MP उपचुनाव: BJP ने 28 में से 25 सीटों पर उतारे कांग्रेस से आए उम्मीदवार, बाकी 3 में क्या है खास?

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से उम्मीदवारों की घोषणा से पहले दिल्ली और भोपाल की बैठकों में काफी समय गुजारा (फाइल फोटो)
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से उम्मीदवारों की घोषणा से पहले दिल्ली और भोपाल की बैठकों में काफी समय गुजारा (फाइल फोटो)

इन नामों की घोषणा किये जाने से पहले इन पर भोपाल (Bhopal) और दिल्ली में इन पर लंबी बातचीत हुई. सीएम शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj Singh Chauhan) ने खुद बीजेपी कार्यालय (BJP Office) में सभी दावेदारों से एक-एक कर बात की थी. यह प्रक्रिया तीन दिनों तक चली थी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 7, 2020, 6:25 PM IST
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नई दिल्ली. बुधवार रात बीजेपी (BJP) ने मध्य प्रदेश उपचुनावों (Madhya Pradesh By-Elections) के लिए सभी 28 सीटों पर प्रत्याशियों (candidates) के नामों की घोषणा की. इसमें उन सभी नेताओं को उम्मीदवारी का टिकट दिया गया है, जो कांग्रेस (Congress) छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए थे. हालांकि कांग्रेस पहले ही 27 सीटों के लिए उम्मीदवारों को मैदान में उतार चुकी है. इससे पहले बसपा (BSP) ने भी 18 सीटों पर अपने उम्मीदवार घोषित किये थे.

इन नामों की घोषणा किये जाने से पहले इन पर भोपाल (Bhopal) और दिल्ली में इन पर लंबी बातचीत हुई. सीएम शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj Singh Chauhan) ने खुद बीजेपी कार्यालय (BJP Office) में सभी दावेदारों से एक-एक कर बात की थी. यह प्रक्रिया तीन दिनों तक चली थी. इसके बाद वे उम्मीदवारों की सूची लेकर दिल्ली (Delhi) रवाना हो गये थे. वहां सभी उम्मीदवारों के नामों पर चुनाव समिति (Election Committee) में चर्चा हुई. शिवराज भी बैठक में शामिल रहे. जबकि वे रविवार को ही मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) लौट आये थे, फिर भी उम्मीदवारों की सूची जारी करने में बीजेपी को दो दिन का समय लगा.

टिकट बंटवारे पर साफ दिखा सिंधिया का प्रभाव
सिंधिया के साथ आये सभी 22 समर्थक विधायकों को फिर से चुनाव लड़ने का टिकट मिल जाने से साफ है कि टिकट बंटवारे में सिंधिया की खास भूमिका रही है. पार्टी सूत्रों के मुताबिक टिकट बंटवारे के लिए पार्टी ने अपने स्तर पर और संघ के स्तर पर सर्वे भी कराया था, जिसमें पार्टी बदल बीजेपी में आये प्रत्याशियों के जीतने की संभावना जताई गई थी. इसी के आधार पर टिकटों का बंटवारा हुआ.
पार्टी सूत्रों की मानें तो सीएम शिवराज पहले ही कह चुके हैं कि वे इन उपचुनावों में 100% परिणाम चाहते हैं और इस दौरान एक-एक सीट उनके लिए अहम है. ऐसे में उन्होंने सभी दावेदारों को खुद जांचा-परखा है. और इसी हिसाब से टिकट बांटे गये हैं. उन्हें ही टिकट मिल सका है, जिनकी जीत की संभावना सबसे अधिक पाई गई. इस प्रक्रिया के दौरान एक-एक सीट को लेकर लंबा विचार-विमर्श चला.





बाकी तीन सीटों के उम्मीदवार कौन हैं?
वैसे कांग्रेस से बीजेपी में आए ये 25 उम्मीदवार लगातार टिकट के प्रबल दावेदार बने हुए थे. सिर्फ तीन सीटों- आगर मालवा, जौरा और ब्यावरा सीटें ऐसी थीं, जिन पर बीजेपी बहुत सोच-विचार कर रही थी. ऐसे में उम्मीदवारों की घोषणा में हो रही देरी को लेकर कांग्रेस नेताओं ने कांग्रेस छोड़ बीजेपी में गये नेताओं के लिए हारने का दावा किया था, और इसे ही देरी की वजह बताया था.

अब जबकि लिस्ट जारी हो चुकी है तो जौरा सीट से सूबेदार सिंह सिकरवार को, ब्यावरा से नारायण सिंह पवार को और आगर मालवा से मनोज ऊंटवाल को बीजेपी ने उम्मीदवार बनाया है. सूबेदार सिंह सिकरवार, नारायण सिंह पवार दोनों ही 2018 में हुए विधानसभा चुनावों में बीजेपी के टिकट पर लड़े थे और हारे थे. वहीं आगर मालवा से उम्मीदवार बने मनोज ऊंटवाल, दिवंगत विधायक मनोहर ऊंटवाल के बेटे हैं. बीजेपी का खेमा उम्मीद कर रहा है कि वे इन उपचुनावों में सिम्पैथी वोट हासिल कर सकेंगे.

मध्यप्रदेश में इसलिए हो रहे हैं उपचुनाव
बता दें कि ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इसी साल मार्च में अपने 22 समर्थक विधायकों के साथ कांग्रेस का दामन छोड़ दिया था और बीजेपी में शामिल हो गये थे. उनके इस कदम से कमलनाथ के नेतृत्व वाली तत्कालीन कांग्रेस सरकार अल्पमत में आ गई थी और कमलनाथ को 20 मार्च को सीएम पद से इस्तीफा देना पड़ा था.

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इसके बाद कांग्रेस के तीन अन्य विधायक भी बीजेपी में शामिल हो गये थे. ऐसे में मध्य प्रदेश की कुल 25 विधानसभा सीटें खाली हो गई थीं. इसके अलावा MP विधानसभा की 3 अन्य सीटें पदासीन विधायकों के निधन के चलते खाली हो गई थीं. ये सीटें हैं आगर, ब्यावरा और जौरा. इन्हीं 28 सीटों के लिए चुनाव करवाये जा रहे हैं.
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