वंदे भारत मिशन: विदेश में फंसे 1.07 लाख भारतीयों की हुई वापसी, 38,000 को लाने की तैयारी

वंदे भारत मिशन: विदेश में फंसे 1.07 लाख भारतीयों की हुई वापसी, 38,000 को लाने की तैयारी
वंदे भारत मिशन के तहत 1.07 लाख से ज्यादा भारतीयों के स्वदेश लाया गया (फाइल फोटो)

विदेश मंत्रालय (Foreign Ministry के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने बताया, ‘‘इस चरण में 31 देशों से 337 अंतरराष्ट्रीय उड़ानों से करीब 38,000 लोगों को लाए जाने की संभावना है.’

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नई दिल्ली. विदेश मंत्रालय (Foreign Ministry) ने गुरुवार को बताया कि सरकार द्वारा 7 मई को वंदे भारत मिशन (Vande Bharat Mission) शुरू किए जाने के बाद से विदेशों में फंसे 1.07 लाख से ज्यादा भारतीय नागरिकों को स्वदेश लाया गया है. मंत्रालय ने कहा कि 13 जून को दूसरा चरण पूरा होने के बाद सरकार तीसरे चरण के लिए तैयारी कर रही है.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने बताया, ‘‘इस चरण में 31 देशों से 337 अंतरराष्ट्रीय उड़ानों से करीब 38,000 लोगों को लाए जाने की संभावना है.’ मिशन के पहले चरण में सात मई से 15 मई तक सरकार 12 देशों से करीब 15,000 लोगों को लेकर आयी. भारतीय नागरिकों को लाने के लिए दूसरा चरण 17 से 22 मई तक था. हालांकि सरकार ने इसकी अवधि 13 जून तक बढ़ा दी.

दूसरे चरण में 103 उड़ानों का संचालन



श्रीवास्तव ने कहा कि विदेश में फंसे हुए भारतीय नागरिकों को लाने के लिए एअर इंडिया ने दूसरे चरण में 103 उड़ानों का संचालन किया. भारतीय नौसना ने भी श्रीलंका और मालदीव से भारतीय नागरिकों को लाने के लिए अभियान चलाया. उन्होंने बताया, ‘‘सात मई को वंदे भारत मिशन शुरू होने के बाद से कुल 454 उड़ानों का संचालन कर फंसे हुए भारतीय नागरिकों को लाया गया. अब तक 1,07,123 भारतीय आ चुके हैं.’
3,48,565 लोगों ने वापस आने के लिए कराया रजिस्ट्रेशन

वतन आने वालों में 17,485 प्रवासी श्रमिक, 11,511 छात्र और 8,633 पेशेवर भी शामिल हैं. उन्होंने कहा कि नेपाल, भूटान और बांग्लादेश सीमा से 32,000 लोग आए. कुल 3,48,565 लोगों ने वापसी के लिए भारतीय मिशनों में पंजीकरण कराया. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि तीसरे चरण में और क्षेत्रों को शामिल किया जाएगा.

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