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निर्भया की मां आशा देवी ने कहा- लड़ना बंद नहीं करूंगी, मरूंगी भी तो लड़ते हुए

News18Hindi
Updated: January 17, 2020, 4:50 PM IST
निर्भया की मां आशा देवी ने कहा- लड़ना बंद नहीं करूंगी, मरूंगी भी तो लड़ते हुए
निर्भया की मां आशा देवी के कांग्रेस के टिकट पर दिल्‍ली चुनाव लड़ने की अटकलें लगाई जा रही थीं. उन्‍होंने खुद चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया है.

निर्भया (Nirbhaya) की मां आशा देवी (Asha Devi) दोषियों को फांसी में हो रही देरी को लेकर आज बीजेपी (BJP) और आम आदमी पार्टी (AAP) पर बिफर पड़ीं. वह पहले भी कई बार कह चुकी हैं कि मैं दोषियों को फांसी पर लटकते हुए देखना चाहती हूं. आज फांसी में देरी पर गुस्‍सा जाहिर करते हुए उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े. साधारण सी घरेलू महिला आशा देवी सात साल से बिना थके, बिना झुके, और बिना डरे निर्भया के लिए न्‍याय की लड़ाई लड़ रही हैं. 

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  • Last Updated: January 17, 2020, 4:50 PM IST
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नई दिल्‍ली. देश की राजधानी (Delhi) की सड़कों पर दौड़ती एक बस में 16 दिसंबर 2012 की रात पैरामेडिक स्‍टूडेंट 'निर्भया' (Nirbhaya) के साथ पांच बालिग और एक नाबालिग ने गैंगरेप किया. इसके बाद उसे बुरी हालत में सड़क पर फेंक कर गायब हो गए. इस सर्द-स्‍याह रात की दहला देने वाली गैंगरेप (Gangrape) की घटना के बारे में जिसे पता चला वो सिहर गया. इसके बाद राजधानी समेत पूरा देश सड़क पर उतर आया. इसी बीच 29 दिसंबर को निर्भया की सिंगापुर (Singapore) के एक अस्‍पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई. इसके बाद निर्भया की मां ने न्‍याय के लिए जंग छेड़ दी. एक बार आशा देवी ने कहा था कि लड़ना बंद नहीं करूंगी. मैं मरूंगी भी तो लड़ते हुए ही.

चुनाव लड़ने की अटकलों को आशा देवी ने किया खारिज
आशा देवी की संघर्ष की कहानी में कोर्ट के चक्कर, फैसले, उम्मीदें, फिर न्यायिक प्रक्रिया, मीडिया के सवाल, सहानुभूति और परेशान करने वाली आवाजें भी जुड़ती चली गईं. आज तो निर्भया की मां आशा देवी दोषियों को फांसी में हो रही देरी को लेकर बीजेपी (BJP) और आम आदमी पार्टी (AAP) पर बिफर पड़ीं. वह कई बार कह चुकी हैं कि मैं दोषियों को फांसी पर लटकते हुए देखना चाहती हूं. आज फांसी में देरी पर गुस्‍सा जाहिर करते हुए उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े. इसी बीच खबर आई कि निर्भया की मां आशा देवी कांग्रेस (Congress) के टिकट पर दिल्‍ली विधानसभा चुनाव 2020 में उतर सकती हैं. बाद में उन्‍होंने चुनाव लड़ने की खबरों को बेबुनियाद करार दिया. उन्‍होंने कहा कि वह चुनाव नहीं लड़ेंगी.

बलिया के मेदौरा कलां गांव से है निर्भया का परिवार



निर्भया का परिवार पूर्वी उत्‍तर प्रदेश (UP) के बलिया जिले के मेदौरा कलां गांव का रहने वाला है. हालांकि, अब निर्भया की मां और पिता बद्रीनाथ (Badrinath) दिल्‍ली में रहते हैं, जबकि दादा गांव में ही रहते हैं. निर्भया का भाई पायलट है. आशा देवी के कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ने के कयास इसलिए भी लगाए जा रहे थे क्‍योंकि उनके बेटे के पायलट बनने में वरिष्‍ठ नेता राहुल गांधी का बड़ा योगदान है. बेटे के पायलट बनने पर आशा देवी ने राहुल गांधी का शुक्रिया किया था. आशा देवी ने कहा था कि निर्भया का भाई अगर आज पायलट बना तो सिर्फ राहुल गांधी की वजह से ही है.

हैदराबाद पुलिस की आशा देवी ने की थी तारीफ
आशा देवी सात साल से बिना थके, बिना झुके, बिना डरे बेटी निर्भया के लिए न्‍याय की लड़ाई लड़ रही हैं. वह न्‍याय में देरी को लेकर हमेशा मुखर रही हैं. हैदराबाद (Hyderabad) में वेटनरी डॉक्‍टर की गैंगरेप के बाद हत्‍या के आरोपियों की पुलिस मुठभेड़ (Police Encounter) में मौत पर उन्‍होंने कहा था कि पुलिस ने ठीक किया. एक बार 2018 में उन्‍होंने कहा था कि अब भी कुछ नहीं बदला है. आज भी हर दिन रेप की घटनाएं हो रही हैं. दिल्ली जैसे शहरों में भी लड़कियां सुरक्षित नहीं है. इसमें बड़ी नाकामी न्याय व्यवस्था की है. आप भले ही हजार कानून बना लें, लेकिन अगर न्याय में देरी होगी तो कोई फायदा नहीं होगा. उन्‍होंने कहा कि निर्भया का मामला 2014 में सुप्रीम कोर्ट में पहुंच गया था और हम आज तक चक्कर लगा रहे हैं.

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First published: January 17, 2020, 4:50 PM IST
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