OPINION: मोदी की तारीफ के बहाने 'बाहरी' थरूर को निपटाने में जुट गई केरल कांग्रेस

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Updated: August 30, 2019, 2:42 PM IST
OPINION: मोदी की तारीफ के बहाने 'बाहरी' थरूर को निपटाने में जुट गई केरल कांग्रेस
केरल कांग्रेस के अध्‍यक्ष एम. रामचंद्रन ने जयराम रमेश और अभिषेक मनु सिंघवी को छोड़कर शशि थरूर को कारण बताओ नोटिस जारी किया.

जयराम रमेश की टिप्‍पणी और अभिषेक मनु सिंघवी के सपोर्टिंग ट्वीट के मुकाबले शशि थरूर का ट्वीट काफी नरम रुख वाला था. वाबजूद इसके जयराम और सिंघवी को छोड़कर केरल कांग्रेस ने थरूर पर निशाना साधा. आखिर कांग्रेस के पर्यवेक्षकों ने क्‍या देखा?

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(के बेनेडिक्‍ट)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की तारीफ करने के मामले में केरल कांग्रेस ने अपने वरिष्‍ठ नेता शशि थरूर (Shashi Tharoor) के खिलाफ कार्रवाई की. असल में पीएम मोदी की तारीफ का सिलसिला कांग्रेस (Congress) के वरिष्‍ठ नेता जयराम रमेश (Jairam Ramesh) से शुरू हुआ था. इसके बाद कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता अभिषेक मनु सिंघवी (AM Singhvi) ने उनके समर्थन में ट्वीट किया. फिर थरूर ने ट्वीट किया था. केरल कांग्रेस के ज्‍यादातर नेता शशि थरूर को 'बाहरी' नेता मानते हैं. एसे में केरल कांग्रेस (Keral Congress) पीएम मोदी की तारीफ के बहाने थरूर को निपटाने में जुट गई.

शशि थरूर को निपटाने की रणनीति नहीं आई काम
केरल कांग्रेस के अध्‍यक्ष एम. रामचंद्रन ने जयराम रमेश और सिंघवी को छोड़कर थरूर को कारण बताओ नोटिस जारी किया, जबकि बाकी दोनों को पार्टी आलाकमान ने बचा लिया. इस पूरे मामले में केरल कांग्रेस की थरूर को बाहरी के तौर पर मानने वाली सोच उजागर हो गई. साथ ही केरल कांग्रेस के नेताओं की ओछी राजनीति के बारे में भी सभी को पता चल गया. हालांकि, उनकी थरूर को निपटाने की रणनीति काम नहीं आ सकी. महज 48 घंटे के भीतर केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) को कहना पड़ा कि वह थरूर के स्‍पष्‍टीकरण से संतुष्‍ट है. लिहाजा, इस मामले को बंद किया जा रहा है. हालांकि इससे पार्टी को काफी शर्मनाक दौर से गुजरना पड़ा और कार्यकर्ताओं के मनोबल पर भी बुरा असर पड़ा.

जयराम ने कहा था, मोदी को नीचा दिखाने से नहीं मिलेगी मदद
कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता और पूर्व केंद्रीय पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने छह दिन पहले एक किताब के विमोचन के दौरान कहा था कि पीएम मोदी को नीचा दिखाने से विपक्ष को कोई मदद नहीं मिलेगी. साथ ही कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गवर्नेंस मॉडल पूरी तरह से निगेटिव नहीं है. इसके बाद सिंघवी और थरूर ने ट्वीट कर रमेश का समर्थन किया. वहीं, कांग्रेस आलाकमान ने उनकी टिप्‍पणियों पर आधिकारिक बयान देने से इनकार कर दिया. इसके बाद KPCC ने शशि थरूर को निशाने पर लेते हुए स्‍पष्‍टीकरण तलब कर लिया.

थरूर ने केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी को दिया ये जवाब
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थरूर ने कारण बताओ नोटिस के जवाब में कहा कि मैं मोदी सरकार का कड़ा आलोचक रहा हूं. वहीं मैं सकारात्‍मक सोच के साथ भी चलता हूं. मैंने अपनी कलम की ताकत का हमेशा इस्‍तेमाल किया है. मैंने मोदी सरकार के पहले कार्यकाल की कड़ी आलोचना की है. बता दें कि पिछले साल थरूर ने ही कहा था कि अगर 2019 में फिर मोदी सरकार बनती है तो देश हिंदू पाकिस्‍तान में तब्‍दील हो जाएगा. इस पर काफी बवाल हो गया था.

थरूर ने कारण बताओ नोटिस के जवाब में कहा कि मैं मोदी सरकार का कड़ा आलोचक रहा हूं.


'केरल कांग्रेस ने 'थरूर फोबिया' के कारण की कार्रवाई'
केरल में कांग्रेस से जुड़े सूत्रों का कहना है कि उन्‍हें थरूर के खिलाफ की गई कार्रवाई के पीछे पार्टी के कुछ नेताओं की खराब मंशा का संदेह है. थरूर के खिलाफ पीएम मोदी की तारीफ करने के कारण कार्रवाई नहीं की गई, बल्कि कांग्रेस के कुछ नेताओं में 'थरूर फोबिया' की वजह से कारण बताओ नोटिस जारी किया गया. थरूर ने ट्वीट में कहा था, 'मैं छह साल से कह रहा हूं कि नरेंद्र मोदी के अच्‍छे कामों की तारीफ की जानी चाहिए. इससे जब हम उनकी आलोचना करेंगे तो लोग हम पर ज्‍यादा विश्‍वास करेंगे.

मोदी की तारीफ करने वाले बीजेपी ज्‍वाइन कर लें: मुरलीधरन
जयराम रमेश की टिप्‍पणी और अभिषेक मनु सिंघवी के सपोर्टिंग ट्वीट के मुकाबले शशि थरूर का ट्वीट काफी नरम रुख वाला था. वाबजूद इसके जयराम और सिंघवी को छोड़कर केरल कांग्रेस ने थरूर पर निशाना साधा. आखिर कांग्रेस के पर्यवेक्षकों ने क्‍या देखा? पूर्व मुख्‍यमंत्री के. करुणाकरन के बेटे और लोकसभा सांसद के. मुरलीधरन ने दो कदम आगे बढ़ते हुए यहां तक कह दिया कि जिन्‍हें मोदी की तारीफ करनी है वे बीजेपी में शामिल हो जाएं.

लंदन में जन्‍मे थरूर मूलरूप से पलक्‍कड़ से हैं
लंदन में जन्‍मे थरूर मूलरूप से पलक्‍कड़ से हैं, लेकिन 2007 में संयुक्‍त राष्‍ट्र के अवर महासचिव की नौकरी छोड़ने तक केरल में उन्‍हें बाहरी ही माना जाता रहा. एक कार्यक्रम के दौरान उन्‍होंने राहुल गांधी की मौजूदगी में आतंकवाद पर सत्र को संबोधित किया. मंच पर थरूर की मौजूदगी से केरल कांग्रेस के कई नेताओं के माथे पर बल आ गए थे. थरूर 2009 में कांग्रेस में शामिल हो गए. पार्टी नेताओं ने उन्‍हें पलक्‍कड़ या तिरुअनंतपुरम लोकसभा सीट से मैदान में उतारने की बात की. इसके बाद 2009, 2014 और 2019 में उन्‍होंने जीत के अंतर को बढ़ाते हुए तिरुअनंतपुरम लोकसभा सीट पर लगातार जीत दर्ज की है.
(लेखक वरिष्‍ठ पत्रकार और राजनीतिक टिप्‍पणीकार हैं. लेख लेखक के व्‍यक्तिगत विचार हैं.)

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First published: August 30, 2019, 1:58 PM IST
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