महाराष्ट्र में मानसून ने दी दस्तक, तटीय इलाकों में हुई बारिश

दक्षिण पश्चिम मानसून महाराष्ट्र में पहुंच गया है. (सांकेतिक तस्वीर)

दक्षिण पश्चिम मानसून महाराष्ट्र में पहुंच गया है. (सांकेतिक तस्वीर)

Monsoon in India: कुछ दिनों पहले मौसम विभाग ने अनुमान जताया था कि मानसून के उत्तर तथा दक्षिण भारत में सामान्य रहने, मध्य भारत में सामान्य से अधिक रहने और पूर्व तथा पूर्वोत्तर भारत में सामान्य से कम रहने का अनुमान है.

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मुंबई. महाराष्ट्र में शनिवार को पहुंचे दक्षिण पश्चिम मानसून (South Western Monsoon) के कारण राज्य के कुछ तटीय इलाकों में बारिश हुई. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (Indian Meteorological Department) के क्षेत्रीय केंद्र की निदेशक शुभांगी भुते ने कहा कि मानसून (Monsoon) उम्मीद के मुताबिक रहा है. उन्होंने कहा, ‘‘दक्षिण पश्चिम मानसून महाराष्ट्र में पहुंच गया है. यह औपचारिक रूप से तटीय रत्नागिरी जिले में हरनाई बंदरगाह में पहुंच गया है. इसके दस्तक देने का वास्तविक क्षेत्र सोलापुर तथा मराठावाड़ा के कुछ हिस्सों तक और उसके बाद तेलंगाना एवं आंध्र प्रदेश तक होता है..’’

शुभांगी ने बताया कि मानसून से इन क्षेत्रों में बारिश आने की उम्मीद है. उन्होंने कहा, ‘‘मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल है.’’ कुछ दिनों पहले मौसम विभाग ने अनुमान जताया था कि मानसून के उत्तर तथा दक्षिण भारत में सामान्य रहने, मध्य भारत में सामान्य से अधिक रहने और पूर्व तथा पूर्वोत्तर भारत में सामान्य से कम रहने का अनुमान है.

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इस साल मानसून सामान्य रहने का पूर्वानुमान
इससे पहले दक्षिण पश्चिम मानसून 2021 के लिए अपना दीर्घावधि पूर्वानुमान जारी करते हुए आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने बताया कि देश में इस साल मानसून सामान्य रहने का पूर्वानुमान है. महापात्र ने कहा कि इसके सामान्य दीर्घावधि औसत (एलपीए) के 96 से 104 प्रतिशत होने की संभावना है. उन्होंने कहा, ‘‘दक्षिण-पश्चिम मानसनू (जून – सितम्बर) की वर्षा सामान्य सामान्य दीर्घावधि औसत (एलपीए) के 96 से 104 प्रतिशत होने की संभावना है.’’

उन्होंने कहा, ‘‘मात्रात्मक रूप से, देश में मानसून की बारिश के एलपीए के 101 प्रतिशत होने की संभावना है.’’ वर्ष 1961-2010 मानसून की बारिश का एलपीए 88 सेंटीमीटर था.

गौरतलब है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून के केरल पहुंचने के साथ ही गुरुवार को राज्य के कई क्षेत्रों के अलावा पड़ोसी लक्षद्वीप के अधिकतर इलाकों में भी बारिश हुई. भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) की ओर से जारी बुलेटिन के मुताबिक गुरुवार से शनिवार तक केरल के कुछ इलाकों में सात से 11 सेंटीमीटर तक बारिश होने का अनुमान है.




बता दें इस बार मानसून दो दिन की देरी से पहुंचा है. आम तौर पर चार महीने तक चलने वाले बारिश के मौसम की शुरुआत केरल में एक जून से होती है.

(Disclaimer: यह खबर सीधे सिंडीकेट फीड से पब्लिश हुई है. इसे News18Hindi टीम ने संपादित नहीं किया है.)

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