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मोदी Vsममता: जानिए कैसे बंगाल की चुनावी लड़ाई 2024 के लिए निर्णायक साबित होगी

पश्चिम बंगाल चुनाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होने वाले हैं. (फाइल फोटो)

पश्चिम बंगाल चुनाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होने वाले हैं. (फाइल फोटो)

2 मई को पश्चिम बंगाल का चुनावी नतीजा (West Bengal Election Results) सामने आ जाएगा. देखना होगा कि क्या बीजेपी ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) को सत्ता से बाहर करने में कामयाब रहती है या फिर चुनाव जीतकर ममता एक बड़ी लड़ाई के लिए तैयार होंगी.

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नई दिल्ली. राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) बीते सोमवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) से मिलने पहुंचे थे. आरजेडी (RJD) के उत्तराधिकारी ने बंगाल चुनाव में तृणमूल कांग्रेस को समर्थन देने का ऐलान किया. लेकिन सवाल उठे कि तेजस्वी बंगाल में बिहार के अपने सहयोगियों कांग्रेस और लेफ्ट का समर्थन क्यों नहीं कर रहे! हालांकि उन्होंने जवाब भी दिया था. तेजस्वी ने कहा था कि कांग्रेस और लेफ्ट के साथ उनका गठबंधन बिहार तक ही सीमित है.

दो दिन बाद ही एक अन्य यादव नेता ने पश्चिम बंगाल चुनाव के संबंध में ऐलान किया. ये हैं यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव. सपा प्रमुख ने भी अपना समर्थन तृणमूल कांग्रेस को देने का ऐलान किया. इसके ठीक 24 घंटे बाद महाराष्ट्र से शिवसेना और एनसीपी का समर्थन भी ममता बनर्जी को मिल गया. संदेश साफ है कि कांग्रेस के दोस्त भी उसका साथ छोड़े की इच्छा रखते हैं और इस वक्त ममता बनर्जी पर दांव खेल रहे हैं. साफ है कि गांधी परिवार का कोई सदस्य नहीं बल्कि ममता बनर्जी विपक्ष का नया चेहरा बनकर उभर रही हैं.

अगर कांग्रेस की बात करें तो राहुल गांधी भले ही पार्टी अध्यक्ष नहीं हैं लेकिन उनका परिवार ही पार्टी को कंट्रोल करता है. बिना जवाबदेही की उनकी 'ताकतवर' पोजीशन ने पार्टी के 23 सीनियर नेताओं को असंतुष्ट कर दिया. और फिर इन नेताओं ने चुनाव से ठीक पहले विरोधी सुर अपना लिए.



वहीं ममता बनर्जी अपनी पार्टी की निर्विवादित चेहरा हैं. न सिर्फ बंगाल में बल्कि पूरे देश में. सिर्फ उनका नेतृत्व ही नहीं बल्कि उनके चुने हुए उत्तराधिकारी पर भी कोई सवाल नहीं है. सबसे महत्वपूर्ण बात ये है कि ममता बनर्जी लगातार दो चुनाव से अपनी पार्टी को चुनाव जीताकर सत्ता में ला रही हैं. वहीं राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस हारी है. एक तरफ राहुल गांधी हैं जिन्हें अब भी अपनी 'गंभीर' साबित करनी है तो वहीं ममता बनर्जी की पहचान एक कद्दावर नेता के तौर पर है. और शायद यही वजह है कि नरेंद्र मोदी, अमित शाह और जेपी नड्डा की अगुवाई में बीजेपी पश्चिम बंगाल में सबसे मजबूत चुनावी लड़ाई लड़ रही है.
इस बीच एक धारणा भी बन रही है. अगर ममता बनर्जी किसी तरह से चुनाव जीतने में कामयाब हो जाती हैं और बीजेपी को हार का सामना करना पड़ता है तो तस्वीर कैसी होगी? क्या ऐसी स्थिति में ममता बनर्जी 2024 में नरेंद्र मोदी के सामने पीएम पद की सबसे मजबूत उम्मीदवार होंगी. आखिरकार दोनों ही नेताओं में कई समानताएं हैं. दोनों ही ही जमीनी स्तर के कार्यकर्ता से शीर्ष पद तक पहुंचे हैं. दोनों अपने राज्यो के सीएम रहे हैं. दोनों ही नेता पार्टी के भीतर पनप रहे विरोध को सुलझाने में कामयाब रहे हैं. खैर इस बात का नतीजा 2 मई को सामने आ जाएगा. देखना होगा कि क्या बीजेपी ममता बनर्जी को सत्ता से बाहर करने में कामयाब रहती है या फिर चुनाव जीतकर ममता एक बड़ी लड़ाई के लिए तैयार होंगी.

(RITANGSHU BHATTACHARYA की पूरी स्टोरी यहां क्लिक कर पढ़ी जा सकती है.)
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