कोरोना काल में फैली निराशा से उबरने की कला सिखा रहे हैं जितेंद्र खिमलानी

कोरोना काल में फैली निराशा से उबरने की कला सिखा रहे हैं जितेंद्र खिमलानी
इनके कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों ने तनाव, चिंता, रिश्ते की समस्याओं पर काबू पाकर अपने मानसिक स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार का अनुभव किया है.

इनके कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों ने तनाव, चिंता, रिश्ते की समस्याओं पर काबू पाकर अपने मानसिक स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार का अनुभव किया है.

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कोरोना काल में चारो ओर निराशा व्याप्त है. कई नकारात्मक खबरें मन-मस्तिष्क को निराशा से घेर रहे हैं. कई स्तर पर तनाव व्याप्त होने लगे हैं. बीते दिनों लगातार तनाव से परेशान होकर अप्र‌िय घटनाओं को अंजाम देने की खबरें भी सुनाई दे रही हैं. ऐसे में कहते हैं सभी सफल इंसानों में एक चीज आमतौर पर समान होती है, वो हैं उनके लाइफ-कोच या गुरु, जो उन्हें उनकी जिंदगी के लक्ष्यों को प्राप्त कराने में मदद करते हैं. बतौर कोच यह जिम्मेदारी बनती है कि आप लोगों को सर्वश्रेष्ठ करने को प्रेरित करें. इन दिनों ऐसे कई लोग समाज के उत्थान के लिए लोगों के जीवन को सुधारने के लिए काम कर रहे हैं. उन्हीं में एक जितेंद्र खिमलानी हैं. वे श्रीश्री रवि शंकर के आर्ट ऑफ लीविंग फाउंडेशन के एक कोच हैं.

साथ ही वे निजी तौर पर अलग-अलग समयों पर युवाओं, बच्चों, कॉर्पोरेट जगत के लोगों, किशारों और वयस्कों के लिए खुद को विकस‌ित करने के प्रोग्राम चलाते रहते हैं. इसके तहत अब तक वे करीब 30,000 से ज्यादा लोगों की जिंदगियों से जुड़ चुके हैं. इसके इतर वो प्रज्ना योगा संस्‍थान में भी बच्चों को आंतरिक शक्ति को विकसित करने की शिक्षा देते हैं. इसके अलावा गुजरात के कई कॉलेज और विश्वविद्यालयों में छात्र-छात्राओं को अपने सेशन्स से सही दिशा में आगे बढ़ने के लिए अग्रसर करते हैं.

वह एक प्रमाणित न्यूरो-लिंगुएस्‍टिक प्रोग्रामिंग (एनएलपी) व्यवसायी हैं. एनएलपी संचार, व्यक्तिगत विकास और मनोचिकित्सा के लिए एक वैज्ञानिक दृष्टिकोण है. वह एक प्रमाणित बाच रेमेडी व्यवसायी भी है जो कई साल पहले डॉ. एडवर्ड बाक द्वारा विकसित भावनात्मक स्वास्थ्य और संतुलन के लिए प्राकृतिक चिकित्सा की एक प्रणाली है. अपने विविध ज्ञान और चिकित्सा जीवन में महान विशेषज्ञता के साथ, कई लोग अपने जीवन को शारीरिक, भावनात्मक और मानसिक रूप से बदलने के लिए जितेंद्र खिमलानी को श्रेय देते हैं.



इन वर्षों में, अभ्यास से उन्होंने मानव मनोविज्ञान को समझने में भी विशेषज्ञता प्राप्त की है. समाज के विभिन्न वर्गों के लोग जीवन और व्यवसाय से संबंधित मुद्दों को हल करने के लिए उनसे सलाह लेते हैं. उनके कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों ने तनाव, चिंता, रिश्ते की समस्याओं पर काबू पाकर अपने मानसिक स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार का अनुभव किया है और जीवन में बड़े पैमाने पर सफलता हासिल की है. अपनी उद्यमशीलता कौशल पर प्रकाश डालते हुए जितेंद्र खिमलानी बताते हैं कि पहले अपने परिवार के डेयरी व्यवसाय में थे, जिसके बाद उन्होंने परामर्श शुरू किया. विभिन्न प्रतिभाओं के साथ खुद को तलाशते हुए, 26 साल की उम्र में उन्होंने खनन क्षेत्र में अपनी कंपनी शुरू की और डिजिटल मार्केटिंग के व्यवसाय में उनका उद्यम है.
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