• Home
  • »
  • News
  • »
  • nation
  • »
  • मोहन भागवत ने वोटर्स को दिया चुनावी ज्ञान, कहा- 'NOTA का न करें इस्तेमाल'

मोहन भागवत ने वोटर्स को दिया चुनावी ज्ञान, कहा- 'NOTA का न करें इस्तेमाल'

मोहन भागवत (फाइल फोटो)

मोहन भागवत (फाइल फोटो)

भागवत ने मतदाताओं से पार्टी को वोट देने की अपील करते हुए कहा, 'भारत को कौन जानता है और भारत किसको जानता है'. हमें देखना है कि भारत के लिए कौन सबसे अच्छा है.

  • News18.com
  • Last Updated :
  • Share this:
    (सुहास मुंशी)

    आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने गुरुवार को दशहरा पर्व के मौके पर भाषण में लोगों से आह्वान किया कि वे 'देश तोड़ने' वालों के खिलाफ मतदान करें. उन्‍होंने संघ के स्‍वयंसेवकों से चुनावों के दौरान 100 फीसदी मतदान कराने और 'राष्‍ट्रीय अखंडता' के लिए काम करने वालों को वोट देने की अपील की. भागवत का यह बयान काफी अहम है क्‍योंकि जल्‍द ही पांच राज्‍यों के विधानसभा और अगले साल लोकसभा चुनाव होने हैं और इनके पहले उनका यह आखिरी भाषण है. भागवत का दशहरा भाषण संघ कार्यकर्ताओं के लिए नीति दस्‍तावेज होता है.

    नागपुर में आरएसएस के मुख्‍यालय पर भागवत ने कहा, 'चुनाव नजदीक आ रहे हैं. एक तरीके से इसके जरिए जब हम वोट डालते हैं तो एक दिन के लिए राजा बनते हैं. लेकिन हम यह भी जानते हैं कि चुनाव के उस दिन हम जो निर्णय लेते हैं, उससे कभी-कभी हमारी पूरी जिंदगी पर असर पड़ता है. मतदाताओं को राष्‍ट्रहित को सबसे ऊपर रखते हुए जाति, धर्म, संप्रदाय और भाषा आदि भावनाओं से ऊपर उठकर वोट देना होगा.'

    ये भी पढ़ें: जानिए कैसे तय हुई आरएसएस की प्रार्थना "नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमे"

    भागवत ने मतदाताओं से उस पार्टी को वोट डालने को कहा जो 'भारत को जानती हो और जिसे भारत जानता हो.' उन्‍होंने कहा, 'हमें देखना होगा कि भारत के लिए कौन श्रेष्‍ठ है. कौन है जो भारत के अखंड एकात्‍मीयता के लिए काम करेगा और कौन है जो स्‍वार्थ के लिए भारत के टुकड़े करने से भी पीछे नहीं हटेगा.'

    संघ प्रमुख ने कहा चुनाव आयोग भी ऐसी ही सिफारिश करता है. भागवत ने संघ कार्यकर्ताओं से कहा, 'ऐसा करने के लिए स्‍वयंसेवकों को भी बढ़-चढ़कर प्रयास करना होगा. राष्ट्रीय हितों के लिए स्वयंसेवक ऐसे प्रयास करते रहते हैं. वह इस बार भी ऐसा ही करेंगे.'

    ये भी पढ़ें: मोहन भागवत के बयान पर बोले फरंगी महली- चुनावों से पहले जान-बूझकर कर उठाया जाता है मुद्दा

    भागवत ने मतदाताओं को ईवीएम पर नोटा बटन दबाने पर भी चेताया. उन्‍होंने कहा, 'किसी भी पार्टी में सारे गुण नहीं होते हैं. राष्ट्रीय हित में काम करने के लिए 100 प्रतिशत पारदर्शी होना चाहिए. इसलिए जो श्रेष्‍ठ विकल्‍प हो उसे चुनना चाहिए. यदि आप नोटा का विकल्प चुनते हैं तो वह उस पार्टी के पक्ष में जाएगा तो राष्‍ट्रहित के खिलाफ है. इसलिए नोटा को चुनना सबसे खराब को चुनने जैसा है. इसलिए इस तरह का आत्मघाती कदम न उठाएं.'

    वर्ष 2019 आम चुनाव से पहले पांच राज्यों मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, मिजोरम और तेलंगाना में कुछ ही हफ्तों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. ऐसी संभावना जताई जा रही है कि इन राज्यों में बीजेपी के राह काफी मुश्किल है.

    पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज