चीनी ऐप्स पर बैन से जॉब जाने का खतरा! टिकटॉक की काट के लिए चिंगारी जैसे 'मेड इन इंडिया' ऐप को बढ़ाएगी सरकार

चीनी ऐप्स पर बैन से जॉब जाने का खतरा! टिकटॉक की काट के लिए चिंगारी जैसे 'मेड इन इंडिया' ऐप को बढ़ाएगी सरकार
चिंगारी भी टिकटॉक की तरह शॉर्ट विडियो शेयरिंग प्लेटफॉर्म है.

चिंगारी (Chingari) भी टिकटॉक (TikTok) की तरह शॉर्ट विडियो शेयरिंग प्लेटफॉर्म है. लॉन्च होने के सिर्फ 72 घंटे में इसके 5 लाख से ज्यादा डाउनलोड्स हो गए हैं. इस ऐप के डिवेलपर्स ने अपने एक बयान में कहा, 'मेड इन इंडिया ऐप की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है, क्योंकि यूजर्स चाइनीज सोशल ऐप्स का बॉयकाट कर रहे हैं.'

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  • Last Updated: June 30, 2020, 12:26 PM IST
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नई दिल्ली. चीन के साथ सीमा पर तनाव के बीच (India-China Border Tension) के बीच केंद्र सरकार ने सुरक्षा और निजता का हवाला देते हुए बड़ा कदम उठाया है. सूचना और प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने लोकप्रिय चाइनीज ऐप टिकटॉक (TikTok), शेयरइट और वीचैट समेत कुल 59 चीनी ऐप्स पर बैन लगा दिया है. सरकार की ओर से बैन लगाने का ऐलान करते हुए कहा गया कि डेटा सुरक्षा से जुड़े पहलुओं और 130 करोड़ से ज्यादा भारतीयों की गोपनीयता की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई थीं. इससे हमारे देश की संप्रभुता और सुरक्षा को भी खतरा है. हालांकि, अधिकारियों की मानें तो इस कदम के पीछे भारत का 'मेड इन इंडिया' कैंपेन को आगे बढ़ाना है. भारत ने चीन के टिकटॉक की टक्कर में आए 'देसी' ऐप चिंगारी (Chingari) लाकर इसकी झलक भी दिखा दी है.

चिंगारी भी टिकटॉक की तरह शॉर्ट वीडियो शेयरिंग प्लेटफॉर्म है. लॉन्च होने के सिर्फ 72 घंटे में इसके 5 लाख से ज्यादा डाउनलोड्स हो गए हैं. इस ऐप के डिवेलपर्स ने अपने एक बयान में कहा, 'मेड इन इंडिया ऐप की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है, क्योंकि यूजर्स चाइनीज सोशल ऐप्स को बॉयकाट कर रहे हैं.' गलवान घाटी में चीन और भारतीय सैनिकों की बीच हुई झड़प के बाद भारत में लगातार चीनी माल को बॉयकाट करने की मुहिम तेज हो रही है. इस झड़प में 20 भारतीय सैनिक शहीद हो गए थे.

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केंद्र सरकार के इस निर्णय के बाद इन 59 कंपनियों में काम करने वाले कई हजार लोग बेरोजगार हो जाएंगे. एक अनुमान के मुताबिक लगभग 10 से 12 हजार लोग इन 59 कंपनियों में काम कर रहे हैं. हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि ऐसा नहीं होने वाला. चाइनीज ऐप्स के बैन होने पर अब भारतीय डेवलपर्स के पास आत्मनिर्भर होने का अच्छा मौका है. बता दें कि चीनी ऐप्स पर बैन की ख़बर फैलने के बाद से देसी ऐप चिंगारी को धड़ल्ले से डाउनलोड किया जा रहा है.



आईटी मिनिस्टर रविशंकर प्रसाद ने ट्वीट कर कहा है कि हमें कई रिप्रजेंटेशन्स के जरिए इन ऐप्स के इस्तेमाल को लेकर चेतावनी दी गई थी. ये ऐप्स डाटा सिक्योरिटी और प्राइवेसी के लिए खतरनाक थे. इसी के बाद सरकार ने इन ऐप्स को ब्लॉक करने का निर्णय लिया है. केंद्र ने यह भी उम्मीद जताई है कि इस कदम से विपक्षी नेताओं और देश के नागरिकों का समर्थन मिलेगा, क्योंकि विपक्षी नेताओं ने उन ऐप्स के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी, जो डेटा सेफ्टी के लिए खतरा हैं.

WeChat और Share it जैसे ऐप्स पर खुफिया एजेंसियों द्वारा जासूसी करने का आरोप लगाया गया है. आरोप है कि वीचैट यूजर्स को चीन की कम्युनिस्ट पार्टी से जोड़ते हैं. वहीं, ब्यूटी प्लस और यू कैम पर फोन से डेटा चुराने का आरोप है. इनमें सबसे लोकप्रिय ऐप टिकटॉक को कई बार यूजर्स की निजी जानकारियां लीक करने, जासूसी करने, डेटा चुराने और सुरक्षा से समझौता करने के लिए कटघरे में खड़ा किया जा चुका है.

इसी तरह के आरोप फोन निर्माता कंपनी Xiaomi के ऐप पर भी लगाए गए हैं. कैम स्कैनर, दस्तावेजों को स्कैन करने के लिए सबसे अधिक इस्तेमाल किया जाने वाला ऐप है, ये भी यूसी ब्राउज़र के साथ बैन की लिस्ट में शामिल है. अधिकारियों ने कहा, 'हमें उम्मीद है कि भारत के इस रुख के बाद दूसरे देश भी चीनी ऐप्स के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए प्रोत्साहित होंगे.'

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बता दें कि सोमवार को ही केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की विदेश मंत्री एस जयशंकर और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के साथ बैठक हुई थी. बैठक के कुछ ही देर बाद इन चाइनीज ऐप्स पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया गया.
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