27 साल, 40 हजार मौतें, ये है हमारे कश्‍मीर का सूरत-ए-हाल

27 साल, 40 हजार मौतें, ये है हमारे कश्‍मीर का सूरत-ए-हाल
Image Source: News18 hindi

एक RTI के जवाब में गृह मंत्रालय ने बताया कि बीते 27 सालों में जम्मू-कश्मीर में 40 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हुई है. इन आंकड़ों में करीब 22 हजार आतंकी हैं. पढ़िए पूरी रिपोर्ट

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बीते साल 8 जुलाई 2016 से हिजबुल कमांडर बुरहान वानी की मौत के बाद कश्मीर में जो हिंसा और पत्थरबाजी का दौर शुरू हुआ है, वो थमने का नाम नहीं ले रहा है.

आतंकी हमले, पत्थरबाजी और सेना की कार्रवाई के चलते घाटी रोज खून-खराबे की गवाह बन रही है. धरती का स्वर्ग कहा जाने वाला कश्मीर, आज गोलियों की आवाज से गूंज रहा है.





हाल ही में एक RTI के जवाब में गृह मंत्रालय ने आंकड़ा जारी करते हुए बताया कि कश्मीर घाटी में साल 1990 से 31 मार्च 2017 के बीच करीब 40 हजार से ज्यादा मौतें हुई हैं.
गृह मंत्रालय के चीफ पब्लिक इनफॉर्मेशन अधिकारी के मुताबिक बीते 27 सालों में करीब 13,491 आम नागरिक और 5055 सेना के जवान आतंकी हमलों में शहीद हुए हैं.

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21 हजार से ज्यादा आतंकी मारे गए
1990 के बाद 27 सालों में सेना की कार्रवाई और आतंकी हमलों में 21,965 आतंकियों को भी मौत के घाट उतारा गया. इन हमलों में 13,502 जवान ऐसे भी थे, जो घायल हुए.

इस दौरान साल 2001 में सबसे ज्यादा 2850 आतंकियों को मार गिराया गया. हालांकि, इसी साल सबसे ज्यादा आम नागरिक (1067) भी मारे गए.

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2006 से कम हुईं आतंकी गतिविधियां
साउथ एशियन टेररिज्म पोर्टल के मुताबिक साल 2006 के बाद कश्मीर में आतंकी हमलों और एनकाउंटर में भारी कमी आई. 2006 से 2013 के बीच करीब 7 सालों में सिर्फ 743 आम नागरिक मारे गए. जबकि 600 से ज्यादा जवान शहीद हुए थे.

कार्रवाई की बात करें तो इन 7 सालों में सेना ने करीब 2288 आतंकियों को मार गिराया था.

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2017 में हुए आतंकी हमले



1990 से लेकर 2017 तक कितने जवान शहीद हुए





कब-कब हुई जवानों के साथ बर्बरता




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