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एस्ट्राजेनेका वैक्सीन से हो रहा है ब्लड क्लॉट? भारत में कमेटी करेगी जांच

फ्रांस, इटली और जर्मनी ने एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन पर रोक लगा दी है.  (सांकेतिक तस्वीर)

फ्रांस, इटली और जर्मनी ने एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन पर रोक लगा दी है. (सांकेतिक तस्वीर)

Covid-19 Vaccine: एस्ट्राजेनेका ने अपने कोविड-19 टीके को सुरक्षित करार दिया है. भारत में एस्ट्राजेनेका/ऑक्सफोर्ड का कोविड-19 टीके का उत्पादन सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया ने किया है और ये भारत में चलाए जा रहे टीकाकरण अभियान का हिस्सा है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 16, 2021, 12:33 PM IST
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नई दिल्ली. यूरोप के कई देशों में ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन (Oxford-AstraZeneca) को लेकर कोहराम मचा है. ब्लड क्लॉटिंग की शिकायत के बाद कई देशों ने इस वैक्सीन के इस्तेमाल पर फिलहाल रोक लगा दी है. इस बीच भारत में भी एक शीर्ष कमेटी इस हफ्ते वैक्सीन से होने वाले साइड इफेक्ट का आकलन करेगी. भारत में इन दिनों दो वैक्सीन का इस्तेमाल किया जा रहा है. ऑक्सफोर्ड एस्ट्राजेनेका की कोवाशिल्ड और भारत बायोटेक की कोवैक्सिन.

अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक ICMR में कोविड टास्कफोर्स के प्रमुख का कहना है कि शुरुआती जांच में पता चला है कि इन दोनों वैक्सीन से कोई गंभीर साइड इफ्केट नहीं हो रहे हैं. इसलिए चिंता की कोई बात नहीं है. वैक्सीन की डोज़ के बाद किसी दुष्प्रभाव का पता लगाने के लिए AEFI नाम की एक कमेटी इसकी जांच करेगी. इस हफ्ते वैक्सीन के रिव्यू का काम पूरा कर लिया जाएगा. इस बीच ICMR के डॉक्टर एनके अरोरा का कहना है कि 12-13 मार्च को वैक्सीन की प्रारंभिक समीक्षा की गई थी और इस दौरान उन्हें ब्लड क्लॉटिंग जैसी चीज़ उन्हें नहीं दिखी.

एस्ट्राजेनेका का दावा
इस बीच एस्ट्राजेनेका ने अपने कोविड-19 टीके को सुरक्षित करार दिया है. भारत में एस्ट्राजेनेका/ऑक्सफोर्ड का कोविड-19 टीके का उत्पादन सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया ने किया है और ये भारत में चलाए जा रहे टीकाकरण अभियान का हिस्सा है. एस्ट्राजेनेका ने सोमवार को बयान में कहा कि वो एक बार फिर से अपने कोविड-19 के टीके के सुरक्षित होने के बारे में भरोसा दिलाती है. ये टीका साफ-साफ वैज्ञानिक प्रमाण पर आधारित है. सुरक्षा हमारे लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है और कंपनी अपने टीके की सुरक्षा को लेकर लगातार निगरानी कर रही है.



यूरोप में वैक्सीन को लेकर हंगामा
बता दें कि यूरोप में कई दशों से वैक्सीन लेने के बाद ब्लड क्लॉटिंग की रिपोर्ट आई है. लेकिन एक्सपर्ट का कहना है कि फिलहाल वैक्सीन को ब्लड क्लॉटिंग से जोड़ कर नहीं देखा जाना चाहिए. यूरोपीय संघ के देश और ब्रिटेन में अब तक करीब 17 लाख लोगों को वैक्सीन की डोज़ दी गई है. इनमें से सिर्फ 40 ऐसे केस आए हैं जहां लोगों ने ब्लड क्लॉटिंग की शिकायत की है.
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