RTI को खत्म करना चाहती है मोदी सरकार, हर नागरिक होगा कमजोर: सोनिया गांधी

सोनिया गांधी ने लोकसभा में कहा, 'यह बहुत चिंता का विषय है कि केंद्र सरकार ऐतिहासिक सूचना का अधिकार कानून-2005 को पूरी तरह से खत्म करने पर उतारु है.

भाषा
Updated: July 23, 2019, 12:11 PM IST
RTI को खत्म करना चाहती है मोदी सरकार, हर नागरिक होगा कमजोर: सोनिया गांधी
यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी (फाइल फोटो)
भाषा
Updated: July 23, 2019, 12:11 PM IST
यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी ने मंगलवार को सूचना का अधिकार (आरटीआई) कानून में संशोधन के प्रयासों की आलोचना की है. उन्होंने मोदी सरकार पर हमला करते हुए कहा कि उनकी मंशा आरटीआई को खत्म करने की है. जिससे देश का हर नागरिक कमजोर होगा. उन्होंने कहा कि सरकार आरटीआई को कमजोर करने के लिए अपनी बहुमत का इस्तेमाल कर सकती है, लेकिन इसे देश की जनता पसंद नहीं करेगी.

सोनिया गांधी ने लोकसभा में कहा, 'यह बहुत चिंता का विषय है कि केंद्र सरकार ऐतिहासिक सूचना का अधिकार कानून-2005 को पूरी तरह से खत्म करने पर उतारु है.' उन्होंने कहा कि इस कानून को व्यापक विचार-विमर्श के बाद बनाया है और संसद ने इसे सर्वसम्मति से पारित किया. अब यह खत्म होने की कगार पर पहुंच गया है.

60 लाख से ज्यादा लोगों ने RTI का उपयोग किया
यूपीए चेयरपर्सन ने कहा, 'पिछले कई वर्ष में हमारे देश के 60 लाख से अधिक नागरिकों ने आरटीआई के उपयोग किया और प्रशासन में सभी स्तरों पर पारदर्शिता एवं जवाबदेही लाने में मदद की. इसका नतीजा यह हुआ कि हमारे लोकतंत्र की बुनियाद मजबूत हुई.' उन्होंने कहा, 'आरटीआई का सक्रिय रूप से इस्तेमाल किये जाने से हमारे समाज के कमजोर तबकों को बहुत फायदा हुआ है.’

सोनिया गांधी लोकसभा में बोलती हुईं. (फाइल फोटो)


आरटीआई को खत्म करना चाहती है सरकार
सोनिया ने दावा किया, 'यह स्पष्ट है कि मौजूदा सरकार आटीआई को बकवास मानती है और उस केन्द्रीय सूचना आयोग के दर्जे एवं स्वतंत्रता को खत्म करना चाहती है जिसे केंद्रीय निर्वाचन आयोग एवं केंद्रीय सतर्कता आयोग के बराबर रखा गया था.' उन्होंने कहा, ‘केंद्र सरकार अपने मकसद को हासिल करने के लिए भले ही विधायी बहुमत का इस्तेमाल कर ले, लेकिन इस प्रक्रिया में देश के हर नागरिक को कमजोर करेगी.’
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लोकसभा में RTI संशोधन विधेयक को मिली मंजूरी
गौरतलब है कि लोकसभा ने सोमवार को विपक्ष के कड़े विरोध के बीच सूचना का अधिकार संशोधन विधेयक 2019 को मंजूरी प्रदान कर दी. केंद्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह ने पारदर्शिता कानून के बारे में विपक्ष की चिंताओं को निर्मूल करार देते हुए कहा कि मोदी सरकार पारदर्शिता, जन भागीदारी, सरलीकरण, न्यूनतम सरकार अधिकतम सुशासन को लेकर प्रतिबद्ध है.

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First published: July 23, 2019, 12:08 PM IST
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