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modi magic is the secret behind bjp surprise victory despite anti incumbency wave in uttarakhand

उत्तराखंड में सत्ता विरोधी लहर के बावजूद BJP की आश्चर्यजनक जीत के पीछे क्या है राज?

राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तराखंड में भाजपा की जीत का बड़ा कारण वहां की जनता का प्रधानमंत्री मोदी से लगाव है.

राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तराखंड में भाजपा की जीत का बड़ा कारण वहां की जनता का प्रधानमंत्री मोदी से लगाव है.

The Secret Behind BJP's Victory in Uttarakhand: प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, जिसने एलपीजी देकर महिलाओं को चूल्हे के धुंए से मुक्त दिलाई, जल जीवन मिशन योजना, जिसके तहत उत्तराखंड के दूर दराज क्षेत्रों में रहने वालों साफ पानी मिला, स्वच्छ भारत योजना के तहत शौचालय का निर्माण हुआ

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By D. S. KUNWAR

महिलाओं के उत्थान पर विशेष ध्यान देते हुए नरेंद्र मोदी सरकार की गरीब-समर्थक और सामाजिक कल्याण संबंधी योजनाओं के सफल कार्यान्वयन ने स्पष्ट रूप से उत्तराखंड में 48 सीटों के साथ भाजपा को सहज बहुमत दिलाने में बड़ा योगदान दिया है. उत्तराखंड में 70 सीटों के लिए 14 फरवरी, 2022 को हुए मतदान की गिनती 10 मार्च को हुई, जिसमें भाजपा की प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस को 19 सीटें मिलीं और 3 सीटें निर्दलीय उम्मीदवारों को मिलीं.

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, जिसने एलपीजी देकर महिलाओं को चूल्हे के धुंए से मुक्त दिलाई, जल जीवन मिशन योजना, जिसके तहत उत्तराखंड के दूर दराज क्षेत्रों में रहने वालों साफ पानी मिला, स्वच्छ भारत योजना के तहत शौचालय का निर्माण हुआ. इस हिमालयी राज्य में कोविड महामारी के दौरान पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत लोगों को मुफ्त राशन​ मिला, आयुष्मान भारत योजना के तहत 5 लाख तक की मुफ्त चिकित्सा सुविधा मिली. पीएम की इन फ्लैगशिप योजनाओं ने निसंदेह चमत्कार किया और भगवा पार्टी को कुल 70 सीटों में से 48 सीटें हासिल करने में मदद की.

उत्तराखंड के अधिकांश मतदाताओं ने कहा कि वे मुख्य रूप से “मोदी फैक्टर” के कारण भाजपा को अपना समर्थन देने के लिए आश्वस्त थे. देहरादून की एक गृहिणी सरिता नेगी ने कहा, “मौजूदा चुनावों में बीजेपी को उम्मीद से कहीं अधिक जीत मिली. इसका निष्कर्ष निकाला गया कि राज्य में मोदी की व्यापक लोकप्रियता है और उनकी योजनाओं से प्रभावित होकर महिलाओं के बड़े वर्ग ने भाजपा को वोट किया है.”

”मोदी फैक्टर” ने कई लोगों के मन में इस आशंका को दूर करने में भी मदद की है कि 2022 के विधानसभा चुनावों में भाजपा और उसकी प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के बीच कड़ी लड़ाई के कारण पहाड़ी राज्य त्रिशंकु विधानसभा की ओर बढ़ सकता है. अधिकांश विधानसभा सीटों पर वोटिंग पैटर्न का निष्पक्ष विश्लेषण करने से पता चलता है कि इस बार के चुनाव में ”मोदी मैजिक” का उत्तराखंड की जनता के दिल और दिमाग पर गहरा और व्यापक प्रभाव पड़ा है.

देहरादून, केदारनाथ और बद्रीनाथ धामों की अपनी हालिया यात्राओं के दौरान जिस तरह से उन्होंने विशाल सभाओं को संबोधित किया. लोगों में कोविड -19 के खिलाफ लड़ने के लिए विश्वास पैदा किया. संकट के समय में उत्तराखंड की जनता को हर संभव मदद मुहैया कराने का वादा किया, यह सब भाजपा के लिए समर्थन प्राप्त करने में बहुत महत्वपूर्ण साबित हुआ.

वोटिंग पैटर्न से यह भी पता चला कि ”मोदी फैक्टर” के कारण सबसे अधिक मतदाताओं ने बीजेपी को अपना समर्थन दिया, लेकिन पुरुष मतदाताओं के एक वर्ग पर इसका प्रभाव नहीं पड़ा. पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की गलत और अलोकप्रिय नीतियों के कारण भाजपा के लिए उत्तराखंड में सत्ता-विरोधी लहर एक बड़ा कारक था. लेकिन ”मोदी फैक्टर” के प्रभाव में लोग यह भूल गए कि पूर्व सीएम ने क्या किया था. उत्तराखंड की जनता का प्रधानमंत्री मोदी के साथ संबंध और संवाद ने राज्य नेतृत्व के खिलाफ सत्ता विरोधी लहर के प्रभाव को कम कर दिया.

उत्तराखंड में वोटिंग पैटर्न की एक दिलचस्प विशेषता यह भी दिखी कि जनता उन लोगों को हराकर न्याय और उचित व्यवहार किया, जो चुने जाने के लायक नहीं थे. नैनीताल के लालकुआं से पूर्व सीएम हरीश रावत और उधम सिंह नगर जिले की खटीमा से मौजूदा सीएम पुष्कर सिंह धामी की हार इस बात का ज्वलंत उदाहरण है कि “जनता सब जानती है.” यह सच है कि कांग्रेस के बड़े नेताओं में से एक होने के बावजूद, हरीश रावत पिछली सभी विधानसभा सीटों और उत्तराखंड की नैनीताल संसदीय सीट हारने के बाद अब लगभग निष्प्रभावी हो चुके हैं.

इसी तरह, खटीमा से विधायक पुष्कर सिंह धामी ने एक ईमानदार और स्पष्टवादी मुख्यमंत्री के रूप में अपनी प्रतिष्ठा खो दी थी, क्योंकि उन्होंने कथित तौर पर अपने मंत्रिमंडल में कुछ भ्रष्ट सदस्यों पर एक्शन लेने में कोताही बरती. हालांकि, देहरादून में सीएम कार्यालय ने पुष्कर सिंह धामी के खिलाफ इन आरोपों को निराधार बताते हुए इनका खंडन किया. भाजपा के एक पदाधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, “अगर धामी जी अपनी खटीमा सीट से हार गए, तो इसके कुछ ठोस कारण होंगे.”

Tags: Assembly elections, BJP Uttarakhand, Narendra modi

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