अरुणाचल चुनाव: सीएम पेमा खांडू को इस बार चुनौती देगा ये बौद्ध भिक्षु

बौद्ध भिक्षु लोबसान्ग ग्यास्तो को बांध विरोधी एक्टिविस्ट के तौर पर भी जाना जाता है.

News18Hindi
Updated: March 17, 2019, 3:29 PM IST
अरुणाचल चुनाव: सीएम पेमा खांडू को इस बार चुनौती देगा ये बौद्ध भिक्षु
बौद्ध महंत ग्यात्सो
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Updated: March 17, 2019, 3:29 PM IST
प्रांजल बरुआ

अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू को पहली बार विधानसभा चुनाव में अपनी सीट पर किसी का सामना करना होगा. 11 अप्रैल को राज्य में लोकसभा के साथ-साथ विधानसभा चुनाव के लिए मतदान कराया जाएगा. बौद्ध भिक्षु लोबसान्ग ग्यास्तो ने फैसला किया है कि वह खांडू को चुनौती देंगे. लोबसान्ग को बांध विरोधी एक्टिविस्ट के तौर पर भी जाना जाता है.

मुख्यमंत्री खांडू के राजनीतिक करियर की शुरुआत साल 2011 की जून में हुई थी, जब उन्होंने अपने पिता की मृत्यु के बाद तवांग जिले के मुक्ता विधानसभा क्षेत्र से उपचुनाव जीता था. तत्कालीन मुख्यमंत्री दोरजी खांडू एक हेलिकॉप्टर दुर्घटना में मारे गए थे.



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इसके बाद खांडू ने साल 2014 के विधानसभा चुनाव में एक बार फिर 'निर्विरोध’ जीत दर्ज की. फिर पहाड़ी राज्य में एक साल के लंबे राजनीतिक संकट के बाद साल 2016 में उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से मुख्यमंत्री का पद संभाला. बाद में खांडू बीजेपी में शामिल हो गए.

वहीं खांडू को चुनौती देने को तैयार ग्यात्सो कहते हैं, 'वह (खांडू) कभी निर्वाचित नहीं हुए, बल्कि चुने गए. इसका मतलब है, उन्होंने कभी यह नहीं सोचा कि लोगों का दिल कैसे जीता जाए और उन्हें वोट बदला जाए. इसके अलावा, राज्य में एंटी-इनकंबेंसी फैक्टर बहुत अधिक है और मुझे यकीन है, मैं उन्हें कड़ी टक्कर देने जा रहा हूं. उन पर दबाव बनेगा.'

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अरुणाचल प्रदेश में लगभग एक दशक से नियोजित जलविद्युत परियोजनाओं के खिलाफ मुखर होने के बावजूद, ग्यात्सो साल 2016 में तब सुर्खियों में आए, जब उन्हें अरुणाचल प्रदेश के तवांग क्षेत्र में एक बांध-विरोधी आंदोलन के लिए गिरफ्तार किया गया. उनकी गिरफ्तारी से त्वांग पुलिस स्टेशन के बाहर एक विशाल सार्वजनिक रैली के लिए भारी जन आक्रोश इकट्ठा हुआ जिसने उनकी रिहाई की मांग की. पुलिस ने गोलीबारी की और दो भिक्षुओं की मौत हो गई थी. इस मामले की सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हो रहा है.

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अरुणाचल प्रदेश विधानसभा में, सत्तारूढ़ भाजपा के 60 में से 48 विधायक हैं, जबकि विपक्षी कांग्रेस और नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) के पांच-पांच विधायक हैं. अभी विधानसभा में दो निर्दलीय विधायक हैं. 4, 01,601 महिलाओं सहित कुल 7, 94,162 मतदाता राज्य में विधानसभा चुनाव के साथ-साथ 11 अप्रैल को एक साथ संसदीय चुनाव में भी मतदान करेंगे.

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