मानूसन सत्र 2020: ना शोर शराबा, ना हंगामा, कुछ यूं बीता संसद का पहला दिन

मानूसन सत्र 2020: ना शोर शराबा, ना हंगामा, कुछ यूं बीता संसद का पहला दिन
संसद में मौजूद सांसद (DD News)

Monsoon session: कोरोना काल में संसद का मानसून सत्र शुरू हुआ. इस दौरान वो शोर शराबे और हंगामे देखने को नहीं मिले जो सामान्य जीवन में होता था. विपक्ष भी शांत था और सदन शांति से चला.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 15, 2020, 8:47 AM IST
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नई दिल्ली. कोरोना वायरस (Coronavirus In India) महामारी से जुड़े दिशानिर्देशों का पालन करते हुए सोमवार को संसद के मानसून सत्र (Monsoon Sessin 2020) का शुरू हुआ. इस दौरान पहली बार लोकसभा के सदस्यों ने राज्यसभा (Rajyasabha) में बैठकर सदन की कार्यवाही में हिस्सा लिया. लोकसभा (Loksabha) अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि सामाजिक दूरी की अनुपालना के मद्देनजर लोकसभा के सदस्यों को उच्च सदन में बैठने की अनुमति देने और राज्यसभा के सदस्यों को निचले सदन में बैठने के लिए सुगम बनाने के लिये नियमों एवं प्रक्रियाओं में ढील दी गई है. सोमवार को लोकसभा की कार्यवाही सुबह 9 बजे से दोपहर एक बजे तक हुई जबकि राज्यसभा की कार्यवाही अपराह्न 3 बजे से शाम 7 बजे तक हुई. उन्होंने कहा कि प्रक्रिया के हिस्से के तहत दोनों सदनों के चैम्बरों और दीर्घाओं को उस समय लोकसभा का हिस्सा माना जायेगा जब इस सदन की कार्यवाही चल रही होगी.  359 लोकसभा सांसदों ने सत्र के कुछ हिस्से में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई. राज्यसभा में केवल 180 सांसद मौजूद थे.

बिरला ने कहा कि यह पहला मौका होगा जब ऐसी व्यवस्था की जा रही है. सदस्यों को बैठकर बोलने की अनुमति दी गई है. उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि कुछ सदस्यों को इसमें परेशानी आ सकती है. सोमवार सुबह कार्यवाही शुरू होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अन्य अनेक मंत्री और सदस्य मास्क पहनकर बैठक में पहुंचे और सामाजिक दूरी के नियम का पालन सुनिश्चित की.

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हर सीट के आगे प्लास्टिक शील्ड कवर
सदन में सदस्यों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर सीट के आगे प्लास्टिक शील्ड कवर लगाया गया है. सदन में बैठने की बदली हुई व्यवस्था के बीच कई सदस्यों को उनके स्थान तक पहुंचने में लोकसभा कर्मी मदद करते भी दिखे. लोकसभा चैम्बर में करीब 200 सदस्य मौजूद थे तो लगभग 50 सदस्य गैलेरियों में थे. लोकसभा चैम्बर में ही एक बड़ा टीवी स्क्रीन लगाया गया है जिसके माध्यम से राज्यसभा चैम्बर में बैठे लोकसभा के सदस्य भी नजर आ रहे थे.

गौरतलब है कि कोरोना वायरस महामारी के बीच सामाजिक दूरी सुनिश्चित करने के लिए सदस्यों को लोकसभा चैम्बर, गैलरियों के साथ ही राज्यसभा के चैंबर में भी बैठाया गया है. मानसून सत्र के पहले दिन लोकसभा की कार्यवाही परंपरा के मुताबिक राष्ट्रगान के साथ आरंभ हुई. सदन में सोमवार को विपक्षी सदस्यों ने शोर-शराबा नहीं किया. सदस्यों ने सामाजिक दूरी के निर्देशों का पालन किया. सदन में दूरी बनाकर बैठने की व्यवस्था की गई है और सीटों पर प्लास्टिक का सुरक्षा घेरा लगाया गया है.

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ये नेता संसद में रहे मौजूद
सत्तापक्ष की तरफ पहली पंक्ति में प्रधानमंत्री मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर मौजूद थे. साथ ही पीछे की सीट पर संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और सरकार के कई अन्य मंत्री भी उपस्थित थे. विपक्ष की तरफ सदन में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी और कई अन्य दलों के नेता मौजूद रहे.

हिरासत से रिहा होने के बाद फारूक अब्दुल्ला पहली बार लोकसभा पहुंचे. अधीर रंजन चौधरी, सुप्रिया सुले, दयानिधि मारन और कुछ अन्य सदस्य उनसे गर्मजोशी के साथ मिलते नजर आए. कई अन्य सदस्यों ने भी एक-दूसरे का अभिवादन किया. सदन की कार्यवाही आरंभ होने पर पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, प्रख्यात शास्त्रीय गायक पंडित जसराज, वर्तमान लोकसभा सदस्य वसंत कुमार और 13 पूर्व दिवंगत सदस्यों को श्रद्धांजलि दी गई जिनका पिछले दिनों निधन हो गया. इसके बाद कार्यवाही 9 बजकर 20 मिनट पर एक घंटे के लिए स्थगित की गई. सांसदों की कम मौजदूगी और बिना शोर शराबे के चली संसद पर विपक्ष के एक सांसद ने कहा कि यह ' बिना गैस के कोकाकोला जैसा लगा.'

(भाषा इनपुट के साथ)
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