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महिलाओं को मार्गदर्शन देने की 'औकात' पुरुषों में नहीं : मोहन भागवत

भाषा
Updated: September 24, 2019, 11:41 PM IST
महिलाओं को मार्गदर्शन देने की 'औकात' पुरुषों में नहीं : मोहन भागवत
संघ प्रमुख मोहन भागवत. ( फाइल फोटो )

मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) ने "भारत में महिलाओं की स्थिति" विषय पर रिपोर्ट जारी की. संघ से जुड़े संगठन ने देश भर में 74,095 लोगों से साक्षात्कार ( Interview) के आधार पर यह रिपोर्ट ढाई साल के सर्वेक्षण (Survey) में तैयार की है. इसे परियोजना निदेशक मनीषा कोटेकर के नेतृत्व में 26 खंडों में तैयार किया गया है.

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नई दिल्ली. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) ने कहा कि महिलाओं के विकास के लिए मार्गदर्शन देने की 'औकात' पुरुषों में नहीं है. उन्होंने कहा कि पुरुषों को इस 'अहंकार' से बाहर निकलना चाहिए कि वे महिलाओं के लिये कुछ कर रहे हैं .

दृष्टि स्त्री अध्ययन प्रबोधन केंद्र द्वारा तैयार "भारत में महिलाओं की स्थिति" विषय पर रिपोर्ट जारी करते हुए भागवत ने कहा कि महिलाओं में सृजन, पालन और विध्वंस की ताकत है. भागवत ने कहा महिलाओं (Women)को अवसर प्रदान करने तथा अवसरों को उपयोग करने का प्रबोधन देने की जरूरत है.

उन्होंने कहा, "महिलाओं के उत्थान के लिये पुरुष वर्ग का बहुत प्रबोधन के की जरूरत है. महिलाओं के लिये कुछ कर रहे हैं, ऐसा अहंकार पुरुषों को नहीं करना चाहिए." भागवत ने कहा कि महिलाओं के विकास और उत्थान का रास्ता तय करने वाला पुरुष नहीं हो सकता है.

स्वामी विवेकानंद की बात की दिया हवाला

उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद (Swami Vivekananda) से एक बार पूछा गया था कि महिलाओं को क्या संदेश देना चाहेंगे ? जवाब में उन्होंने कहा कि महिलाओं को संदेश देने की 'औकात' पुरुषों की नहीं है. संघ प्रमुख ने कहा कि महिलाएं अपनी स्थिति को समझें और बाहर आएं.

उन्होंने कहा कि आज जो रिपोर्ट आई है, उसमें यह कहा गया है कि लोग महिलाओं की बात तो सुनते हैं लेकिन निर्णय करने में कितना अमल करते हैं, यह स्पष्ट नहीं है. भागवत ने कहा कि इसका कारण यह है कि हम महिलाओं की शक्ति को भूल गए हैं. संघ प्रमुख ने कहा कि वह पुरुष वर्ग का आह्वान करते हैं कि आज जो रिपोर्ट जारी हुई है,

संघ ने महिलाओं के हित में बहुत काम किया हैभागवत ने बताया कि मंगलवार को विदेशी मीडिया से संवाद के दौरान उनसे संघ के कार्यों में महिलाओं की सहभागिता के बारे में पूछा गया था. उन्होंने कहा कि इसे बताने में काफी समय लग जायेगा. उनके कार्यों के बारे में एक किताब लिखी जा सकती है.

79 % महिलाएं आत्मविश्वास से भरी हैं
दृष्टि स्त्री अध्ययन प्रबोधन केंद्र द्वारा तैयार रिपोर्ट में कहा गया है कि 79 प्रतिशत महिलाएं अपने प्रति शुद्ध रूप से विश्वास रखती हैं और आशावादी हैं. इसमें इस बात का उल्लेख किया गया है कि संसद के दोनों सदनों की विभाग संबंधी 24 स्थायी समितियों में किसी समिति की अध्यक्षता महिला नहीं कर रही हैं.

79.14 प्रतिशत महिलाओं के पास बैंक खाता है
रिपोर्ट में कहा गया है कि 79.14 प्रतिशत महिलाओं के पास बैंक खाता है. 90.62 प्रतिशत महिलाओं के पास आधार कार्ड, (Aadhar Card) 84.04 प्रतिशत के पास वोटर कार्ड है जबकि 35 प्रतिशत महिलाओं के पास पैन कार्ड हैं. बड़ी संख्या में महिलाओं को गठिया की परेशानी है जबकि काफी संख्या में महिलाएं को रक्त की कमी की समस्या है.

महिलाओं में साक्षरता दर बढ़ी
रिपोर्ट के अनुसार, महिलाओं की साक्षरता दर (Literacy Rate) बढ़ी है लेकिन हाई स्कूल स्तर पर स्कूल बीच में छोड़ने के मामले सबसे अधिक पाये गए हैं . संगठन ने देश भर में 74,095 लोगों से साक्षात्कार के आधार पर यह रिपोर्ट करीब ढाई साल के सर्वेक्षण में तैयार की है. इसे परियोजना ( Project) निदेशक मनीषा कोटेकर के नेतृत्व में 26 खंडों में तैयार किया गया है.

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First published: September 24, 2019, 11:34 PM IST
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