेड सीमेन सेंटर उत्तराखंड के ऋषिकेश के श्यामपुर और महाराष्ट्र के पुणे जिले के उरूली कंचन में खोला गया है. इसके साथ ही देशभर के अलग-अलग राज्यों में कुल 13 सेंटर खोलने का काम हो रहा है. जिसमें उत्तर प्रदेश के हापुड़ के बाबूगढ़, पंजाब के नाभा, हरियाणा के हिसार, गुजरात के पाटन, तेलंगना के करीमनगर, तमिलनाडु के ऊटी में मध्यप्रदेश के भापोल में और महाराष्ट्र के औरंगाबाद के साथ ही हिमांचल प्रदेश के पालमपुर में सेंटर तैयार किए जा रहे हैं.
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60 फीसदी खर्च उठाएगी केंद्र सरकार
इनको खोलने में केंद्र सरकार के पशुपालन और मत्स्य मंत्रालय की तरफ से कुल लागत का 60 फीसदी हिस्सा राज्यों को मदद के तौर पर दिया जा रहा है. इस तरह के एक केंद्र खोलने में करीब 50 करोड़ का खर्च आता है. वहीं राज्य सरकारों के तरफ से बाकी का 40 फीसदी हिस्सा देना होगा. सेक्स सॉर्टेड सिमेन की कीमत किसानों को करीब 650 रुपये प्रति यूनिट देना होगा. शुरुआती दौर में इन सेंटरों से हर साल 3 लाख प्रति यूनिट सीमेन तैयार किया जाएगा. यानि सभी केंद्रों को मिलाकर सालाना 39 से 40 लाख यूनिट सीमेन पैदा किया जाएगा. मंत्रालय का लक्ष्य है कि आईवीएफ तकनीकि से होने वाले गर्भाधान का कम से कम 5 फीसदी इस तकनीकि से हो. इससे पशुधन के लिंगानुपात को नियंत्रित करना और गायों की संख्यां बढ़ाई जाएगी.

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First published: September 3, 2019, 6:05 PM IST
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