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केंद्र सरकार ने कहा, दिल्ली समेत चार राज्यों में नहीं मिल रहा आयुष्मान योजना का लाभ

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Updated: December 10, 2019, 6:14 PM IST
केंद्र सरकार ने कहा, दिल्ली समेत चार राज्यों में नहीं मिल रहा आयुष्मान योजना का लाभ
स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने राज्‍यसभा में बताया कि आयुष्‍मान योजना के तहत एक साल में 65.5 लाख लोगों को अस्पताल में भर्ती होने पर स्वास्थ्य सुविधा का लाभ मिला.

स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन (Dr. Harshvardhan) ने राज्यसभा (Rajya Sabha) में मंगलवार को बताया कि दिल्ली, तेलंगाना (Telangana), ओडिशा (Odisha) ने आयुष्‍मान भारत योजना (Ayushman Scheme) को लागू ही नहीं किया. पश्चिम बंगाल (West Bengal) की ममता बनर्जी सरकार ने पहले इसे लागू किया. बाद में वापस ले लिया.

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  • Last Updated: December 10, 2019, 6:14 PM IST
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नई दिल्ली. केंद्र सरकार (Central Government) ने बताया कि निर्धन परिवारों को निशुल्क स्वास्थ्य बीमा व चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने के लिये शुरू की गई आयुष्मान भारत योजना (Ayushman Bharat Scheme) का कुछ राज्‍य के लोगों को फायदा नहीं मिल रहा है. स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन (Dr. Harshvardhan) ने राज्यसभा (Rajya Sabha) में मंगलवार को बताया कि दिल्ली समेत पश्चिम बंगाल, ओडिशा और तेलंगाना में आयुष्‍मान योजना लागू नहीं किए जाने के कारण लोगों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है.

पश्चिम बंगाल सरकार ने लागू करने के बाद वापस ली योजना
राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान एक सवाल के जवाब में डॉ. हर्षवर्धन ने कहा, 'आयुष्मान भारत योजना पूरे देश में लागू है, लेकिन दिल्ली (Delhi) समेत चार राज्यों ने इसे लागू नहीं किया है. इनमें दिल्ली, तेलंगाना (Telangana), ओडिशा (Odisha) शामिल हैं. पश्चिम बंगाल (West Bengal) की ममता बनर्जी सरकार ने पहले इसे लागू किया था. बाद में इसे वापस ले लिया गया.' उन्होंने कहा कि इस वजह से इस योजना के 10.74 करोड़ संभावित लाभार्थियों की सूची में शामिल दिल्ली के गरीब लाभार्थी (Beneficiary) फायदे से वंचित हैं.

65.5 लाख लोगों के इलाज पर खर्च किए 9,549 करोड़ रुपयेस्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने बताया कि आयुष्‍मान योजना के तहत एक साल में 65.5 लाख लोगों को अस्पताल में भर्ती होने पर स्वास्थ्य सुविधा का लाभ मिला. इन सभी के इलाज पर 9,549 करोड़ रुपये खर्च किए. इसमें 60 फीसदी राशि निजी अस्पतालों और 40 प्रतिशत सरकारी अस्पतालों में खर्च किए गए हैं. योजना में लगभग 20 हजार अस्पतालों को कैशलेस इलाज के लिए सूचीबद्ध किया गया है. इनमें निजी और सरकारी अस्पतालों की हिस्सेदारी लगभग आधे-आधे के बराबर है. योजना के तहत बीमा राशि की सीमा पांच लाख रुपये से बढ़ाकर 20 लाख रुपये करने को लेकर पूछे गए पूरक प्रश्न पर उन्होंने कहा कि फिलहाल ऐसी कोई योजना नहीं है.

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First published: December 10, 2019, 6:14 PM IST
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