पासपोर्ट के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंची अबु सलेम की एक्स-गर्लफ्रेंड मोनिका बेदी

Utkarsh Anand | News18Hindi
Updated: May 3, 2018, 2:39 PM IST
पासपोर्ट के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंची अबु सलेम की एक्स-गर्लफ्रेंड मोनिका बेदी
मोनिका बेदी की फाइल फोटो

भोपाल पुलिस ने मोनिका को धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर फर्जी पासपोर्ट हासिल करने के आरोप में गिरफ्तार किया था. मोनिका ने फौज़िया उस्मान के नाम से पासपोर्ट बनवाया था.

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लंबे समय तक अबु सलेम की गर्लफ्रेंड रही पूर्व बॉलीवुड अभिनेत्री मोनिका बेदी ने सुप्रीम कोर्ट में 10 साल के पासपोर्ट के लिए अपील की है. इस मामले की सुनवाई अगले सप्ताह होगी. बेदी ने मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के उस फैसले के खिलाफ अपील की है जिसमें कहा गया था कि मोनिका बेदी उर्फ फौजिया उस्मान पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट बनवाने का आरोप है. एमपी हाईकोर्ट ने इस मामले को गंभीर करार दिया था.

बेदी के वकील ने बुधवार को सीजेआई दीपक मिश्रा से अनुरोध किया कि इस पर जल्द से जल्द सुनवाई की जाए. जस्टिस मिश्रा ने इस मामले को अगले सप्ताह सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है. भोपाल पुलिस ने मोनिका को धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर फर्जी पासपोर्ट हासिल करने के आरोप में गिरफ्तार किया था. मोनिका ने फौज़िया उस्मान के नाम से पासपोर्ट बनवाया था.

जब बेदी ने यह पासपोर्ट बनवाया था तब वह 1993 मुंबई बम ब्लास्ट के आरोपी अबु सलेम के साथ रिलेशन में थी. तब बेदी ने अपना धर्म बदलकर अबु सलेम से शादी करने का फैसला किया था. वह अबु सलेम के साथ 2001 में लिस्बन पहुंची थी और इसके एक साल बाद ही दोनों को पुर्तगाल पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था.

सीबीआई ने पुर्तगाल कोर्ट में दोनों के प्रत्यर्पण के लिए आवेदन किया था. दोनों पुर्तगाल की जेल में करीब दो साल रहे जिसके बाद सीबीआई दोनों को भारत लेकर आई. बेदी के खिलाफ धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े के दो आपराधिक मामले दर्ज थे. ट्रायल कोर्ट ने बेदी को बरी कर दिया था. हालांकि पुलिस ने बेदी को बरी किये जाने के खिलाफ दोबारा याचिका दायर की. यह मामला अभी लंबित है.

मोनिका बेदी की याचिका पर 2012 में हाईकोर्ट ने मोनिका को अनुमति दी थी कि वह नियमों के तहत पासपोर्ट ले सकती हैं. बाद में उन्हें सिर्फ एक साल के लिए पासपोर्ट दिया गया. इसके बाद बेदी ने कम अवधि का पासपोर्ट दिये जाने के खिलाफ अपील की थी जिसे पिछले महीने हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया.

बेदी ने दलील दी कि दो निचली अदालतों ने उन्हें बरी किया है इसलिए मुझे निर्दोष मानकर मेरे पक्ष में फैसला दिया जा सकता है. इसके अलावा बेदी ने दलील दी कि उनके बुजुर्ग माता-पिता नॉर्वे में रहते हैं और वह उनसे मिलना चाहती हैं.

इस याचिका में यह भी कहा गया है कि वह एक अभिनेत्री हैं और काम के लिए उन्हें विदेश जाना पड़ता है. केवल एक साल के लिए पासपोर्ट इशू होने की वजह से उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ता है.

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First published: May 3, 2018, 2:34 PM IST
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