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IIT और IIM के तर्ज पर बनेंगे 3 आइआइएस संस्थान, रोजगार की समस्या को करेंगे हल

News18Hindi
Updated: January 15, 2020, 7:32 PM IST
IIT और IIM के तर्ज पर बनेंगे 3 आइआइएस संस्थान, रोजगार की समस्या को करेंगे हल
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने गुजरात की राजधानी गांधीनगर में आईआईएस की आधारशिला का उद्घाटन किया. फाइल फोटो

इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ स्किल्स (Indian Institute of Skills) जॉब के लिए नई स्किल्स की जरूरत और चिंता को देखते हुए आइआइएम (IIM) और आइआइटी (IIT) की तर्ज पर खोले जा रहे हैं. ये विश्व स्तर के मापदंडों के आधार पर होंगे.

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  • Last Updated: January 15, 2020, 7:32 PM IST
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अनूप गुप्ता

नई दिल्ली. स्किल इंडिया को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ी पहल की है. गुजरात की राजधानी अहमदाबाद में गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने भारतीय कौशल संस्थान (IIS) का शिलान्यास किया. इस मौके पर गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी (Vijay Rupani), केंद्रीय कौशल मंत्री महेंद्रनाथ पांडेय और केंद्रीय कौशल राज्यमंत्री आरके सिंह मौजूद थे. इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ स्किल्स (Indian Institute of Skills) जॉब के लिए नई स्किल्स की जरूरत और चिंता को देखते हुए आइआइएम (IIM) और आइआइटी (IIT) की तर्ज पर खोले जा रहे हैं. जो विश्व स्तर के मापदंडों के आधार पर होंंगे.

देशभर में इस तरह के तीन संस्थान खोले जाने हैं. इस तरह के पहले संस्थान की मुंबई में आधारशिला रखी जा चुकी है. ये देश का दूसरा संस्थान होगा. इसके बाद उत्तर प्रदेश के कानपुर में भी भारतीय कौशल संस्थान खोला जाएगा. इस संस्थान के जरिए लोगों को रोजगार के लिए उच्च गुणवत्ता वाली तकनीकों में ट्रेनिंग की सुविधा उपलब्ध करवाना है. कौशल विकास मंत्रालय के मुताबिक अगले एक से डेढ़ साल के भीतर तीनों संस्थान बनकर तैयार हो जाएंगे. सरकार की कोशिश है कि इन संस्थानों में 2021-22 से युवाओं के कौशल विकास के प्रशिक्षण का काम शुरू हो जाए.

यहांं से निकले युवा दूसरों को देंगे रोजगार : अमित शाह

भारतीय कौशल संस्थान अहमदाबाद के शिलान्यास के मौके पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा है कि इस तरह के संस्थान से स्किल पाकर युवा नौकरी पाएंगे, बल्कि दूसरे को नौकरी देने लायक बनेंगे. स्किल इंडिया हमारे सरकार की प्राथमिकता में है. मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में ही हमने स्किल मिनिस्ट्री का निर्माण किया. भारतीय कौशल संस्थान के शिलान्यास के मौके पर गृहमंत्री अमित शाह ने इशारे इशारे में कांग्रेस पर जमकर हमला किया.

कांग्रेस पर गृहमंत्री ने साधा निशाना
अमित शाह ने कहा कि विपक्ष के कुछ नकारात्मक लोग बेरोजगारी की बात करते हैं. लेकिन 50-60 साल के शासन में क्या किया. आपने कुछ नहीं किया और आप सवाल करते हैं. लेकिन हम लगातार काम कर रहे हैं, और इस तरह के संस्थान बेरोजगारी हटाने का राजमार्ग बनने वाले हैं. आज विपक्ष ग्लोबल स्लो डाउन को आधार बना कर हमारी सरकार पर हमला बोल रहा है. अमित शाह ने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि 70 सालों तक केंद्र की सत्ता में रहते हुए उन्होंने भारत की इकॉनमी को 2 ट्रिलियन तक किया था. लेकिन हमारी सरकार ने केवल 5 सालों में देश की इकॉनमी को 2 ट्रिलियन से 3 ट्रिलियन डॉलर तक कर दिया. अमित शाह ने इस मौके पर दावा किया कि हम इस बात के लिए वचनबद्ध हैं कि भारत की इकॉनमी को 2024 में 5 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाया जाए.केंद्रीय कौशल विकास और उद्यमिता मंत्री महेंद्रनाथ पांडेय ने कहा है की ये जो संस्थान बनाए जा रहे हैं वे विश्वस्तरीय मानकों के आधार पर होंगे. उन्होंने न्यूज़ 18 से खास बातचीत में कहा कि स्किल इंडिया को बढ़ावा देना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विज़न है. इसी को देखते हुए, इस तरह के संस्थान का निर्माण किया जा रहा है.

पीपीपी मॉडल पर बनाया जा रहा संस्‍थान
IIM और IIT की तर्ज पर कौशल विकास के लिए बनने वाले उच्च स्तरीय संस्थानों को पीपीपी मॉडल पर बनाया जा रहा है. इनमें निजी क्षेत्र की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है. इसका उद्देश्य उद्योग जगत की अत्याधुनिक जरूरतों के अनुसार विश्वस्तरीय प्रशिक्षित युवाओं को तैयार करना है. फिलहाल आइटीआइ जैसी संस्थाएं युवाओं के कौशल विकास का प्रशिक्षण देती हैं. लेकिन, उच्च गुणवत्ता के कौशल विकास के लिए ये अपर्याप्त हैं, जबकि उच्च प्रशिक्षित कामगारों की मांग बढ़ती जा रही है. जाहिर है इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ स्किल्स भविष्य में इस कमी को पूरी कर करेगा.

इनमें ऑटोमेशन, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, मशीन लर्निग, साइबर टेक्नोलॉजी और ऊर्जा संरक्षण के विशेष पाठ्यक्रम शामिल किए जा रहे हैं. मौजूदा समय में ही विभिन्न उद्योगों में इन विषयों में प्रशिक्षित युवाओं की मांग बहुत ज्यादा है. आने वाले समय में इसकी मांग और बढ़ेगी.

12वीं पढ़ने के बाद नामांकन की सुविधा
इन संस्थानों में होगी. इसके साथ ही आइटीआइ के प्रशिक्षित छात्रों को भी यहां अपने कौशल को और अधिक विकसित करने का अवसर प्रदान किया जाएगा. इसके लिए आइटीआइ के पाठ्यक्रम में जरूरी बदलाव करने पर काम चल रहा है.

आइआइएस अहमदाबाद की मुख्य विशेषताएं

  1. नसमेड, गांधी नगर में 20 एकड़ में बनने वाले इस संस्थान में सालाना 5,000 युवाओं को उत्तम स्तर का कौशल प्रशिक्षण देकर उद्योग जगत के लिए तैयार किया जाएगा.

  2. गुजरात सरकार एवं टाटा के सौजन्य से तैयार किए जाने वाले इस संस्थान में एयरोस्पेस, डिफेंस, आर्टिफिशल इंटेलीजेंस तथा ऑयल और गैस जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाएगा.

  3. भारतीय कौशल संस्थान अहमदाबाद, पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप से पूरा किया जाएगा. टाटा एजुकेशन डेवलपमेंट ट्रस्ट के सहयोग से राष्ट्रीय स्तर की स्किल डेवलपमेंट संस्था आईआईएस की स्थापना होगी.


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First published: January 15, 2020, 5:27 PM IST
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