‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ के मुद्दे पर मोदी सरकार के समर्थन में आईं ये पार्टियां

पीएम नरेंद्र मोदी की इस सर्वदलीय बैठक में कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, सपा, बसपा और तेलुगू देशम पार्टी सहित 16 पार्टियां शामिल नहीं हुईं. हालांकि, राकांपा ने बैठक में हिस्सा लिया.

News18Hindi
Updated: June 19, 2019, 10:48 PM IST
‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ के मुद्दे पर मोदी सरकार के समर्थन में आईं ये पार्टियां
सर्वदलीय बैठक में शामिल हुए कई पार्टियों के नेता
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Updated: June 19, 2019, 10:48 PM IST
देश में लोकसभा और विधानसभा चुनावों को एक साथ कराने के मुद्दे पर बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक सर्वदलीय बैठक बुलाई. बैठक में शामिल ज्यादातर पार्टियों ने ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ का समर्थन किया. हालांकि वाम दलों और एआईएमआईएम के नेता असदुद्दीन ओवैसी ने इसे देश के संघीय ढांचे के खिलाफ करार दिया.

शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ का समर्थन करते हुए कमेटी के गठन की बात कही है. वहीं, इस मामले को लेकर तेलंगाना राष्ट्रीय समिति (TRS) के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामा राव का कहना है कि उनकी पार्टी इस मुद्दे पर मोदी सरकार का समर्थन करती है.



LJP-अपना दल ने भी किया समर्थन

लोजपा प्रमुख रामविलास पासवान ने कहा कि ज्यादातर राजनीतिक दलों ने इसका समर्थन किया. एक या दो लोगों ने विरोध किया. प्रधानमंत्री ने कहा है कि इस पर सभी से बात की जाएगी. वहीं अपना दल (एस) के अध्यक्ष आशीष पटेल ने देश में एकसाथ चुनाव कराने के विचार का समर्थन करते हुए कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में इस विचार के अमल में आने के बाद में देश में बहुत सकारात्मक बदलाव होगा.

माकपा, भाकपा व AIMIM ने किया विरोध

सूत्रों के मुताबिक माकपा, भाकपा और एआईएमआईएम ने इसका विरोध किया और कहा कि इससे देश के संघीय ढांचे को नुकसान होगा. ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ के केंद्र सरकार के विचार को असंवैधानिक तथा संघीय व्यवस्था के खिलाफ बताते हुए माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने आरोप लगाया कि यह देश में संसदीय प्रणाली की जगह पिछले दरवाजे से राष्ट्रपति शासन लाने की कोशिश है.

इस मुद्दे पर सभी पक्षों से होनी चाहिए बात
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हालांकि, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि ज्यादातर सदस्यों ने ‘एक देश, एक चुनाव’ के मुद्दे पर समर्थन दिया है. भाकपा और माकपा ने थोड़ी बहुत मत-भिन्नता जाहिर की. उनका कहना था कि यह कैसे होगा, हालांकि उन्होंने एक राष्ट्र, एक चुनाव का सीधे तौर पर विरोध नहीं किया. सूत्रों ने बताया कि राकांपा प्रमुख शरद पवार ने कहा कि सरकार को इस बारे में सभी पक्षों से बात करनी चाहिए और यह बताना चाहिए कि इसे कैसे लागू किया जाएगा.

ये पार्टियां बैठक में नहीं हुईं शामिल

बता दें कि पीएम मोदी ने पांच मुद्दों पर बुधवार को सर्वदलीय बैठख बुलाई थी. इनमें संसद में कामकाज को बढ़ाना, एक राष्ट्र-एक चुनाव, आजादी के 75वें वर्ष में नए भारत का निर्माण, गांधी जी की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजन, आकांक्षी जिलों का विकास पर चर्चा के लिए 40 दलों के प्रमुखों को आमंत्रित किया था. हालांकि इसमें 21 राजनीतिक दल शामिल हुए और तीन दलों आम आदमी पार्टी, शिवसेना और अन्नाद्रमुक ने बैठक में अपना लिखित पक्ष रखा. बैठक में कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, सपा, बसपा और तेलुगू देशम पार्टी सहित 16 पार्टियां शामिल नहीं हुईं. हालांकि, राकांपा ने बैठक में हिस्सा लिया.

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