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मोदी सरकार की ये महत्वकांक्षी योजना शुरू, घर लौटे करीब 90 लाख श्रमिकों को गांव में ही मिलेगा काम

एक ज़िले में कम से कम 25 हज़ार मजदूरों को रोजगार मुहैया कराने का लक्ष्य रखा गया है.

एक ज़िले में कम से कम 25 हज़ार मजदूरों को रोजगार मुहैया कराने का लक्ष्य रखा गया है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) और केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री कल्याण रोज़गार अभियान ...अधिक पढ़ें

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने आज प्रधानमंत्री कल्याण रोज़गार अभियान (Pradhanmantri Kalyan Rozgar Abhiyan) की शुरुआत कर दी है. इस अभियान के चलते अपने गांव मे ही प्रवासी मजदूरों (Migrant Labourers) को रोजी-रोटी, रोज़गार मुहैया कराई जा सकेगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार की ये महत्वाकांक्षी योजना है जिसे 6 राज्यों के 116 ज़िलों में चलाया जाएगा. कोरोना वायरस महामारी (Coronavirus Pandemic) के कारण देशभर में लॉक-डाउन (Lockdown) किया गया, जिससे लगभग करोड़ों की संख्या में मजदूरों को रोजी रोटी का संकट उत्पन्न हो गया. रोज़गार के संकट की वजह से उन्हें अपने घर लौटने पर मजबूर होना पड़ा.

सरकार के सामने जहां एक ओर कोरोना से जंग जीतने की चुनौती थी, वहीं इन प्रवासी मजदूरों की चिंता थी, जिन्हें रोजी रोटी के अभाव में घर वापस होना पड़ा था. ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इनके रोज़गार के लिए 12 मंत्रालयों को सख्त निर्देश देने पड़े की जल्द से जल्द इनके रोज़गार इनके घर और गांव में उपलब्ध हो सके इसकी योजना तैयार की जाए. इन मंत्रालयों ने सबसे पहले शहरों से लौटे मजदूरों लिस्ट बनाई की किसी राज्य और किस जिले में कितने मजदूर वापस आये है. और उसके बाद ये लिस्ट बनाई गई कि किन किन तरह के रोज़गार इन्हें मुहैया कराया जा सकता है.

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90 लाख मजदूरों को सीधा फायदा
सरकार के मेगा प्रोजेक्ट की तरह सबसे कम समय में इस योजना को तैयार कर लिया गया है. यह अभियान 6 राज्यों के 116 जिलों में 125 दिनों तक मिशन मोड पर चलाया जाएगा. इस योजना के तहत तकरीबन 90 लाख मजदूरों को सीधे फायदा मिलेगा. फिलहाल एक ज़िले में कम से कम 25 हज़ार मजदूरों को रोजगार मुहैया कराने का लक्ष्य रखा गया है.

इन राज्यों में लौटे इतने मजदूर
उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, झारखंड, राजस्थान और ओडिशा राज्य को अभियान के लिए चुना गया है. ये वो राज्य है जहां पर लॉक-डाउन के दौरान सबसे ज्यादा मजदूर शहरों से अपने गांव लौटे है. कोरोना वायरस की वजह से लॉकडाउन की वजह से बिहार में 32 ज़िलों में 15 लाख से ज्यादा मजदूर अपने गांव वापस आये है. वहीं उत्तर प्रदेश के 31 जिलों में 35 लाख से ज्यादा मजदूर अपने गांव को लौटे है. मध्यप्रदेश की बात करे तो यहां के 23 जिलों में 25 लाख से ज्यादा मजदूर की वापसी हुई है. राजस्थान के 21 जिलों में तकरीबन 10 लाख से ज्यादा मजदूर लॉक डाउन की वजह से अपने गांव आने को मजबूर हुए. वहीं झारखंड के 3 जिलों में 2 लाख से ज्यादा और ओडिशा के 4 ज़िलों में 1 लाख से ज्यादा मजदूरों को शहरों में अपनी रोजी रोटी छोड़कर गाँव वापस आना पड़ा है.

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श्रमिकों से कराए जाएंगे 50 हजार करोड़ रुपये के सार्वजनिक काम
आंकड़ों पर ध्यान दे केवल इन 6 राज्यों के तकरीबन 88 लाख मजदूरों को शहरों में अपनी जमी जमाई रोजी-रोटी का साधन छोड़कर अपने गांव की तरफ रुख करना पड़ा है. अभियान के तहत ग्रामीण भारत में 50,000 करोड़ रुपयों से सार्वजनिक कार्य कराए जाएंगे जिसमें सरकारी तंत्र के लोग प्रवासी श्रमिकों की मदद के लिए मिशन मोड पर काम करेंगे. छह राज्यों के इन जिलों के करीब दो तिहाई प्रवासी मजदूरों को इस अभियान में शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है. इस योजना का समन्वय केंद्र सरकार के 12 मंत्रालय कर रहे हैं जिसमें ग्रामीण विकास, पंचायती राज, सड़क परिवहन शामिल हैं. इस योजना के तहत मजदूरों से उनकी स्किल के तहत काम करवाए जाएंगे. जल जीवन मिशन, ग्राम सड़क योजना जैसी कई सरकारी योजनाओं के जरिए प्रवासियों को काम के मौके दिए जाएंगे.

केंद्र सरकार अभियान के तहत 25 योजनाओं के जरिये प्रवासी मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराएगी.
जिन योजनाओं में मजदूरों को काम मिलेगा वे है-
1. सामुदायिक स्वच्छता परिसर
2. ग्राम पंचायत भवन
3. फाइनेंस कमिशन फंड के तहत किए जाने वाले काम
4. राष्ट्रीय राजमार्ग के काम
5. जल संरक्षण एवं जल संचयन के काम
6. कूओं का निर्माण
7. पैधारोपण के काम
8. बागवानी के काम
9. आंगनवाड़ी केंद्र के काम
10. प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के काम
11. ग्रामीण सड़क एवं सीमा सड़क के काम
12. भारतीय रेल के तहत आने वाले काम
13. श्यामा प्रसाद मुखर्जी रुरबन (Rurban) मिशन
14. भारत नेट के तहत फाइबर ऑप्टिकल केबल बिछाने का काम
15. पीएम कुसुम योजना के काम
16. जल जीवन मिशन के तहत कराए जाने वाले काम
17. प्रधानमंत्री ऊर्जा गंगा प्रोजेक्ट
18. कृषि विज्ञान केंद्र के तह जीवनयापन की ट्रेनिंग
19. जिला खनिज निधि के तहत आने वाले काम
20. सॉलिड एवं लिक्विड वेस्ट मैनेजमैंट के काम
21. फार्म पोंड (खेत तलाई) योजना के काम
22. पशु शेड बनाने का काम
23. भेड़/बकरी के लिए शेड बनवाने का काम
24. मुर्गी पालन के लिए शेड निर्माण
25. केंचुआ खाद यूनिट तैयार कराना

Tags: Coronavirus, Migrant laborers, Modi government, Pm narendra modi

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