OPINION: गरीबों को लेकर मोदी सरकार ने चला बड़ा दांव

मोदी सरकार अपने दूसरे कार्यकाल में गरीबों से संबंधित कई योजनाओं की शुरुआत करने वाली है. गुरुवार को केंद्रीय खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री ने रामविलास पासवान ने अपने मंत्रालय से संबंधित कई योजनाओं का एळान किया.

Ravishankar Singh | News18Hindi
Updated: August 8, 2019, 4:11 PM IST
OPINION: गरीबों को लेकर मोदी सरकार ने चला बड़ा दांव
पीएम मोदी और उनका मंत्रिमंडल गरीबों के लिए एक के बाद कई योजनाएं ले कर आने वाली है
Ravishankar Singh
Ravishankar Singh | News18Hindi
Updated: August 8, 2019, 4:11 PM IST
मोदी सरकार अपने दूसरे कार्यकाल में गरीबों से संबंधित कई योजनाओं की शुरुआत करने वाली है. गुरुवार को केंद्रीय खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री ने रामविलास पासवान ने अपने मंत्रालय से संबंधित कई योजनाओं का एळान किया. मंत्रालय ने एफसीआई गोदामों को ऑन लाइन करने के साथ ही पूरे देश में 'एक देश एक राशनकार्ड' नाम की योजना लाने की बात कही है. पासवान ने कहा है कि मोदी सरकार अब देश में 'एक देश एक राशन कार्ड' शुरू करने जा रही है. इस योजना से देश के किसी भी कोने में बैठे लोग राशन की दुकान से अपने हिस्से का अनाज प्राप्त कर सकेंगे. रामविलास पासवान ने इसके साथ ही भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई),, केंद्रीय भंडारण निगम (सीडब्ल्यूसी) और राज्य भंडारण निगम (एसडब्ल्यूसी) को नए और ज्यादा प्रभावी बनाने की दिशा में कई कदम उठाए हैं.

केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने मीडिया से बात करते हुए है कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के कुशल क्रियान्वयन, पूर्ण कम्प्यूटरीकरण, खाद्यान्नों के भंडारण और वितरण में पारदर्शिता लाने के दिशा में मंत्रालय ने कई कदम उठाए हैं. इस संदर्भ में गुरुवार को मंत्रालय ने एफसीआई, सीडब्ल्यूसी और एसडब्ल्यूसी डिपो ऑनलाइन सिस्टम (डॉस) के साथ समन्वय सहित विभिन्न मुद्दों पर सचिवों के साथ चर्चा की है.

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केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने गुरुवार को यह एलना किया


पासवान ने कहा, ‘बैठक में निर्णय लिया गया कि एफसीआई अपने डीपो ऑनलाइन सिस्टम(DOS) को राज्यों से जोड़ने के लिए इंटेरनेट गेटवे बनाएगा. एफसीआई को यह एक्सेस देने के लिए चार माह का समय दिया गया है. इस समय आवश्यकता है कि एफसीआई और राज्यों के बीच ऑनलाइन सूचनाओं का आदान-प्रदान हो सके, इसके लिए इनको इंटरनेट से जोड़ा जाएगा, जिससे हमें यह जानकारी मिल सके कि किस मंडी से कितना अनाज खरीदा गया. फिर उसे किस गोदाम में कितने दिन रखा गया और वितरण के लिए कब दिया गया. साथ ही इससे यह भी पता चलेगा कि खरीद के समय अनाज की गुणवत्ता कैसी थी और गोदाम में रख-रखाव उचित हो इसकी निगरानी भी की जा सकती है.’

पासवान ने कहा है कि खाद्य एवं  (सार्वजनिक वितरण प्रणाली)  मंत्रालय इस देश की लाइफ लाइन की तरह है. मंत्रालय देश के 81 करोड़ लाभार्थियों को 612 लाख टन आनाज देश में सलाना वितरण करता है. अब आनाज की समय से खरीद, उचित भंडारण और समय पर वितरण करने के लिए आईटी का उपयोग शुरू किया जाना चाहिए. इससे कुशलता बढ़ंगी और साथ ही पारदर्शिता और भ्रष्टाचार पर रोक भी लगेगी. फिलहाल एफसीआई ने देश की 144 डीपों में ऑनलाइन सिस्टम लागू कर दिया है. साथ ही एफसीआई द्वारा अनाज की खरीद को भी ऑन लाइन कर दिया है.

देश की सभी एफसीआई गोदाम ऑनलाइन कर दी जाएंगी


बता दें कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना में सबसे बड़े लाभार्थी वे प्रवासी मजदूर होंगे जो बेहतर रोजगार के अवसर तलाशने के लिए दूसरे राज्यों में जाते हैं, इस योजना से उन मजदूरों को ज्यादा लाभा मिलेगा.  इंटीग्रेटड मैनेजमेंट आफ पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम (आईएमपीडीएस) प्रणाली का एकीकृत प्रबंधन आंध्र प्रदेश, गुजरात, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र, राजस्थान, तेलंगाना और त्रिपुरा में पहले से ही चालू है, जिसमें एक लाभार्थी राज्य के किसी भी जिले से अपने हिस्से का खाद्यान्न प्राप्त कर सकता हैं. देश के अन्य राज्यों में जल्द से जल्द आईएमपीडीएस को लागू कर दिया जाएगा.
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पासवान ने कहा है कि मैंने खाद्य विभाग के अधिकारियों को 4 माह के बाद एफसीआई को दिए गये कार्यों की समीक्षा करने का निर्देश दिया है. जनवरी 2020 में एक बार से इस विषय पर सभी राज्यों के खाद्य विभाग के अधिकारियों के साथ दिल्ली में बैठक की जाएगी और उसके बाद ही आगे की रणनीति पर चर्चा की जाएगी.

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First published: June 28, 2019, 4:50 PM IST
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