जानें कर्नाटक के नए CM येडियुरप्पा और विधायकों को कितनी मिलती है सैलरी?

हर राज्य के विधायक (MLA) की सैलरी भी अलग-अलग होती है. अनुच्छेद 164 के अनुसार सैलरी उनके संबंधित राज्य विधायिकाओं द्वारा तय की जाती है. तेलंगाना के विधायकों को सबसे ज्‍यादा सैलरी दी जाती है. वहीं सबसे कम सैलरी त्रिपुरा और मेघालय के विधायकों को दी जाती है.

News18Hindi
Updated: July 29, 2019, 12:11 PM IST
जानें कर्नाटक के नए CM येडियुरप्पा और विधायकों को कितनी मिलती है सैलरी?
कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री बीएस येडियुरप्पा
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Updated: July 29, 2019, 12:11 PM IST
कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री बीएस येडियुरप्पा विधानसभा में फ्लोर टेस्ट देने वाले हैं. इससे पहले रविवार को स्पीकर केआर रमेश कुमार ने 14 बागी विधायकों को अयोग्य करार दे दिया. ऐसे में अयोग्य करार दिए गए कुल विधायकों की संख्या 17 हो गई है. इस बीच कर्नाटक के विधायकों की सैलरी और उनको मिलने वाले अलाउंस को लेकर चर्चा हो रही है. आइए आपको बताते हैं कर्नाटक के नए सीएम बीएस येडियुरप्पा और बाकी विधायकों को कितनी सैलरी मिलती है:-

देश के हर राज्य के मुख्यमंत्री की सैलरी अलग- अलग होती है. ऐसे में हर राज्य के विधायक (MLA) की सैलरी भी अलग-अलग होती है. अनुच्छेद 164 के अनुसार सैलरी उनके संबंधित राज्य विधायिकाओं द्वारा तय की जाती है. तेलंगाना के विधायकों को सबसे ज्‍यादा सैलरी दी जाती है. वहीं सबसे कम सैलरी त्रिपुरा और मेघालय के विधायकों को दी जाती है. तेलंगाना के विधाय‍क हर महीने 2.50 लाख रुपये पाते हैं तो त्रिपुरा के विधायकों को 34 हजार रुपये सैलरी दी जाती है.

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कितनी है कर्नाटक के सीएम येडियुरप्पा की सैलरी?

कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येडियुरप्पा को हर महीने 4 लाख 697 रुपये मिलते हैं. इसके अलावा उन्हें टेलीफोन अलाउंस, कांस्टीट्यूएंसी अलाउंस, पोस्टल चार्ज पीए और रूम बॉय के लिए 18 लाख 14 हजार 709 रुपये अलग से मिलते हैं. इसके अलावा सीएम को अन्य सुविधाएं भी मिलती हैं.

KUMARSWAMY

कितनी है विधायकों की सैलरी?
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कर्नाटक के प्रत्येक विधायक को हर महीने 25 हजार रुपये सैलरी मिलती हैं. इसके अलावा उन्हें 20 हजार रुपये टेलीफोन अलाउंस, 40 हजार रुपये कांस्टीट्यूएंसी अलाउंस, पांच हजार रुपये पोस्टल चार्ज, विधायक के पीए और रूम ब्वॉय के लिए 10 हजार रुपये यानी कुल एक लाख रुपये प्रति महीने मिलता है. इसके अलावा प्रत्येक महीने 40 हजार रुपये कांस्टीट्यूएंसी ट्रैवलिंग अलाउंस भी मिलता है.

विधायकों को मिलती हैं ये सुविधाएं
>>कर्नाटक के हर विधायक को राज्य में मीटिंग में हिस्सा लेने पर 2 हजार रुपये और राज्य से बाहर मीटिंग में हिस्सा लेने पर 2,500 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से मिलते हैं.
>>अगर कोई विधायक किसी होटल में ठहरता है, तो उसको 5 हजार रुपये और लोकल ट्रांसपोर्ट के लिए 1,500 रुपये मिलते हैं.
>>अगर कर्नाटक का कोई विधायक मीटिंग में हिस्सा लेने के लिए यात्रा करता है, तो उसको 25 रुपये प्रति किलोमीटर की दर से ट्रैवलिंग अलाउंस मिलता है, जो एक दिन में अधिकतम 1,500 रुपये होता है.
>>कर्नाटक का हर विधायक को सालभर में प्लेन और ट्रेन से यात्रा करने के लिए 2 लाख रुपये अलग से मिलते हैं. ये पैसा अप्रैल और अक्टूबर में दो इंस्टालमेंट में दिया जाता है. अगर विधायक के साथ कोई और भी यात्रा करता है, तो उसका भी खर्च मिलाकर इसमें शामिल किया गया है.

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कर्नाटक के नए सीएम बीएस येडियुरप्पा


कार के लिए मिलता है 15 लाख का लोन, मौत हो जाने पर कर्जा माफ
अगर कर्नाटक का कोई विधायक कार खरीदता है, तो उसको 15 लाख रुपये तक का लोन 7 फीसदी ब्याज पर मिलता है. अगर कोई विधायक मोटरसाइकिल खरीदता है, तो वह 8 हजार रुपये एडवांस में ले सकता है. वहीं, अगर किसी कारणवश लोन की रकम और ब्याज वापस करने से पहले विधायक की मौत हो जाती है, तो सारा लोन और ब्याज माफ कर दिया जाता है.

विधायकों के परिवार को मेडिकल फैसिलिटी
कर्नाटक के विधायक और उनके परिवार के सदस्यों को वही मेडिकल फैसिलिटी दी जाती है. अगर कोई विधायक या उसके परिवार के सदस्य किसी हॉस्पिटल में इलाज कराते हैं, तो उस पर जो खर्च आता है, उसका भुगतान विधायक को कर दिया जाता है. विधायक के परिवार में पति या पत्नी और 25 साल की उम्र तक के सभी अविवाहित बेटे, बेटी, माता और पिता आते हैं. वहीं, अगर विधायक महिला है, तो उनके सास-ससुर को भी इसके दायरे में आते हैं.

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कंप्यूटर खरीदने के लिए भी मिलते हैं पैसे
अगर कर्नाटक का कोई विधायक कंप्यूटर या टैबलेट खरीदना चाहता है, तो उसे 60 हजार रुपये कंप्यूटर अनुदान मिलता है. इतना ही अनुदान राज्य के मुख्यमंत्री और मंत्रियों को भी मिलता है. कई बार मंत्री विधायक नहीं होते हैं, तो वो भी इसका फायदा ले सकते हैं.

अयोग्य करार दिए जाने के बाद भी विधायकों को मिलती रहेंगी ये सुविधाएं
कर्नाटक में अयोग्य करार दिए गए विधायकों को अभी भी वो सारी सुविधाएं मिलेंगी, जो एक विधायक को रिटायर होने पर मिलती हैं. संविधान के मुताबिक, अगर कोई एक दिन भी विधानसभा का सदस्य रहता है, तो उसको पूरी पेंशन और सभी सुविधाएं मिलती हैं.

सिद्धारमैया और कुमारस्वामी


संविधान के अनुच्छेद 195 के मुताबिक, राज्य का विधानमंडल (विधानसभा और विधान परिषद) समय-समय पर कानून बनाकर अपने सदस्यों की सैलरी और अलाउंस निर्धारित कर सकेगा. कर्नाटक विधानमंडल ने मार्च 2017 को कानून बनाकर विधायकों को मिलने वाली पेंशन और अलाउंस को निर्धारित किया था. इसके तहत हर विधायक को हर महीने 40 हजार रुपये पेंशन मिलेगी. इसके अलावा जो विधायक पांच साल से ज्यादा समय तक कर्नाटक विधानसभा या विधान परिषद का सदस्य रहा है, उसको एक हजार रुपये पेंशन ज्यादा मिलेगी.


अयोग्य विधायकों के पास क्या है ऑप्शन?
अयोग्य करार दिए गए विधायकों के पास पहला ऑप्शन सुप्रीम कोर्ट जाने का है. कोर्ट ने विधायकों को सदन से दूर रहने की इजाजत दी थी. ऐसे में विधायक विश्वनाथ का कहना है कि पार्टी व्हिप का उल्लंघन करने के लिए सदन से उनकी सदस्यता रद्द नहीं की जा सकती.
First published: July 29, 2019, 11:03 AM IST
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