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Modi @8: पीएम मोदी के नेतृत्व में मजबूत और आत्मनिर्भर नया भारत आगे बढ़ रहा- अमित शाह

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह.

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह.

आठ सालों में इस योजना ने हमारी सोच से ज्यादा उपलब्धि हासिल की है. 29 मई, 2022 तक 45.47 करोड़ लाभार्थी बैंक से जुड़ गए हैं और इनकी संयुक्त जमा राशि 167,406.58 करोड़ थी. मोदी सरकार की योजनाओं और नीतियों की रचना देश में हाशिये पर पड़े व्यक्ति को ध्यान में रख कर की जाती है.

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नरेंद्र मोदी के देश के प्रधानमंत्री का पदभार संभालने के बाद से भारत के विकास का अनुभव पथप्रवर्तक नीतियों से तय हुआ और इस तरह भारत के पारंपरिक विकास मॉडल की पुनर्व्याख्या को गति मिली. पिछले आठ सालों में मोदी सरकार ने कई असरदार फैसले लिए और ऐसी नीतियां बनाईं जिसका भारत में न्यायोचित, व्यापक और सतत विकास को बढ़ावा देने में उल्लेखनीय प्रभाव पड़ा. मैं भारत के इस शासन को नए भारत के निर्माण के सफर के तौर पर देखता हूं– एक मजबूत, सक्षम और आत्मनिर्भर भारत.

कोविड महामारी जैसी बाधाओं के बावजूद यह अवधि प्रधानमंत्री के नए भारत के निर्माण को लेकर उनके अटल और अडिग लक्ष्य केंद्रित यात्रा के लिए याद की जाएगी. वर्ष 2020 में महामारी ने पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को अपनी चपेट में ले लिया था. दुनिया की अर्थव्यवस्था पर काले बादल मंडरा रहे थे, चारों तरफ भयावह मंजर था और कुछ भी निश्चित नहीं था. उस वक्त बस सभी के ज़ेहन में एक ही सवाल था, निराशा के बादल कब छंटेगे और उम्मीद का सूरज कब निकलेगा?

दुनिया पर एक अकल्पनीय चिकित्सकीय आपातकाल छा गया था जो पूरी दुनिया को लीलने को आतुर था. इस वजह से जिंदगी और आजीविका बुरी तरह प्रभावित हुए. अलग-अलग क्षेत्रों और उद्योगों को अलग-अलग समाधान की जरूरत थी. अलग-अलग उद्योगों को अलग-अलग समर्थन प्रणालियों की ज़रूरत थी. यह बिल्कुल वैसा ही था जैसे किसी जटिल इंजीनियरिंग उपकरण को शुरू करना हो.

आत्मनिर्भर भारत बनने का रास्ता
ऐसे में भारत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एक अलग रास्ता चुना. वह था आत्मनिर्भर भारत बनने का रास्ता. विश्व बैंक जैसे संस्थान की नीतियों के समर्थन से भारत का सर्वोच्च मैन्यूफैक्चरिंग लीग में तेजी से उभरना एक और उदाहरण है. भारत ने विश्व बैंक के ईज ऑफ डूईंग बिजनेस (सहजता के साथ व्यापार) की सूची में 79 पायदान की उछाल हासिल की और 2014 की 142 रैंक से 2020 में सीधे 63 पर पहुंच गया. मेक इन इंडिया जैसी महत्वाकांक्षी योजनाओं से लेकर दीवाला संशोधन तक तमाम तरह से सराहनीय प्रयास ने इसे सफल बनाया. ये वे योजनाएं थीं जो नरेंद्र मोदी सरकार ने पिछले 8 सालों में लागू कीं.

2014 में प्रधानमंत्री ने चुनाव की जीत को देश के गरीबों को समर्पित किया. तभी से सरकार नीतियों और शासन को ज्यादा समावेशी बनाने के लिए पूरी तरह समर्पित रही है. 28 अगस्त 2014 को मोदी ने प्रधानमंत्री जन धन योजना (PMJDY) लागू की, बैंकिंग सभी के लिए… जैसी विश्व की सबसे बड़ी योजना का लक्ष्य था आर्थिक अस्पृश्यता को खत्म करना. इस योजना का उद्देश्य था सभी कल्याणकारी पात्रता जैसे नरेगा का भुगतान प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) के तहत सीधे लाभार्थी के खाते में पहुंचे.

आठ सालों बाद इस योजना ने हमारी सोच से ज्यादा उपलब्धि हासिल की है. 29 मई, 2022 तक 45.47 करोड़ लाभार्थी बैंक से जुड़ गए हैं और इनकी संयुक्त जमा राशि 167,406.58 करोड़ रुपये थी. मोदी सरकार की योजनाओं और नीतियों की रचना देश में हाशिये पर पड़े व्यक्ति को ध्यान में रख कर की जाती है. सरकार के ‘सबका साथ, सबका विकास’ सिद्धांत के पीछ बस यही एक ही मकसद रहा है कि विकास के पिरामिड में सबसे हाशिये पर पड़े व्यक्ति और तबके तक सरकार की नीतियों और कार्यक्रमों से मिलने वाला लाभ सुनिश्चित हो सके.

उज्ज्वला, आयुष्मान भारत, मुद्रा, पीएम किसान मानधन, स्वच्छ भारत, सौभाग्य, पीएम आवास और डीबीटी जैसी योजनाओं ने देश में कल्याणकारी अर्थशास्त्र की नई परिभाषा गढ़ी है. आजादी के बाद पहली बार ऐसा हुआ है जब देश का गरीब और कमजोर तबका सही तौर पर विकास में भागीदार बन पाया है.

राष्ट्रीय सुरक्षा मोदी सरकार की प्राथमिकताओं में से एक रही है जिसमें किसी तरह का कोई समझौता नहीं किया गया. पिछली कांग्रेस की सरकार ने तुष्टिकरण की राजनीति के चलते आंतकवाद के मामले में हमेशा जबानी खर्च करके खानापूर्ति की, जबकि मोदी सरकार ने सीमा पार जाकर आंतकियों के कैंप पर सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक जैसी कार्रवाई को अंजाम दिया. मोदी सरकार ने राष्ट्र सुरक्षा को हमेशा राजनीति से अलग करके देखा है.

भारत आत्मनिर्भर बन कर उभरा है
रक्षा उत्पादन के मामले में भारत आत्मनिर्भर बन कर उभरा है और मोदी सरकार की दूरदर्शिता के चलते रक्षा उत्पादन में भारत की आत्मनिर्भरता कई गुना बढ़ गई है. भारत 2019 में 10000 करोड़ का रक्षा उत्पाद का निर्यात करने में सफल हुआ. हमारा लक्ष्य 2020 तक इसे 35000 करोड़ पर पहुंचाना है.

दुनिया की नजर में अब भारत महज एक विकास इंजन नहीं बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था मामलों में मजबूत प्रभाव रखता है, जो देशों के बीच और देशों में संबंधों जैसे अहम मुद्दों की पुनर्व्याख्या करने को बढ़ावा देता है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने न केवल देश को समावेशी और अधिक कल्याण के जरिए नए युग में प्रवेश कराया है. बल्कि उनकी राजनीति और दूरदर्शिता की बदौलत अन्य राष्ट्रों के वैश्विक समुदायों में भारत को प्रतिष्ठा और सम्मान भी मिला है.

ग्लोबल वार्मिंग की गंभीरता का दुनिया को अहसास कराना हो या कोरोना जैसी महामारी का कैसे सामना किया जाए यह बताना हो, भारत ने हर जगह खुद को साबित किया है. इसके अलावा, जब भी प्रधानमंत्री मोदी वैश्विक व्यापार और आर्थिक मुद्दों पर अपनी बात रखते हैं, तो उनके भाषणों की शुरुआत भारत की गौरवशाली सभ्यता, विरासत और आगे आने वाली अद्भुत संभावनाओं के साथ होती है. विश्व स्तर पर उनकी टिप्पणियों की बदौलत दुनिया ने भारत को एक नए नजरिए से देखने के लिए मजबूर किया है.

अब, भारत किसी भी वैश्विक महाशक्ति के आगे झुके बिना, साहसपूर्वक और स्वतंत्र रूप से अपनी बात रखने में सक्षम है. संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रधानमंत्री मोदी का भाषण सबसे अधिक देखे जाने वाले और मांग वाले भाषणों में से एक है जो भारत के बढ़ते वैश्विक कद को दिखलाता है. प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल को न केवल भारत में, बल्कि दुनिया भर में, देश के इतिहास, संस्कृति और सभ्यता की विशेषताओं की गूंज के तौर पर चिह्नित किया गया है, जो आधुनिक विश्व इतिहास में भारतीय युग के उद्भव का मार्ग प्रशस्त करता है.

आज जब नरेंद्र मोदी सरकार ने अपने आठ साल पूरे किए हैं. तो देश आजादी की 75वीं सालगिरह मनाने जा रहा है. यह वह वक्त है जब हम पीछे मुड़कर देखें और सोचें कि क्या हो सकता था, यह आगे देखने का भी वक्त है कि क्यों हो सकता है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2047 तक के भारत की कल्पना की है. यह वह अमृतकाल है जब भारत शांति और समृद्धि के गौरवशाली दौर में आगे बढ़ता है.

Tags: Amit shah, Narendra modi, PM Modi

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